नवरात्रि में जहां घर में देवी दुर्गा को नौ दिनों तक स्थापित किया जाता है, कलश स्थापना की जाती है, अखंड दीप जलाया जाता है वहीं नौ दिनों तक व्रत भी रखा जाता है।
भक्तजन घर में पूजा करने के साथ ही देवी मां के मंदिर जाकर दर्शन भी करते हैं जो इस बार कोरोना वायरस की वजह से नहीं हो पाएगा और इस दौरान हमें घर से निकलने से बचना भी चाहिए।
हम घर में रहकर भी पूजा-पाठ सकते हैं और कई ऐसे खास काम भी कर सकते हैं जिससे देवी मां प्रसन्न हो सकती है।
तो आइये यहां जानते हैं कि कैसे हम घर पर रहकर ही चैत्र नवरात्रि में कौन-कौन से शुभ काम कर सकते हैं जिससे मां दुर्गा प्रसन्न होंगी और हमें मनचाहा वरदान देंगी।
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करदर्शन से करें सुबह की शुरुआत
सबसे पहले तो नवरात्रि के पहले दिन की शरुआत हमें शुभ तरीके से करनी चाहिए। जैसे हम रोज सुबह उठते ही सबसे पहले हाथों के दर्शन करते हैं वैसे ही इस दिन भी करना चाहिए। इसे करदर्शन कहते हैं।
इस दौरान ये मंत्र बोलें-
कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
इस मंत्र से दिन की शुरुआत शुभ होती है।
स्नान मन्त्र का करें जाप
इसके बाद नहाते समय स्नान मंत्र का जाप करना चाहिए। ये मंत्र है –
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिंधु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।
इस मंत्र के जाप से घर पर तीर्थ स्नान का पुण्य मिल सकता है।
सूर्य मन्त्र का जाप
स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं और ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें। सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना चाहिए।
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कैसे करें पूजा का आरंभ
चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा से पहले गणेशजी की पूजा करें। गणेशजी प्रथम पूज्य देव हैं इसीलिए हर शुभ काम की शुरुआत इनकी पूजा से ही करनी चाहिए।
देवी दुर्गा की प्रतिमा को स्वच्छ जल से स्नान कराएं। इसके बाद वस्त्र अर्पित करें। फूल चढ़ाएं। अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। माता को लाल चुनरी चढ़ाएं। नारियल अर्पित करें।
घर में बने हलवे का भोग लगाएं। माता के सामने धूप-दीप जलाएं।
दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। दुर्गा सप्तशती के पाठ में समय अधिक लगता है। अगर आपके पास समय कम है तो दुं दुर्गायै नम: मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।
मंत्र जाप रुद्राक्ष की माला की मदद से करना चाहिए। पूजा में माता को फलों का भोग लगाएं और पूजा के बाद फलों का वितरण करें।
चैत्र नवरात्रि में रोज देवी पूजा के बाद घर के आसपास ही किसी गरीब व्यक्ति को धन और अनाज का दान करें।
अगर संभव हो सके तो वस्त्रों का दान भी करें। छोटी कन्याओं को मिठाई खिलाएं।
नवमी पर यानी 2 अप्रैल को घर के आसपास की छोटी कन्याओं की पूजा करें। कन्याओं को घर बुलाएं और भोजन कराएं।
भोजन के बाद कन्याओं को दक्षिणा दें। वस्त्र दें। छोटी कन्याओं को देवी मां का स्वरूप माना गया है। इसी वजह से नवरात्रि में इनकी पूजा करने की परंपरा प्रचलित है।
तो ऐसे विधि-विधान से पूजा करके आप कोरोना वायरस की वजह से मंदिर गए बगैर भी पूजा का शुभ फल पा सकते हैं।
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