मुंबई, 18 मार्च; महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने आश्वासन दिया है कि कोरोना वायरस की जांच के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में सात और प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी।यह जानकारी उन्होंने निजी समाचार एजेंसी से बात करते हुए दी.
कोविड-19 के संदिग्ध मामलों की जांच के लिए अभी केवल मुंबई, नागपुर और पुणे में तीन प्रयोगशालाएं हैं।
टोपे ने निजी समाचार एजेंसी से बात करते हुये कहा , ‘‘केईएम, जेजे अस्पताल और हाफकिन संस्था में जल्द यह जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।अगले पांच दिन में इनके शुरू होने की संभावना है।”
उन्होंने कहा कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी। देश में कोरोना के सबसे अधिक 42 मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं।
टोपे ने कहा कि सरकार राज्य द्वारा संचालित नासिक, धुले, औरंगाबाद और मिरज (सांगली जिला) मेडिकल कॉलेज में चार नयी प्रयोगशालाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है।
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उन्होंने बताया कि पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) की ओर से जरूरी तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण मुहैया कराया जाएगा। यह संस्थान इन प्रयोगशालाओं को कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए मान्यता भी प्रदान करेगा।
मंत्री ने कहा, ” मैं एनआईवी और नायडू अस्पतल का दौरा करूंगा, जहां मरीज भर्ती हैं। एनआईवी दौरे के दौरान में व्यापक तौर पर चर्चा करूंगा कि कैसे प्रयोगशाला का गठन किया जाए, नमूनों का समन्वय और डेटा प्रोसेसिंग हो।”
इन अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए पहले ही पृथक वार्ड हैं। मंत्री ने स्वीकार किया कि नागपुर के मेडिकल कॉलेज में आवश्यक किट की कमी थी, जहां कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, ”यह सच है कि वहां किट की कुछ कमी है। जांच के लिए किट की आपूर्ति भारत सरकार कर रही है और हमने अधिक संख्या में किट की मांग की है।”
टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र किट की आपूर्ति के लिए अलग से आदेश दे सकता है, लेकिन राज्य केंद्र सरकार के परामर्श का सख्ती से पालन कर रहा है।
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