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प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की वृंदावन में भेंट, विश्व शांति पर चर्चा

प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की वृंदावन में भेंट, विश्व शांति पर चर्चा

प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की वृंदावन में हुई मुलाकात में विश्व शांति, अहिंसा, शांति शिक्षा और युवा पीढ़ी के आध्यात्मिक विकास पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

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प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की वृंदावन में भेंट, विश्व शांति पर चर्चा

प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की भेंट: विश्व शांति और युवाओं के आध्यात्मिक विकास पर सार्थक संवाद

वृंदावन/नई दिल्ली, 6 फरवरी 2026प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की वृंदावन में हुई भेंट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान दोनों संतों ने विश्व शांति, शांति शिक्षा और युवा पीढ़ी के आध्यात्मिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर और सार्थक चर्चा की।

अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश वृंदावन के एकदिवसीय प्रवास पर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रख्यात आध्यात्मिक संत पूज्य प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की। यह भेंट केवल औपचारिक नहीं रही, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श का माध्यम बनी।

प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन

चर्चा के दौरान दोनों संत इस बात पर सहमत दिखे कि आज के समय में धर्म को अध्यात्म से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उनका मानना रहा कि स्थायी वैश्विक शांति का मार्ग केवल आध्यात्मिक चेतना से ही प्रशस्त हो सकता है।

इस अवसर पर जैन आचार्य लोकेश ने प्रेमानंद जी महाराज से कहा, “यूक्रेन–रूस संघर्ष को समाप्त करने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास किए जा रहे हैं। आप प्रार्थना करें कि ये प्रयास शीघ्र सफल हों।” इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने स्पष्ट कहा कि ऐसा सकारात्मक परिणाम आध्यात्मिक मार्ग से ही संभव है।

अहिंसा और जैन धर्म पर लेख

प्रेमानंद जी महाराज ने कहा, “नीतियों से मात्र विश्व शांति स्थापित नहीं हो सकती। यह तभी संभव है जब मानव मन शुद्ध हो। जब व्यक्ति भीतर से शांत होगा, तभी समाज, राष्ट्र और विश्व में शांति स्थापित हो सकेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी को प्रेम, करुणा और सेवा पर आधारित आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित करना समय की बड़ी आवश्यकता है।

वहीं, जैन आचार्य लोकेश ने रेखांकित किया कि अहिंसा केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक जीवन-पद्धति है। उनके अनुसार विश्व शांति के लिए अंतरधार्मिक संवाद, करुणा और सहयोग को संस्थागत रूप दिया जाना चाहिए। साथ ही, शांति शिक्षा को औपचारिक शिक्षा व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।

दोनों संतों की चर्चा में यह सुझाव भी सामने आया कि युवाओं के लिए आध्यात्मिक नेतृत्व कार्यक्रम शुरू किए जाएं। इसके अलावा विद्यालयों में नैतिक शिक्षा और शांति-आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया।

ऐसे समय में जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ता दिखाई दे रहा है, प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश का यह संवाद समाज में सद्भाव, करुणा और शांति को मजबूत करने की दिशा में एक प्रेरक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की भेंट की फोटो
प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की भेंट की फोटो

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रेमानंद जी महाराज और जैन आचार्य लोकेश की मुलाकात कहां हुई?

यह मुलाकात वृंदावन में हुई, जहां जैन आचार्य लोकेश एकदिवसीय प्रवास पर पहुंचे थे।

इस भेंट में किन विषयों पर चर्चा हुई?

दोनों संतों ने विश्व शांति, शांति शिक्षा और युवा पीढ़ी के आध्यात्मिक विकास जैसे विषयों पर चर्चा की।

जैन आचार्य लोकेश ने क्या अपील की?

उन्होंने यूक्रेन–रूस संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों की सफलता के लिए प्रार्थना करने की अपील की।

प्रेमानंद जी महाराज ने विश्व शांति को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि केवल नीतियों से विश्व शांति संभव नहीं, बल्कि मानव मन की शुद्धि और आंतरिक शांति जरूरी है।

युवाओं के लिए क्या सुझाव दिया गया?

युवाओं के लिए आध्यात्मिक नेतृत्व कार्यक्रम शुरू करने और विद्यालयों में नैतिक व शांति-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया।

Source – Press Release

RW

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By Religion World February 6, 2026 3 min read
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