वर्ल्ड टाॅयलेट काॅलेज में स्वच्छता का महत्व प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन- चन्द्रेश्वर नगर की महिलाओं व युवा छात्राओं ने किया सहभाग
- परमार्थ निकेतन विश्व शौचालय काॅलेज में एक दिवसीय स्वच्छता कार्यशालाओं की श्रृंख्ला का किया जा रहा है आयोजन
- श्रीगणेश चतुर्थी की शुभकामनाओं के साथ माटी के गणेशजी सृजन करने का दिया संदेश
- सात दिनों से प्रवाहित हो रही श्रीमद् भागवत अमृत ज्ञान धारा का आज समापन
- स्वच्छ भारत एवं खुले में शौच से मुक्त भारत के निर्माण हेतु एक कदम नहीं बल्कि हर कदम समर्पित – स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 25 अगस्त। परमार्थ निकेतन में स्थित विश्व शौचालय कॅॅालेज में स्वच्छता का महत्व कार्यशाला का आयोजन किया गया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के सह-संस्थापक एवं गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने स्वच्छता का दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का उद्घाटन किया।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आम जनता को स्वच्छता का महत्व समझाने के साथ भारत में स्वच्छता से जुड़ी मुख्य चुनौतियों से अवगत कराना। युवा छात्रों एवं महिलाओं की स्वच्छता अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करना तथा प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता के सात घटकों के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान कराना। स्वच्छता एवं स्वास्थ्य का आपस में सम्बध, जीवन में शौेचालय का क्या महत्व है एवं अपने आस-पास के लोगों को किस प्रकार स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सकता है इस विषय पर विस्तृत जानकारी दी गयी। साथ ही हाथ धोने के सही तरीेके व इसका जीवन में महत्व प्रशिक्षण का मुख्य विषय रहा।

इस कार्यशाला में सहभाग करने आये प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुये पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा, ’स्वच्छता जीवन का अंग है। बापू ने साफ-सफाई और ईश्वर भक्ति को बराबर की संज्ञा दी है। अतः हम सभी मिलकर इस देश व्यापी अभियान में अपना एक कदम ही नहीं बल्कि हर कदम समर्पित करे ताकि स्वच्छ भारत और खुले में शौच से मुक्त भारत का निर्माण शीध्र हो सके। पूज्य स्वामी जी श्री गणेश चतुर्थी की शुभकामनायें देते हुये सभी से माटी के गणेश जी की स्थापना करने का आहृवान किया। उन्होने कहा कि प्लास्टर आॅफ पेरिस से निर्मित मूर्तियों को जल मेेें विसर्जित करने पर जल से आॅक्सीजन कम हो जाती है अतः हमें श्रद्धा एवं आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण पर भी ध्यान देना चाहिये।’
पूज्य स्वामी जी ने चन्द्रेश्वर नगर से आये प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी द्वारा संचालित स्वच्छ भारत अभियान के सफल कार्यान्वयन के लिये सहयोग की अपिल की तथा स्वच्छता को अंगीकार करने का संकल्प कराया।

परमार्थ प्रांगण में सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का आज समापन हुआ। समापन के अवसर पर यजमान परिवार और सभी श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि यहां से वापस जाकर कथा की याद में पौधा रोपण अवश्य करेंगे। पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी साधकों को पर्यावरण एवं जल संरक्षण तथा अपने-अपने पितृों की याद में पेड़ लगाने का संकल्प कराया। साधकों ने कहा कि पूज्य स्वामी जी ने ’पितृ तर्पण पेड़ अर्पण’ का जो संदेश दिया है उसे हम अपने जीवन में धारण करेंगे।
स्वच्छता का महत्व प्रशिक्षण कार्यशाला में चन्दे्रश्वर नगर की महिलाओं एवं छात्राओं ने सहभाग किया। कार्यक्रम निदेशक स्वामिनी आदित्यनन्दा सरस्वती जी के निर्देशन में डाॅ रविन्द्र बोहरा, जेम्स टोपो एवं विशाल भट्ट ने प्रतिभागियों का प्रशिक्षित किया एवं रेणुका राणा, संदीप गौर, हरिओम शर्मा एवं श्रुति पंत ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
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