Chaitra Navratri 2025: दिल्ली का प्राचीन शक्तिपीठ कालकाजी मंदिर
कालकाजी मंदिर दिल्ली का एक प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है, जो देवी काली (महाकाली) को समर्पित है। यह मंदिर न केवल भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है बल्कि ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मंदिर कालकाजी क्षेत्र में नेहरू प्लेस के पास स्थित है और हर साल लाखों श्रद्धालु यहां देवी के दर्शन करने आते हैं, खासकर नवरात्रि के दौरान।
कालकाजी मंदिर की पौराणिक कथा
कालकाजी मंदिर से जुड़ी कथा का उल्लेख पौराणिक ग्रंथों और लोक मान्यताओं में मिलता है। माना जाता है कि जब असुरों का आतंक बढ़ गया था और वे देवताओं को परेशान करने लगे थे, तब सभी देवताओं ने देवी आदि शक्ति की पूजा की। देवी ने महाकाली का रूप धारण करके असुरों का वध किया और पृथ्वी को उनके आतंक से मुक्त कराया।
इसके बाद, इसी स्थान पर देवी काली की स्थापना की गई, और यहीं कालकाजी मंदिर का निर्माण हुआ। इस मंदिर में देवी काली को अत्यंत शक्तिशाली और रौद्र रूप में पूजा जाता है।
मंदिर का इतिहास और निर्माण
कालकाजी मंदिर का निर्माण महाभारत काल से भी जुड़ा माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पांडवों ने भी इस मंदिर में देवी काली की पूजा की थी। हालांकि, वर्तमान मंदिर का निर्माण लगभग 1764 में मराठों द्वारा किया गया था, और बाद में कई शासकों और भक्तों ने मंदिर का पुनर्निर्माण और विस्तार किया।
मंदिर की वास्तुकला
कालकाजी मंदिर की वास्तुकला बेहद आकर्षक है। मंदिर काले पत्थर और संगमरमर से बना है, जो देवी काली के रौद्र और शक्तिशाली स्वरूप को दर्शाता है। मंदिर के अंदर देवी काली की प्रतिमा स्थापित है, जिन्हें भक्त लाल चुनरी, फूल-माला, नारियल और मिठाई चढ़ाते हैं।
कालकाजी मंदिर में विशेष त्योहार और पूजा
नवरात्रि उत्सव:
कालकाजी मंदिर में नवरात्रि का विशेष महत्व है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान यहां भव्य पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन होता है। हजारों भक्त देवी के दर्शन के लिए मंदिर आते हैं और माता रानी को प्रसाद चढ़ाते हैं।मंगलवार और शनिवार की विशेष पूजा:
कालकाजी मंदिर में मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा होती है। इन दिनों भक्त बड़ी संख्या में देवी की आराधना करने आते हैं।
कैसे पहुंचे कालकाजी मंदिर?
मेट्रो से: कालकाजी मंदिर दिल्ली मेट्रो के वायलेट लाइन पर स्थित है। यहां उतरने के लिए कालकाजी मंदिर मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीक है।
सड़क मार्ग: दिल्ली के किसी भी हिस्से से कालकाजी मंदिर आसानी से बस, ऑटो, या टैक्सी द्वारा पहुंचा जा सकता है।
रेलवे स्टेशन: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कालकाजी मंदिर लगभग 14 किलोमीटर दूर है।
मंदिर में पूजा का समय
सुबह: 6:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
शाम: 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक
कालकाजी मंदिर से जुड़ी मान्यताएं
यह माना जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से माता कालका की आराधना करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
नवरात्रि के दौरान माता के भक्त उपवास रखते हैं और विशेष हवन और पूजा में भाग लेते हैं।
~ रिलीजन वर्ल्ड ब्यूरो