7 मार्च, ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन द्वारा आयोजित 32वां अन्तर्राष्ट्रीय ऑनलाइन योग महोत्सव का आज शुभारम्भ हुआ। उद्घाटन अवसर पर उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी का शुभकामना संदेश प्रसारित किया गया।
साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव की निदेशक डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती जी, योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती जी और देश विदेश से जुड़े योगाचार्यो और योग जिज्ञासुओं ने ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के उद्घाटन सत्र में सहभाग किया।
वार्षिक योग महोत्सव
परमार्थ निकेतन में होने वाला 32 वां वार्षिक योग महोत्सव कोविड-19 के कारण ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी के योग महोत्सव का स्वरूप बदला है परन्तु उसके मूल में जो संदेश है वह यथावत है।
7 से 14 मार्च तक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित परमार्थ निकेतन योग महोत्सव में विगत वर्षो की तरह ही विश्व के 25 से अधिक देशों के 90 से अधिक पूज्य संत, महापुरूष, विद्वान, योगाचार्य, योग जिज्ञासुओं का ऑनलाइन मार्गदर्शन करेंगे ताकि हजारों साधक इससे लाभांवित हों सके।
उत्तराखंड की राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य जी ने अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुये कहा कि परमार्थ निकेतन पूरी दुनिया को योग सिखा रहा है जिससे लोग स्वस्थ हो रहें हैं और आध्यात्मिकता से जोड़ रहें हैं।
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इस 7 से 14 मार्च के बीच अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के माध्यम से मानवता, सुख, शान्ति और स्वस्थ रहने के संदेश दे रहें हैं इस हेतु मैं पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज को शुभकामनायें देती हूँ।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने संदेश देते हुये कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण देश – विदेश से आने वाले प्रतिभागियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य कई तरह की समस्याओं को देखते हुंये इस वर्ष प्रतिभागियों के घरों तक योग को पहुंचाने हेतु ऑनलाइन योग महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिभागी अपने घरों में सुरक्षित रहकर योग, ध्यान, सत्संग, मां गंगा एवं पूज्य संतों का दर्शन एवं मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से योग
चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि वर्ष 2021 में ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से विश्व विख्यात योगाचार्यों द्वारा प्रमुख रूप से अष्टांग योग, अयंगार योग, हठ योग, राज योग, भक्ति योग, कर्मयोग, गंगा योग, विन्यास योग, कुण्डलिनी योग, जीवमुक्ति योग, सिन्तोह योग, सेमैटिक योग, लीला योग, डीप योग आदि एक सप्ताह तक प्रस्तुत किये जायेंगे।
इसके अतिरिक्त ध्यान, मुद्रा, वैदिक मंत्र, संस्कृतवाचन, आयुर्वेद, सांउड हीलिंग, रेकी, दर्शन, आयुर्वेद, होम्योपैथी चिकित्सा, व्याख्यान, प्रवचन तथा इंटरैक्टिव सत्रों का आयोजन किया जायेगा। देश-विदेश के आध्यात्मिक गुरू, महापुरूषों एवं धर्मगुरूओं द्वारा धार्मिक सवांद, जिज्ञासा समाधान एवं प्रश्नोत्तरी का भी विशेष आयोजन इस ऑनलाइन अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में किया जायेगा।
तनावमुक्ति सत्रों का भी आयोजन
पूज्य स्वामी जी ने बताया कि कोविड-19 के दौरान लगभग पूरे विश्व के लोगों ने मानसिक तनाव का सामना किया इसलिये इस वर्ष हमारा उद्देश्य है कि तनाव नियंत्रण हेतु विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाये तथा तथा इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने के लिये विशेष आहार की जानकारी आहार विशेषज्ञों द्वारा दी जायेगी साथ ही संगीत, ध्यान और मंत्र जप से तनाव मुक्ति आदि विशेष सत्रों का आयोजन भी किया जा रहा है।
ऑनलाइन योग महोत्सव को सभी के अनुकुल, सहज और उपयोगी बनाने के लिये अनेक विशेष अद्भुत प्रयोग किये गये हैं ताकि प्रतिभागियों को यह अनुभव हो कि वे देवत्मा हिमालय की गोद और माँ गंगा के पावन तट पर ही योग का अभ्यास कर रहें हैं।
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