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गुरुद्वारा दांगमार साहिब को बचाने उतरी दिल्ली कमेटी

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गुरुद्वारा दांगमार साहिब को बचाने उतरी दिल्ली कमेटी

गुरुद्वारा दांगमार साहिब को बचाने उतरी दिल्ली कमेटी

 नई दिल्ली, 23 अगस्त; सिक्किम के गुरुद्वारा दांगमार साहिब के अस्तित्व को बचाने के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सरगर्म हो गई है. कमेटी अध्यक्ष मनजीत सिंह जी.के. ने आज इस मसले के हल के लिए शुरू की गई सियासी एवं कानूनी पहल की जानकारी दी. इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव आर.पी. सिंह भी मौजूद रहे. गुरुद्वारा कमेटी गुरुद्वारा साहिब के अस्तित्व को बचाने के लिए पूर्वोत्तर राज्यों के मामलों के मंत्री डा. जितेन्दर सिंह के साथ मुलाकात करेगी.

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साथ ही तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा के साथ भी जल्द मुलाकात करने का ऐलान किया. जीके  ने कहा कि दिल्ली कमेटी इस मसले पर हर प्रकार का सहयोग सिक्किम सरकार को देने के लिए तैयार है. गुरुद्वारा दांगमार साहिब और मोनेस्टी एक स्थान पर ही पिछले लंबे समय से चल रहें हैं तथा इस स्थान पर ग्रंथी आदि ना होने की भी जानकारी है. लिहाजा, जरूरत पडऩे पर दिल्ली कमेटी ग्रंथी भी भेजने के लिए तैयार है.

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जी.के. ने कुछ पुस्तकों के हवाले से उक्त स्थान पर गुरूनानक साहिब की चरणछोह प्राप्त होने का दावा किया.  जी.के. ने सिक्किम के कई बौद्ध स्थलों पर गुरू नानक साहिब की पूजा होने का दावा करते हुए 1970 में चुंगथांन स्थित रहे फौजी अधिकारी डा. दलविन्दर सिंह ग्रेवाल द्वारा किये गये खुलासों का भी जिक्र किया.

बता दें कि श्री गुरूनानक देव द्वारा उत्तरी सिक्किम के गुरू दांगमार झील में समुद्री सतह से लगभग 17,500 फुट की ऊंचाई पर बर्फ के रूप में जमें हुए पानी को लाठी मार कर बाहर निकाला था. इसके बाद वहां रहते बौद्ध धर्म से संबंधित लामा गुरू नानकदेव जी नानक लामा के नाम से पुकारते हैं.

 

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लेकिन, बीते दिनों गुरुद्वारा दांगमार साहिब का समान बाहर निकाल कर स्थानीय एसडीएम ने नीचे स्थित गुरुद्वारा चुंगथुंग में भेज दिया था. इस अवसर पर कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, धर्मप्रचार कमेटी के चेयरमैन कुलमोहन सिंह, कमेटी सदस्य परमजीत सिंह राणा, विक्रम सिंह, निशान सिंह मान तथा प्रवक्ता परमिन्दर पाल सिंह मौजूद थे.

विडियो देखें- सौजन्य azaadsikhmedia

https://youtu.be/nJLfX_QPE60

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By Shweta August 23, 2017 3 min read
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