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कावंड़ियों की पाठशाला : स्वच्छता की पढ़ाई

कावंड़ियों की पाठशाला : स्वच्छता की पढ़ाई

कावंड़ियों की पाठशाला : स्वच्छता की पढ़ाई
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कावंड़ियों की पाठशाला : स्वच्छता की पढ़ाई

कावंड़ियों की पाठशाला : स्वच्छता की पढ़ाई

  • शिव भक्तों ने पपेट शोे के माध्यम से सीखे स्वच्छता के गुर
  • परमार्थ निकेतन आश्रम द्वारा शिव भक्तों के लिये जल मन्दिर
  • मेडिकल कैम्प एवं पपेट शो का आयोजन
  • वीडियो संदेश के माध्यम से कावड़ियों को दिया स्वच्छता का संदेश
Photo: Parmarth Niketan
Photo: Parmarth Niketan

ऋषिकेश, 21 जुलाई। कांवड़ियों के लिए स्वच्छता की पाठशाला लगी।परमार्थ निकेेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में कावंडियों एवं शिवभक्तों की सुविधाओं के लिये जल मन्दिर, चिकित्सा सुविधायें एवं वाटर, सेनिटेशन एवं हाईजीन के प्रति जागरूकता लाने के लिये स्वच्छता संदेश, स्वच्छता फिल्म एवं पपेट शो के माध्यम से जागरूकता संदेश प्रसारित किया जा रहा है। शिवभक्तों को शौचालय एवं स्वच्छ जल के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने शिवभक्तों को दिये वीडियो संदेश में कहा, ’खुले में शौच पर्यावरण के लिये काफी घातक है। खुले में शौच से फसल उत्पादन में भी कमी आती है। उन्होने कहा कि दुनिया के विकासशील देशों में सबसे अधिक मृत्यु आंत की बीमारियों के कारण होती है। खुले में शौच के कारण खेतों की मिट्टी से बीज और सब्जियों तक बीमारियां पहुचं रही है और फिर मानव के शरीर तक अतः शौचालय का प्रयोग नितांत आवश्यक है।

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राजाजी नेशनल पार्क नीलकण्ठ मार्ग में परमार्थ परिवार के सदस्य श्री सुनील सिंघल अपने सहयोगीयों के साथ शिवभक्तों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिये पिछले कई दिनों से अपनी सेवायें प्रदान कर रहे है। नीलकंठ मार्ग बाघखाल में परमार्थ निकेतन के चिकित्सक दल प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रहे है।

वृक्षारोपण एवं खुले में शौच से मुक्त भारत के निर्माण के लिये सहयोग हेतु शिवभक्तों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

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इस सेवा कार्य हेतु परमार्थ के प्रबंधक श्री रामअनन्त तिवारी, श्री रवि लाल, श्रीमती शीला लाल, राजेश दीक्षित, लक्की सिंह, भगत सिंह, सैमुअल, रामचरण, विशाल, रेणुका राणा एवं श्वेता का सराहनीय योगदान रहा।

RW

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By Religion World July 21, 2017 2 min read
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