मकर संक्रांति क्या है? महत्व, इतिहास और परंपराएं

भूमिका भारत पर्वों की भूमि है, जहाँ हर त्योहार के पीछे कोई न कोई आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक कारण छिपा होता है। मकर संक्रांति ऐसा ही एक पावन पर्व है, जो न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है बल्कि प्रकृति और जीवन के बदलाव का भी प्रतीक है। यह त्योहार सूर्य देव की उपासना और सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत का पर्व माना जाता है। मकर संक्रांति क्या है? मकर संक्रांति वह दिन है जब सूर्य… Continue reading मकर संक्रांति क्या है? महत्व, इतिहास और परंपराएं

 January 13, 2026

क्या स्कूलों में नैतिक शिक्षा जरूरी है?

भूमिका आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तेज़ी से बदलते समाज में शिक्षा को अक्सर केवल अंक, डिग्री और करियर तक सीमित कर दिया गया है। स्कूलों में बच्चों को गणित, विज्ञान, तकनीक और भाषाओं का ज्ञान तो दिया जाता है, लेकिन जीवन जीने की सही दिशा सिखाने वाली नैतिक शिक्षा को अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। ऐसे में यह प्रश्न अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है कि क्या स्कूलों में नैतिक शिक्षा वास्तव में आवश्यक है?… Continue reading क्या स्कूलों में नैतिक शिक्षा जरूरी है?

 January 13, 2026

Is Moral Education Necessary in Schools?

Introduction In today’s fast-paced and competitive world, education is often measured by grades, degrees, and career outcomes. Schools focus heavily on academic achievement, technical skills, and exam performance. While these elements are important, they are not sufficient on their own. A growing concern across societies is the decline in ethical behavior, empathy, respect, and social responsibility among young people. This raises an important question: Is moral education necessary in schools? The answer is a clear… Continue reading Is Moral Education Necessary in Schools?

 January 13, 2026

Happy Lohri 2026: सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में उजाला फैले।

प्रस्तावना लोहड़ी भारत के उत्तर भाग में मनाया जाने वाला एक प्रमुख लोक-धार्मिक पर्व है, जो विशेष रूप से सूर्यदेव, अग्नि देव और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व, पौष माह की पूर्णिमा के आसपास मनाया जाता है। लोहड़ी 2026 केवल उत्सव और आनंद का अवसर नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश भी देता… Continue reading Happy Lohri 2026: सूर्यदेव की कृपा से आपके जीवन में उजाला फैले।

 January 13, 2026

धर्म और शिक्षा का क्या संबंध है?

भूमिका धर्म और शिक्षा—ये दोनों ही मानव जीवन के दो ऐसे स्तंभ हैं, जिन पर समाज की नैतिकता, संस्कृति और भविष्य टिका होता है। अक्सर यह प्रश्न उठता है कि क्या धर्म और शिक्षा अलग-अलग क्षेत्र हैं या एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। आधुनिक समय में शिक्षा को केवल नौकरी और आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाने लगा है, जबकि धर्म को पूजा-पाठ या आस्था तक सीमित कर दिया गया है। लेकिन वास्तव… Continue reading धर्म और शिक्षा का क्या संबंध है?

 January 13, 2026

लोहड़ी में आग की पूजा क्यों होती है? इसका धार्मिक कारण क्या है?

भूमिका भारत में त्योहार केवल उत्सव नहीं होते, बल्कि वे जीवन और प्रकृति के गहरे संबंध को दर्शाते हैं। लोहड़ी उत्तर भारत का एक प्रमुख लोकपर्व है, जो हर वर्ष 13 जनवरी को मनाया जाता है। लोहड़ी 2026 में भी परंपरा के अनुसार अग्नि प्रज्वलित कर उसकी पूजा की जाएगी। प्रश्न यह उठता है कि लोहड़ी में आग की पूजा क्यों की जाती है? क्या यह केवल एक लोक परंपरा है या इसके पीछे कोई… Continue reading लोहड़ी में आग की पूजा क्यों होती है? इसका धार्मिक कारण क्या है?

 January 12, 2026

लोहड़ी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस अग्नि पर्व का रहस्य

भूमिका भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर मौसम और फसल के साथ एक पर्व जुड़ा हुआ है। लोहड़ी उत्तर भारत, विशेषकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में मनाया जाने वाला एक प्रमुख लोक पर्व है। यह त्योहार हर वर्ष 13 जनवरी को मनाया जाता है और शीत ऋतु के अंत तथा नई फसल के आगमन का संकेत देता है। लोहड़ी 2026 न केवल उत्सव का अवसर है, बल्कि प्रकृति, अग्नि और जीवन के प्रति… Continue reading लोहड़ी क्यों मनाई जाती है? जानिए इस अग्नि पर्व का रहस्य

 January 12, 2026

क्या बिना धर्म के नैतिक जीवन संभव है?

सारांश इस लेख में यह समझाया गया है कि अक्सर समाज नैतिकता को धर्म से जोड़ देता है, लेकिन नैतिक होना केवल धार्मिक होने पर निर्भर नहीं है। नैतिकता का अर्थ सही-गलत में फर्क समझना और ईमानदारी, करुणा, न्याय, जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपनाना है। धर्म ने सदियों से इन मूल्यों को सिखाने में भूमिका निभाई है, पर कई बार धार्मिक लोग भी अनैतिक व्यवहार करते हैं—इससे स्पष्ट होता है कि धर्म नैतिकता की गारंटी… Continue reading क्या बिना धर्म के नैतिक जीवन संभव है?

 January 12, 2026

What Is the Difference Between Spirituality and Religion?

In modern discussions about faith, belief, and personal growth, the terms spirituality and religion are often used interchangeably. However, they are not the same. Many people today identify as “spiritual but not religious,” which raises an important question: what is the difference between spirituality and religion, and why does this distinction matter? Understanding this difference helps individuals make sense of their beliefs and choose a path that truly resonates with their inner values. Understanding Religion… Continue reading What Is the Difference Between Spirituality and Religion?

 January 12, 2026

क्या धर्म सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित है?

जब भी धर्म की बात होती है, अधिकतर लोगों के मन में सबसे पहले पूजा-पाठ, मंदिर, मस्जिद, व्रत, उपवास और धार्मिक अनुष्ठान की छवि उभर आती है। बहुत-से लोग मानते हैं कि अगर कोई व्यक्ति पूजा करता है, नियम निभाता है, तो वह धार्मिक है; और अगर नहीं करता, तो वह धर्म से दूर है। लेकिन सवाल यह है कि क्या धर्म वास्तव में सिर्फ पूजा-पाठ तक ही सीमित है? सच यह है कि धर्म… Continue reading क्या धर्म सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित है?

 January 12, 2026

Somnath Temple : जब इतिहास टूटता है, लेकिन आस्था खड़ी रहती है

Somnath Temple : History of Somanth Temple अरब सागर की लहरें आज भी उसी लय में उठती-गिरती हैं, जैसे सदियों पहले उठती थीं। फर्क बस इतना है कि उनके सामने खड़ा सोमनाथ मंदिर अब केवल पत्थरों की संरचना नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक स्मृति बन चुका है। यह स्मृति टूटने की नहीं, बार-बार खड़े होने की है। एक मंदिर, अनेक कालखंड सोमनाथ भारत के उन गिने-चुने स्थलों में है, जहाँ पुराण, इतिहास और वर्तमान एक… Continue reading Somnath Temple : जब इतिहास टूटता है, लेकिन आस्था खड़ी रहती है

 January 11, 2026

सोमनाथ 1000 वर्ष महोत्सव: आस्था, स्वाभिमान और राष्ट्र चेतना का ऐतिहासिक संगम

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व – देश के सम्मान का महोत्सव सोमनाथ (गुजरात): भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ने इतिहास के एक सहस्राब्दी को सजीव कर दिया। यह महोत्सव 1026 ईस्वी में हुए प्रथम आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने तथा स्वतंत्र भारत में मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। अरब सागर के तट पर स्थित यह ज्योतिर्लिंग एक… Continue reading सोमनाथ 1000 वर्ष महोत्सव: आस्था, स्वाभिमान और राष्ट्र चेतना का ऐतिहासिक संगम

 January 11, 2026