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कालाष्टमी 2025: क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है?

कालाष्टमी 2025: क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है?

कालाष्टमी 2025: क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है?
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कालाष्टमी 2025: क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है?

कालाष्टमी 2025: क्यों मनाई जाती है और इसका महत्व क्या है?

कालाष्टमी हिंदू धर्म का एक पवित्र दिन है, जो हर मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इसे महाकालाष्टमी भी कहा जाता है और यह भगवान भैरव की आराधना का विशेष पर्व है। भैरव, भगवान शिव का उग्र और रक्षक स्वरूप माने जाते हैं, जो भक्तों के सभी प्रकार के भय, रोग और बाधाओं का नाश करते हैं। कालाष्टमी, जिसे महाकालाष्टमी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण तिथि है जो भगवान भैरव को समर्पित होती है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, लेकिन मार्गशीर्ष और माघ मास की कालाष्टमी का विशेष महत्व होता है। 2025 में कालाष्टमी 24 जनवरी, 22 फरवरी, 24 मार्च, 22 अप्रैल, 21 मई, 19 जून, 19 जुलाई, 17 अगस्त, 16 सितंबर, 15 अक्टूबर, 14 नवंबर और 13 दिसंबर को पड़ने वाली है।

कालाष्टमी का महत्व

कालाष्टमी के दिन भगवान भैरव की पूजा करने से जीवन में नकारात्मक ऊर्जा, भय और दुश्मनों से रक्षा मिलती है। यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ माना जाता है जो जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सफलता की चाह रखते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कालाष्टमी पर पूजा करने से शनि, राहु और केतु जैसे अशुभ ग्रहों का प्रभाव भी कम होता है।

कौन मानते हैं कालाष्टमी

कालाष्टमी का व्रत और पूजन भारत के कई राज्यों में विशेष रूप से मनाया जाता है — जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और हिमाचल प्रदेश। यह पर्व खासतौर पर उन लोगों द्वारा माना जाता है जो भगवान शिव और उनके रौद्र रूप भैरव के उपासक हैं।

पूजा विधि

  1. सुबह स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें।

  2. भगवान भैरव के मंदिर जाएं या घर में उनकी तस्वीर/मूर्ति के सामने दीप जलाएं।

  3. काले तिल, तेल, नारियल, और पान अर्पित करें।

  4. कुत्ते को भोजन कराना इस दिन विशेष शुभ माना जाता है, क्योंकि कुत्ता भैरव का वाहन है।

  5. ‘ॐ कालभैरवाय नमः’ मंत्र का जप करें।

कालाष्टमी से जुड़े धार्मिक विश्वास

कहा जाता है कि इस दिन भगवान भैरव पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच विचरण करते हैं और उनकी रक्षा करते हैं। जो भक्त सच्चे मन से उपासना करते हैं, उन्हें भय और संकट से मुक्ति मिलती है।

कालाष्टमी 2025 की तिथि

कालाष्टमी 2025 में हर माह अलग-अलग तिथियों पर पड़ेगी, लेकिन प्रमुख महाकालाष्टमी मार्गशीर्ष मास में मनाई जाएगी, जो सबसे अधिक पुण्यदायी मानी जाती है।
~ रिलीजन वर्ल्ड ब्यूरो

RW

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By Religion World August 12, 2025 3 min read
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