RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

वास्तु अनुसार गर्भवती महिला और शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बरतें सावधानियां

वास्तु अनुसार गर्भवती महिला और शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बरतें सावधानियां

वास्तु अनुसार गर्भवती महिला और शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बरतें सावधानियां
Visual Archive

वास्तु अनुसार गर्भवती महिला और शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बरतें सावधानियां

वास्तु अनुसार गर्भवती महिला और शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए क्या सावधानियां रखनी चाहिए —
वास्तु शास्त्र जिसमें एक भवन निर्माण से लेकर किसी वस्तु को किस स्थान पे रखना चाहिए ये बताया गया है। प्रेग्नेंट स्त्री की सेहत का खास रूप से ख्याल रखा जाता है। 
हमारे समटन /वैदिक/हिन्दू धर्म में कई सारे संस्कार भी है गर्भ को धारण करने से लेकर शिशु के जन्म तक। इसलिए आज हम इसी शास्त्र के अनुसार कुछ आसान वास्तु उपाय जानेंगे जो शिशु और उसके माँ की सेहत के लिए शुभ साबित होगा तथा शिशु गुणवान होगा।
  • जिस समय कोई महिला गर्भवती होती है। उस समय उसका औरों दिनों से ज्यादा ख्याल रखा जाता है। जिससे कि होने वाले बच्चें और मां को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़े। उसके खानपान के साथ-साथ रुटीन चेकअप का भी ध्यान रखा जाता है।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि गर्भवती महिला के सिर्फ खानपान का ही ध्यान नहीं रखना चाहिए बल्कि उसके आसपास कौन सी चीजें रखी है। यह भी ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इसका नकारात्मक और सकारात्मक प्रभाव होने वाले बच्चे और मां पर सबसे अधिक पड़ता है। इसलिए वास्तु शास्त्र के अनुसार जानिए गर्भवती महिला के कमरे में ऐसी कौन सी चीज रखनी चाहिए जिससे कि सकारात्मक ऊर्जा आएं।
  • गर्भावस्था किसी भी महिला के लिए जिंदगी का सबसे खूबसूरत अनुभव है, और साथ ही जीवन के सबसे नाजुक चरणों में से एक है। ऐसे में, वह महिला जो गर्भधारण की कोशिश कर रही हैं या गर्भवती हैं वह इन वस्तु टिप्स को फॉलो कर सकती हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-
  • वह महिलाएं जो गर्भधारण करने की कोशिश कर रही हैं वह घर के उत्तर-पश्चिमी कमरे  का उपयोग करें, क्योंकि यह हवा के तत्व का वर्चस्व है। लेकिन उन्हें इस कमरे का उपयोग तब तक करना चाहिए जब तक कि महिला गर्भवती न हो जाएँ।
  • पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की जब महिला गर्भवती हो जाती है, तो उन्हें एक स्वस्थ्य गर्भावस्था के लिए दक्षिण-पश्चिमी कमरे में चले जाना चाहिए। क्योंकि, गर्भावस्था में इस कमरे में सोना महिला के लिए उचित माना जाता है।प्रेग्नेंसी बिना किसी परेशानी के आसानी से गुजर जाए इसके लिए प्रेग्नेंट महिला को हमेशा दक्षिण-पश्चिम कमरे में ही सोना चाहिए। अगर ऐसा संभव ना हो तो उत्तर-पूर्व दिशा का कमरा भी बेहतर रहेगा। लेकिन गर्भावस्‍था के अंत में गर्भवती महिला को उत्तर-पश्चिम दिशा के कमरे का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

यह भी पढ़ें-वास्तुशास्त्र : आपके घर का वास्तु और उनका फर्नीचर से संबंध

  • गर्भावस्था के नौ महीने तक दोनों ही व्यक्ति को दक्षिण दिशा की ओर सिर कर के सोना सोना चाहिए।
  • पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की  एक गर्भवती महिला को स्वस्थ गर्भावस्था के लिए घर के उत्तर-पूर्वी भाग में ध्यान और एक्सरसाइज करना चाहिए। क्योंकि, इस दिशा में पानी के तत्व का शासन होता है, इसलिए यह आध्यात्मिक रूप से सक्रिय क्षेत्र माना जाता है जहां सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
  • गर्भावस्था के दौरान, महिलाओं को अक्सर थकान और कमजोरी महसूस होती है।
  • ऐसे समय में, उन्हें घर के पूर्वी हिस्से में अधिक समय बिताने की सलाह दी जाती है। वास्तु विशेषज्ञों का मानना ​​है कि घर के इस कोने में भगवान इंद्र का प्रभुत्व होता है। ऐसे में, इस क्षेत्र में गर्भवती महिला के समय व्यतीत करने से उसके रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और साथ ही थकावट और कमजोरी से राहत मिलती है।
  • पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की  गर्भावस्था के दौरान हर दिन घर के दक्षिण-पूर्वी कोने में एक दीपक जलाया जाना चाहिए, इससे माँ और बच्चे के स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

यह भी पढ़ें-जानिए कैसे बनाएं वास्तु द्वारा सास-बहू के मधुर संबंध

  • एक गर्भवती महिला को हमेशा स्वच्छ वातावरण में रहना चाहिए। शायद यही कारण है कि अपने कमरे और घर के अन्य हिस्सों में ताजा फूल लगाना चाहिए।
  • पंडित दयानन्द शास्त्री का मानना ​​है कि गर्भवती महिला के कमरे में प्रचुर मात्रा में प्रकाश और हवा की आवाजाही होनी चाहिए।
  • गर्भावस्था के दौरान, महिला को एक आदर्श रंग और हल्के रंगों वाले कमरे में रहना चाहिए, जैसे कि नीले, हल्के गुलाबी, सफेद के रूप में।
  • गर्भावस्था के दौरान प्रेरणादायी पुस्तकों को पढ़ने से गर्भवती महिला का मन शांत रहता है और उसके बारे में सकारात्मक विचार आते हैं।
  • गुलाबी रंग खुशी और आनंद का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला के कमरे में इस रंग की कोई बड़ी-सी तस्वीर लगाना अच्छा होता है।
  • सफेद रंग शांति और अच्छी हेल्थ का प्रतीक माना जाता है। इसलिए गुलाबी के साथ-साथ सफेद रंग की कोई तस्वीर या शो-पीस भी कमरे में रखना चाहिए।

वास्तुविद दयानंद शास्त्री 

==================================================

रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com– या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta January 7, 2018 5 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

VastuShahstra

वास्तु शास्त्र: चकला-बेलन का वास्तु में प्रभाव

आज के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में वास्तु की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है, हम जो भी कार्य करते हैं उसका प्रभाव हमें वास्तुशास्त्र के अनुसार…

Read now
Astrology

वास्तु के अनुसार किस दिशा में होना चाहिए आपका बेडरूम या शयन कक्ष ?

बेडरूम किस दिशा में होना चाहिए भवन में बेड रूम व शयन कक्ष का महत्वपूर्ण स्थान होता हैं । शयन कक्ष बनाते समय वास्तु के नियमों का पालन…

Read now
VastuShahstra

वास्‍तु के हिसाब से ये पौधे लायेंगे घर में सुख और समृद्धि

वास्‍तु के हिसाब से ये पौधे लायेंगे घर में सुख और समृद्धि घर में हरे भरे पेड़ हो तो खूबसूरती के साथ वातावरण भी सुकून भरा लगता है.…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *