135 साल पुराने बौद्ध मंदिर को दूसरी जगह ‘खिसका’ रहा है चीन
शंघाई के 135 साल पुराने यूफो मंदिर के मुख्य कक्ष को दूसरी जगह स्थापित करने का काम शुरू हो गया है. चीन में पहली बार इस तरह किसी मंदिर के हिस्से को दूसरी जगह रखा जा रहा है.यूफो मंदिर को जेड बौद्ध मंदिर के तौर पर भी जाना जाता है.चीन के आधिकारिक मीडिया की खबर के मुताबिक, इस मंदिर को दूसरी जगह रखे जाने का काम शनिवार को शुरू कर दिया गया था. चीन न्यूज सवर्सि ने खबर दी है कि इस प्रॉजेक्ट के मुताबिक, मंदिर के मुख्य कक्ष को उसकी पुरानी जगह से 30.66 मीटर उत्तर में खिसकाया जाएगा और 1.05 मीटर ऊपर उठाया जाएगा.
बुद्ध की मूर्तियां और दूसरे सांस्कृतिक स्मारकों को एक साथ स्थानांतरित किया जाएगा.खबर में कहा गया है कि पहली बार चीन में इस तरह की परियोजना शुरू हुई है. यह परियोजना 2 हफ्ते में पूरी कर ली जाएगी.सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, मंदिर को स्थानांतरित करने का लक्ष्य ऐतिहासिक वास्तुकला को ज्यादा सुरक्षा और बेहतर संरक्षण उपलब्ध कराना है.
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इस अतिसंवेदनशील काम के लिए, इंजिनियरों ने पहले कक्ष को उसकी मूल नींव से काटा और फिर इसे एक प्लेटफॉर्म की मदद से उठाया गया.अगले कुछ दिनों में, कक्ष को नई नींव पर रखा जाएगा.अंदर स्थापित बुद्ध की प्रतिमाओं को सुरक्षित रखना इस परियोजना का सबसे मुश्किल भाग है.चूंकि, इस प्राचीन ढांचे की नींव कमजोर हो गई है, तो कोई भी हलचल नींव को नष्ट कर सकती है.सन् 1882 में बना यह मंदिर शंघाई के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है.इसे देखने हर साल 20 लाख से ज्यादा लोग आते हैं.
Video: Buddhist Temple of China
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