350वें प्रकाश पर्व के शुकराना समारोह का मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने किया उद्घाटन

- समारोह में बहुद्देशीय प्रकाश केंद्र एवं उद्यान निर्माण योजना का मुख्यमंत्री ने किया शिलान्यास
पटना, 23 दिसम्बर 2017, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज पटना के बाईपास स्थित टेंट सिटी के दरबार हॉल में सर्वंशदानी दशमेश गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश पर्व के शुकराना समारोह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह का शुभारंभ अरदास और गुरुवाणी से हुआ।


इसके बाद तख्त श्रीहरिमंदिर पटना साहिब द्वारा मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को सरोपा, गुलदस्ता और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से बहुउद्देशीय प्रकाश केंद्र और उद्यान निर्माण योजना का शिलान्यास किया। गुरु सर्किट पर आधारित कॉफी टेबुल बुक और गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के जीवन पर आधारित कॉफी टेबुल बुक के हिंदी संस्करण का विमोचन भी मुख्यमंत्री ने किया। पर्यटन विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार ने प्रतीक चिन्ह भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया, जबकि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी की ओर से कुलमोहन सिंह ने मुख्यमंत्री को सरोपा और पुष्प-गुच्छ भेंटकर उनका अभिनंदन किया।


स्वामी चिदानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री को शॉल और पौधा भेंट किया। मुख्यमंत्री सहित सभी धर्मगुरुओं ने एक साथ हाथ उठाकर उपस्थित लोगों को मानवता का संदेश दिया। वाहे गुरु जी की खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह, मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने शुकराना समारोह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन की शुरुआत इसी पंक्ति से की। मुख्यमंत्री ने शुकराना समारोह में शरीक होने के लिये देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आये सिख श्रद्धालुओं को नमन एवं अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश पर्व समारोह में सम्मिलित होने वाले सभी सिख श्रद्धालुओं को हृदय से धन्यवाद। उन्होंने कहा कि मैं तो अपना सौभाग्य मानता हूँ कि सर्वंशदानी दशमेश गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350वें प्रकाश पर्व का आयोजन एवं उसके शुकराना समारोह का आयोजन करने का अवसर हमें मिला है। यह हम सब लोगों का धर्म और कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज की जन्म स्थली पटना साहिब है और यहां भव्य तरीके से प्रकाश पर्व का आयोजन हो रहा है इसलिए हमें गर्व की अनुभूति हो रही है। यह हम सब बिहारवासियों के लिए भी गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सेवा करने का अवसर मिला है और हम पूरी तन्मयता से श्रद्धालुओं की सेवा कर भी रहे हैं लेकिन उससे ज्यादा महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रकाश पर्व के जरिए हमें गुरु की सेवा करने का मौका मिला है। उन्होंने ये भी कहा कि पहले देश और देश के बाहर बिहार की एक अलग छवि बनी थी और लोग कुछ अलग तरह की बातें बिहार के बारे में सोचा करते थे लेकिन 350वें प्रकाश पर्व में देश और देश के बाहर से जो श्रद्धालू बिहार आए और यहां जो उन्होंने देखा और समझा, उसके बाद लोगों का बिहार आने का सिलसिला शुरु हो गया। 350वें प्रकाश पर्व में बिहारवासियों की सेवा भावना देखकर आने वाले श्रद्धालुओं की न सिर्फ सोच बदली बल्कि बिहार के प्रति उनकी जो सोच थी, वह भी बदल गई। उसके बाद हमलोगों ने तय किया कि 350वें प्रकाश पर्व का शुकराना समारोह कर लोगों का शुक्रिया अदा करेंगे, जिसका भव्य स्वरूप आज हम सबके सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाश पर्व के आयोजन को लेकर छह-सात साल पहले ही हम लोगों के मन में यह बातें आयी थी और आगे जाकर इसमें सिख समुदाय के लोगों ने प्रकाश पर्व के आयोजन में अपना पूरा सहयोग दिया। इसका नतीजा है कि प्रकाश पर्व का आयोजन पूरे भव्य तरीके से हो सका और बिहार की सकारात्मक छवि देश-दुनिया के सामने है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि तख्त श्रीहरिमंदिर साहिब, बाल लीला गुरुद्वारा और गुरु का बाग को सुंदर बनाने में लगे सेवादारों का वह हृदय से अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार पर हमलोगों को नाज है, जो सर्वधर्म सम्भाव की भूमि है। यहां भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, भगवान महावीर की जन्मस्थली, ज्ञानस्थली और निर्वाण स्थली, यही बिहार की भूमि रही है और गुरु गोविंद सिंह भी इसी बिहार में पैदा हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाश पर्व के मौके पर इस भव्य आयोजन में हमें अपना पूरा सहयोग दें। पीर भीखन शाह की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीर भीखन शाह ने अपने अनुयायियों को कहा था कि पूरब दिशा में दैवीय प्रकाश का अवतार हुआ है और उन्होंने बालक गोविंद राय के समक्ष दूध और पानी से भरी एक कटोरी रखी, जिसको गोविंद राय ने एक साथ छूकर सर्वधर्म सम्भाव का संदेश दिया। भिखना पहाड़ी वही ऐतिहासिक भूमि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पैदा हुए गोविंद राय सर्वंशदानी दशमेश पिता बन गए, जिन्होंने पूरे परिवार का दान कर दिया यह कोई मामूली बात नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके संघर्ष, त्याग और बलिदान पर हमें नाज है। अपने पिता और खुद के साथ पुत्रों को भी इस देश के लिए और समाज की भलाई के लिए प्राण न्योक्षावर कर दिया। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय के लोगों की आबादी 2 प्रतिशत है लेकिन योगदान अगर देखा जाए तो सेना में 20 प्रतिषत सिख समुदाय के लोग हैं, जो देश की रक्षा करते हैं। वहीं हरित क्रांति में सबसे बड़ा योगदान सिख समुदाय के लोगों का ही रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति, प्रशासन, खेल, संस्कृत हर जगह सिख समाज का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि पांच तख्तों में एक पटना साहिब भी है, यह गौरव की बात है।


केंद्रीय राज्य मंत्री श्री एसएस अहलूवालिया का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अहलूवालिया साहब बेगूसराय के ही हैं और वे ठेठ बिहारी हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग गुरु सर्किट का विकास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु से जुड़ी जगहों जैसे पटना साहिब का तख्त श्री हरमंदिर साहिब, पटना सिटी का गुरुबाग, पटना का बाललीला साहब, दानापुर का हांडी साहिब, गायघाट का गुरु तेगबहादुर साहिब गुरुद्वारा, राजगीर का गुरुनानक कुंड, मुंगेर का गुरु पच्चीस संगत के अलावा आरा, कटिहार, नवादा, गया, सासाराम एवं भागलपुर के अन्य गुरुद्वारों एवं धार्मिक स्थलों को एक साथ जोड़कर “गुरु सर्किट” के विकास का निर्णय बिहार सरकार ने लिया है। उन्होंने कहा कि गुरु के बाग के समीप बहुद्देशीय प्रकाश केंद्र की स्थापना की जाएगी, जो आने वाली पीढ़ी दश्मेश पिता के त्याग एवं बलिदान से सीख लेगी और मत्था टेकेगी। बिहार सरकार यह प्रयास कर रही है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को इन सारी जगहों का एक साथ भ्रमण करने का मौका मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु सर्किट के विकास से संपर्कता एवं सुविधाजनक अवसर को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकीय सुविधाओं का विकास होगा, जिससे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। बहुद्देशीय प्रकाश केंद्र की स्थापना गुरु के बाग के समीप की जा रही है। यह राज्य सरकार के एग्रीकल्चर बोर्ड की भूमि थी, जिसे सरकार ने जरुरी कानूनी उपाय कर उपलब्ध कराया। इसके लिए डिजायन को फाइनल कर लिया गया है। इसमें केंद्र सरकार का भी सहयोग है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को गुरु जी के जीवन, उनके उपदेश, कर्म एवं त्याग की जानकारी मिलेगी। अद्भुत लंगर की व्यवस्था की गई है, जिसमें लाखों श्रद्धालु लंगर को प्रतिदिन छक रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेंट सिटी कंगन घाट, गुरु के बाग, बाल लीला में जिस तरह सेवादार, सेवा कर रहे हैं, उसके लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूॅ। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व का आयोजन किया गया है, इसके साथ-साथ अप्रैल 2017 से बापू के चंपारण सत्याग्रह का शताब्दी समारोह भी मनाया जा रहा है। हमलोग प्रेम और सद्भाव का संदेश देना चाहते हैं। जैसा कि लोकेश मुनी जी और चिदानंद स्वामी जी ने बताया कि बिहार में समाज सुधार का काम चल रहा है। न्याय के साथ विकास के पथ पर बिहार अग्रसर है। शराबबंदी पूरी मुस्तैदी से लागू की गई है। शराबबंदी और नशामुक्ति के साथ-साथ बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ हमलोग अभियान चला रहे हैं। हमलोगों को पूरा विश्वास है कि गुरु की कृपा से बिहार के विकास को और तेज गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं से आशीर्वाद मांग रहा हूं कि मजबूती से जिस अभियान में हमलोग लगे हुए हैं, उसमें सफल हों। श्रद्धालुओं की सेवा हमलोग करते रहेंगे। बिहार एक गरीब राज्य है, पिछड़ा राज्य है, अगर हमलोगों से सेवा में कोई कमी रह गई होगी तो हमलोगों को माफ कीजिएगा, और संभव हुआ तो दूर करने की कोशिश करुंगा। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने बाइपास स्थित टेंट सिटी में सामूहिक लंगर भी छका तथा लंगर में अपनी सेवा भी दी। लंगर छकने के बाद मुख्यमंत्री ने तख्त श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा जाकर मत्था टेका। प्रबंधन कमेटी ने मुख्यमंत्री को सरोपा देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री कंगन घाट भी गए और वहां पर रह रहे श्रद्धालुओं का कुशलक्षेम पूछा और व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। शुकराना समारोह के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को चिदानंद स्वामी, जैन धर्म के प्रतिनिधि आचार्य लोकेश मुनि, जत्थेदार इकबाल सिंह, केन्द्रीय राज्य मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता श्री एसएस अहलूवालिया, केंद्रीय राज्य मंत्री शहरी आवास एवं विकास विभाग सरदार श्री हरदीप सिंह पुरी, उप मुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री प्रमोद कुमार, पथ निर्माण मंत्री श्री नंदकिशोर यादव, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री श्री रामनारायण मंडल, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री पीके ठाकुर उपस्थित थे। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 350 वें शुकराना समारोह की भव्य तैयारी में उत्कृष्ट योगदान और समर्पित सेवा भावना के लिए पुलिस महानिदेशक श्री पीके ठाकुर, बिहार के पूर्व मुख्य सचिव श्री जीएस कंग, पटना प्रमंडलीय आयुक्त श्री आनंद किशोर, जिलाधिकारी श्री संजय कुमार अग्रवाल, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मनु महाराज, आईपीएस पदाधिकारी सुश्री स्याली धूरत, को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
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