भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर रोक के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है.
याचिका जगन्नाथ संस्कृति जागरण मंच ने दायर की है जिसमें कहा गया है कि जगन्नाथ यात्रा को केवल पुरी में निकालने की इजाजत मिले.
याचिका में कहा गया है कि यात्रा सदियों पुरानी परंपरा जिसमें करोड़ों लोगों की आस्था है. इस याचिका में मांग की गई है कि पुरी की मुख्य रथयात्रा को अनुमति दें.
आग्रह किया गया है कि यह यात्रा निकालने और पूजा के लिए लाखों लोगों को नहीं, केवल 500-600 लोगों को इजाजत मिले जो कोरोना संकट के मद्देनजर जारी बचाव संबंधी गाइडलाइन और आपसी दूरी का पूरा ख्याल रखेंगे.
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संकट के चलते ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ यात्रा निकालने और उससे जुड़ी गतिविधियों पर कल गुरुवार को रोक लगा दी थी.
यह 23 जून को होनी थी. रथयात्रा जिसमें 10 से 12 लाख लोगों के जमा होने की उम्मीद थी, यह करीब 10 दिन कार्यक्रम चलता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए आदेश जरूरी है.
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने भगवान जगन्नाथ से माफी मांगी. चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर हम इसकी इजाजत देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ नहीं करेंगे. महामारी के समय ऐसे आयोजन नहीं हो सकते हैं. लोगों के स्वास्थ्य के लिए आदेश जरूरी है.
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह एक एनजीओ ने याचिका दायर कर कहा था कि राज्य सरकार यात्रा पर रोक के आदेश का फैसला नहीं ले पा रही है और यात्रा की तैयारियों का कमा बड़े जोर से चल रहा है जिसमें लाखों लोगों की भीड़ जुटेगी जिससे कोरोना महामारी फैलने का खतरा बना रहेगा.
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