RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

वर्ष 2018 का पहला रवि-पुष्य संयोग : सौभाग्य का योग

वर्ष 2018 का पहला रवि-पुष्य संयोग : सौभाग्य का योग

वर्ष 2018 का पहला रवि-पुष्य संयोग : सौभाग्य का योग
Visual Archive

वर्ष 2018 का पहला रवि-पुष्य संयोग : सौभाग्य का योग

वर्ष 2018 का पहला रवि-पुष्य संयोग : सौभाग्य का योग

हम सभी जानते हैं कि नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। यह शुभ मुहूर्त खरीददारी के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस बार पुष्य नक्षत्र 22 अप्रैल 2018 को है। साथ ही इस दिन गंगा सप्तमी भी है। पुष्‍य नक्षत्र के दिन किए गए हर कार्य का उत्तम फल प्राप्त होता है।

यदि आप कोई वस्तु खरीदना चाहते हैं और उसे फलदायी बनाना चाहते हैं तो उसे पुष्य नक्षत्र में खरीदिए। हिन्दू धर्म में व्रत, पर्व और त्योहार हैं और सबका अपना एक अलग महत्व होता है। इन सभी पर्वों में मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। हर शुभ कार्य के लिए अलग-अलग मुहूर्त होते हैं, लेकिन कुछ मुहूर्त ऐसे होते हैं जो हर कार्य के लिए विशेष होते हैं। इन्हीं में से एक है, पुष्यनक्षत्र जिसे खरीदारी से लेकर अन्य शुभ कार्यों तक शुभ माना जाता है।

पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना गया है। यह अत्यन्त शुभ नक्षत्र है। प्रभु श्रीराम का जन्म-नक्षत्र होने के कारण पुष्य नक्षत्र की विशेष प्रतिष्ठा है। पुष्य नक्षत्र जब गुरुवार एवं रविवार के दिन होता है तब इसे गुरु-पुष्य एवं रवि-पुष्य संयोग के नाम से जाना जाता है। यह सभी कार्यों के लिए शुभ व श्रेष्ठ मुहूर्त होता है। वर्ष 2018 में केवल 3 रवि-पुष्य और 2 गुरु-पुष्य संयोग बन रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस वर्ष में रवि-पुष्य व गुरु-पुष्य शुभ संयोग कब-कब बनेगा।

वर्ष का पहला रवि-पुष्य संयोग

वर्ष 2018 का पहला रवि-पुष्य शुभ संयोग दिनांक 22 अप्रैल को बनने जा रहा है। इसके अतिरिक्त 20 मई एवं 17 जून को भी रवि-पुष्य शुभ संयोग बनेगा।

विशेष उपाय –  यदि रवि पुष्य नक्षत्र पर मोती शंख में जल भरकर लक्ष्मी जी की मूर्ति के पास रखा जाए तो अन्नपूर्णा देवी अत्यंत खुश होती हैं।

  • रवि पुष्य योग के  समय माँ लक्ष्मी जी के धन प्राप्ति के मंत्र का जप कमलगट्टे की माला के साथ 108 बार करें। आपके लिए धन के द्वार खुल जाएंगे।
  • माँ लक्ष्मी को कमल पुष्प अत्यंत प्रिय है अत:उनकी पंचोपचार पूजा विधि या षोडशोपचार पूजा में कमल पुष्प और सफ़ेद मिठाई अर्पित करें।
  • इस पुष्य नक्षत्र के समय अपामार्ग के पौधे का माथे पर तिलक लगाने से आपकी सम्मोहन शक्ति बढ़ेगी। इससे आपकी बातें दूसरे मानने लगेंगे।
  • इस शुभ मुहूर्त में यदि आप धन संचय करने वाली तिजोरी में अपामार्ग की जड़ रखेंगे तो यह तिजोरी आपके लिए भाग्यशाली और धन खींचने का साधन बन सकती है।
  • यह दिन माला से मंत्र जप का सही दिन माना जाता है, आप किसी मंत्र को जाप द्वारा सिद्ध कर सकते हैं। रवि पुष्य योग २२ अप्रैल  सायं 6 बजकर 18 मिनिट से 23 अप्रैल शाम 5 बजकर 03 मिनिट तक रहेगा।

==============

पं. विशाल दयानंद शास्त्री

ज्योतिषाचार्य

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Religion World April 22, 2018 3 min read
Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *