RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

चैत्र नवरात्र2020: जानिए घट स्‍थापना, शुभ मुहूर्त और व्रत नियम

चैत्र नवरात्र2020: जानिए घट स्‍थापना, शुभ मुहूर्त और व्रत नियम

चैत्र नवरात्र2020:  जानिए घट स्‍थापना, शुभ मुहूर्त और व्रत नियम
Visual Archive

चैत्र नवरात्र2020: जानिए घट स्‍थापना, शुभ मुहूर्त और व्रत नियम

चैत्र नवरात्र हिन्‍दुओं के प्रमुख त्‍योहारों में से एक हैं. चैत्र नवरात्र के के साथ ही हिन्‍दू नव वर्ष की शुरुआत होती है . नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है.



नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद पवित्र माना जाता है. इस दौरान लोग देवी के नौ रूपों की आराधना कर उनसे आशीर्वाद मांगते हैं. मान्‍यता है कि इन नौ दिनों में जो भी सच्‍चे मन से मां दुर्गा की पूजा करता है उसकी सभी इच्‍छाएं पूर्ण होती हैं.

हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार हर साल चैत्र  महीने के पहले दिन से ही नव वर्ष की शुरुआत हो जाती है. साथ ही इसी दिन से चैत्र नवरात्रि  भी शुरू हो जाती हैं. इसे महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा के तौर पर भी जाना जाता है. कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस पर्व को उगादि  के रूप में मनाया जाता है.

चैत्र नवरात्रि कब हैं?
हिन्‍दू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्र हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होते हैं. इस बार चैत्र नवरात्र 25 मार्च 2020 से शुरू होकर 2 अप्रैल 2020 को खत्‍म हो रहे हैं. राम नवमी 2 अप्रैल 2020 को मनाई जाएगी.

घट स्‍थापना की तिथि और शुभ मुहूर्त
घट स्‍थापना की तिथि:
 25 मार्च 2020
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 24 मार्च 2020 को दोपहर 2 बजकर 57 मिनट से
प्रतिपदा तिथि समाप्‍त: 25 मार्च 2020 को शाम 5 बजकर 26 मिनट तक
घट स्‍थापना मुहूर्त: 25 मार्च 2020 को सुबह 6 बजकर 19 मिनट से सुबह 7 बजकर 17 मिनट तक
कुल अवधि: 58 मिनट

यह भी पढ़ें-Navratri 2020 : चैत्र नवरात्रि 2020 : नौ दिन, तीन योग

25 मार्च 2020: नवरात्रि का पहला दिन, प्रतिपदा, कलश स्‍थापना, चंद्र दर्शन और शैलपुत्री पूजन.
26 मार्च 2020: नवरात्रि का दूसरा दिन, द्व‍ितीया, बह्मचारिणी पूजन.
27 मार्च 2020:  नवरात्रि का तीसरा दिन, तृतीया, चंद्रघंटा पूजन.
28 मार्च 2020: नवरात्रि का चौथा दिन, चतुर्थी, कुष्‍मांडा पूजन.
29 मार्च 2020: नवरात्रि का पांचवां दिन, पंचमी, स्‍कंदमाता पूजन.
30 मार्च 2020: नवरात्रि का छठा दिन, षष्‍ठी, सरस्‍वती पूजन.
31 मार्च 2020: नवरात्रि का सातवां दिन, सप्‍तमी, कात्‍यायनी पूजन.
1 अप्रैल 2020: नवरात्रि का आठवां दिन, अष्‍टमी, कालरात्रि पूजन, कन्‍या पूजन.
2 अप्रैल 2020: नवरात्रि का नौवां दिन, राम नवमी, महागौरी पूजन, कन्‍या पूजन, नवमी हवन, नवरात्रि पारण



नवरात्रि व्रत के नियम
अगर आप भी नवरात्रि के व्रत रखने के इच्‍छुक हैं तो इन नियमों का पालन करना चाहिए.
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्‍थापना कर नौ दिनों तक व्रत रखने का संकल्‍प लें.
पूरी श्रद्धा भक्ति से मां की पूजा करें.
दिन के समय आप फल और दूध ले सकते हैं.
शाम के समय मां की आरती उतारें.
सभी में प्रसाद बांटें और फिर खुद भी ग्रहण करें.
फिर भोजन ग्रहण करें.
हो सके तो इस दौरान अन्‍न न खाएं, सिर्फ फलाहार ग्रहण करें.
अष्‍टमी या नवमी के दिन नौ कन्‍याओं को भोजन कराएं. उन्‍हें उपहार और दक्षिणा दें.
अगर संभव हो तो हवन के साथ नवमी के दिन व्रत का पारण करें.

You can send your stories/happenings here: info@religionworld.in

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta March 24, 2020 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

चैत्र नवरात्रि: शक्ति, साधना और नए वर्ष का पावन पर्व

चैत्र नवरात्रि: शक्ति, साधना और नए वर्ष का पावन पर्व हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह उत्सव…

Read now
Hinduism

दक्षिण भारत की शक्तिपीठ मसानी अम्मन: स्वास्थ्य, धन और सुरक्षा की देवी

दक्षिण भारत की शक्तिपीठ मसानी अम्मन: स्वास्थ्य, धन और सुरक्षा की देवी दक्षिण भारत की भूमि प्राचीन देवी-उपासना की समृद्ध परंपरा के लिए जानी जाती है। तमिलनाडु, केरल…

Read now
Hinduism

कन्या पूजन करने का सबसे आसान तरीका क्या है?

कन्या पूजन करने का सबसे आसान तरीका क्या है? नवरात्रि के अंतिम दिनों में किया जाने वाला कन्या पूजन हर भक्त के लिए अत्यंत पावन और आवश्यक अनुष्ठान…

Read now