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दादी जानकी के 103वें जन्मदिन पर शांतिवन, ब्रह्माकुमारीज में विशाल कार्यक्रम

दादी जानकी के 103वें जन्मदिन पर शांतिवन, ब्रह्माकुमारीज में विशाल कार्यक्रम

दादी जानकी के 103वें जन्मदिन पर शांतिवन, ब्रह्माकुमारीज में विशाल कार्यक्रम
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दादी जानकी के 103वें जन्मदिन पर शांतिवन, ब्रह्माकुमारीज में विशाल कार्यक्रम

दादी जानकी के 103वें जन्मदिन पर शांतिवन, ब्रह्माकुमारीज में विशाल कार्यक्रम

  • हजारों लोगों ने की दीर्घायु होने की कामना
  • विशाल डायमंड हॉल में समारोह, देश दुनिया से पहुंचे प्रतिनिधि, सांस्कृति प्रस्तुतियों ने मन मोहा

आबू रोड, 1 जनवरी, निसं। नारी शक्ति का प्रतीक विश्व व्यापाी संगठन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी के 103वां जन्मदिन हर्षोल्लास से मनाया गया। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के डायमंड हॉल में हजारों लोगों की उपस्थिति ने दादी के दीर्घायु होने की कामना की।

इस अवसर दादी ने कहा कि उनका जीवन केवल परमात्मा के सहारे है। परमात्मा से मन की डोर बधी होने के कारण वह हमे चलने और कार्य करने की शक्ति देता है। यदि मन की डोर परमात्मा से लग जाये तो व्यक्ति कभी उर्जाहीन नहीं होगा। लोगों की सेवा करने से जीवन में पुण्य जमा हो जाता है। यही लम्बी उम्र हा रहस्य है। हजारों की संख्या में समर्पित बहनें अपने जीवन को धन्य बना रही हैं।

ब्रह्माकुमारीज संस्था की महासचिव बीके निर्वेर ने कहा कि 103 वर्ष की उम्र में आज भी एक्टिव होकर पूरे संस्थान का कार्य भार संभाल रही हैं। दुनिया में ऐसे कम लोग है जो इतनी उम्र में भी इतने बड़े संस्थान की मुखिया है यह गौरव की बात है। उन्होंने दादी को स्वस्थ तथा दीर्घायु होने की कामना की। सिरोही के पूर्व महाराजा रघुबीर सिंह ने कहा कि दादी जैसी हस्ती हमारे सिरोही में है यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है। दादी पूरी दुनिया की दादी हो गयी है।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज संस्था के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन ने कहा कि जिसकी उम्र सौ साल के पार हो जाये वह आज के युग में अजूबा से कम नहीं है। क्योंकि वर्तमान समय में सौ साल की उम्र जी पाना असम्भव है। क्योंकि सौ साल के बाद जो व्यक्ति आध्यात्मिक होता है वह दिव्य हो जाता है। दादी का जीवन भी कमोबेश होता है।

13 फीट उंचे सिंहासन पर बैठी दादी: दादी के सम्मान में 13 फीट उंचा सिंहासन बनाया गया था। इस सिंहासन में चारो ओर देवियों का प्रतिरूप तथा बीच में दादी विराजमान थी। जैसे फूलों की पंखुडिय़ों के बीच दिव्य लग रही थी। उनके आवास से सीधे आयोजन स्थल तक दिव्य रथ बनाकर उसमें झांकी निकालकर लाया गया।


महाराष्ट्र के कलाकारों ने बांधा समा: दादी जानकी के समारोह में महाराष्ट्र से आये कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से समा बांध दिया। वहीं फिल्म अभिनेत्री दिव्य कुमार खोसला ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दादी समेत उपस्थित लोगों का स्वागत किया।

लेजिम के साथ निकली सवारी

दादी के आवास से आयोजन स्थल तक महाराष्ट्र का सुप्रसिद्ध नृत्य लेजिम पर नाचते गाते युवाओं के दल ने चार चांद लगा दिया।


केक काटकर बधाई

सभा में उपस्थित लोग तथा मांचासीन अतिथियों ने केक काटकर कार्यक्रम की बधाई दी। कई स्थानों से आये कलाकारों ने नृत्य से लोगों को भाव विभोर कर दिया।

RW

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By Religion World January 3, 2019 3 min read
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