बिना अपेक्षा सेवा करना क्यों कठिन है?
सेवा, या सेवा भाव, धर्म और आध्यात्म का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल दूसरों की मदद करने का कार्य है बल्कि व्यक्ति के आत्मिक और नैतिक विकास का भी साधन है। परंतु बिना किसी अपेक्षा या स्वार्थ के सेवा करना हर व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता। आधुनिक जीवन की व्यस्तता, मानसिक तनाव और व्यक्तिगत लालसाएँ अक्सर इस सरल सिद्धांत को जटिल बना देती हैं। आइए समझते हैं कि बिना अपेक्षा सेवा करना… Continue reading बिना अपेक्षा सेवा करना क्यों कठिन है?





