RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

अयोध्या: राम मंदिर परिसर के 14 उप मंदिरों के दर्शन आज से शुरू, जानें पूरी व्यवस्था

अयोध्या: राम मंदिर परिसर के 14 उप मंदिरों के दर्शन आज से शुरू, जानें पूरी व्यवस्था

अयोध्या: राम मंदिर परिसर के 14 उप मंदिरों के दर्शन आज से शुरू, जानें पूरी व्यवस्था
Visual Archive

अयोध्या: राम मंदिर परिसर के 14 उप मंदिरों के दर्शन आज से शुरू, जानें पूरी व्यवस्था

राम मंदिर परिसर के 14 उप मंदिरों के दर्शन आज से शुरू 

रामनगरी अयोध्या से करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। आज से राम मंदिर परिसर में स्थित सभी 14 उप मंदिरों के दर्शन आम भक्तों के लिए शुरू कर दिए गए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अब मुख्य रामलला के दर्शन के साथ-साथ परिसर में बने अन्य प्रमुख मंदिरों के भी दर्शन कर सकेंगे।

किन-किन मंदिरों के दर्शन शुरू हुए?

राम मंदिर परिसर में अब श्रद्धालु परकोटे के 6 मंदिर, सप्तर्षि मंदिर, शेषावतार मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन कर पाएंगे।

इसके अलावा, भक्तों को

  • भगवान गणेश,
  • हनुमानजी,
  • माता अन्नपूर्णा,
  • सूर्य देव,
  • भगवान शिव
    जैसे मंदिरों के दर्शन भी उपलब्ध होंगे।

साथ ही, परिसर के बाहर स्थित कुबेर टीला पर भी दर्शन की सुविधा शुरू की गई है, जहां कुबेर और अन्य पौराणिक पात्रों से जुड़े स्थल हैं।

दर्शन के लिए नई व्यवस्था: ऑनलाइन पास अनिवार्य

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने दर्शन के लिए स्लॉट आधारित ऑनलाइन पास प्रणाली लागू की है।

  • प्रतिदिन केवल 1500 श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा
  • हर 2 घंटे के स्लॉट में दर्शन की अनुमति होगी
  • पास केवल ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से ही मिलेगा

इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और सभी भक्तों को सहज दर्शन उपलब्ध कराना है।

ऑनलाइन पास बुकिंग प्रणाली

दर्शन व्यवस्था को सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ऑनलाइन पास प्रणाली लागू की है। श्रद्धालु ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट srjbtkshetra.org पर जाकर आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपना पास बुक कर सकते हैं। पहले चरण में 13 अप्रैल से 27 अप्रैल तक के लिए ऑनलाइन पास जारी किए जा रहे हैं। बुकिंग शुरू होते ही भारी उत्साह देखा गया और पहले दिन 13 अप्रैल के लिए करीब 80 प्रतिशत पास कुछ ही घंटों में बुक हो गए। शुरुआती दो स्लॉट तो पूरी तरह भर गए, जबकि दिन के अंतिम स्लॉट भी लगभग 90 प्रतिशत तक बुक हो चुके थे।

दर्शन के समय स्लॉट और दैनिक क्षमता
राम मंदिर परिसर के उप मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था कुल सात समय स्लॉट में की गई है, प्रत्येक स्लॉट दो घंटे का है। समय स्लॉट इस प्रकार हैं:

सुबह 7:00 से 9:00 बजे
सुबह 9:00 से 11:00 बजे
सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 बजे
दोपहर 1:00 से 3:00 बजे
दोपहर 3:00 से शाम 5:00 बजे
शाम 5:00 से 7:00 बजे
शाम 7:00 से रात 9:00 बजे

प्रत्येक स्लॉट में 500 पास जारी किए जाते हैं, जिससे प्रतिदिन कुल 3,500 सामान्य पास उपलब्ध होते हैं। चूंकि एक पास पर अधिकतम पांच श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं, इसलिए एक दिन में करीब 17,500 श्रद्धालुओं को उप मंदिरों के दर्शन का अवसर मिल सकता है। इसमें सुगम और विशिष्ट पास धारक अतिरिक्त हैं।

रामलला के साथ अब मिलेगा सम्पूर्ण आध्यात्मिक अनुभव

अब श्रद्धालु केवल रामलला के दर्शन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे मंदिर परिसर में स्थित विभिन्न देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों से जुड़े स्थानों का भी अनुभव कर सकेंगे। इसमें

  • सप्तर्षियों के मंदिर,
  • शबरी, निषादराज और अहिल्या से जुड़े स्थल
    भी शामिल हैं, जो रामायण काल की झलक प्रस्तुत करते हैं।
 आस्था और व्यवस्था का संगम

यह पहल न केवल श्रद्धालुओं के लिए दर्शन का दायरा बढ़ाएगी, बल्कि अयोध्या को एक संपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और मजबूत करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की व्यवस्थाओं से

  • श्रद्धालुओं का अनुभव बेहतर होगा
  • भीड़ प्रबंधन आसान होगा
  • और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा

राम मंदिर परिसर में 14 उप मंदिरों के दर्शन शुरू होना भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। अब अयोध्या आने वाले श्रद्धालु एक ही स्थान पर रामलला के साथ संपूर्ण धार्मिक परंपरा का अनुभव कर सकेंगे।

यह पहल न केवल आस्था को सशक्त करती है, बल्कि आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ धार्मिक अनुभव को भी सहज बनाती है।

निष्कर्ष

13 अप्रैल 2026 से राम मंदिर परिसर के 14 उप मंदिरों में दर्शन की शुरुआत अयोध्या की धार्मिक यात्रा में एक नया अध्याय है। यह व्यवस्था न केवल श्रद्धालुओं को संपूर्ण रामायणकालीन परिवेश में दर्शन का अवसर देती है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की समृद्धि को भी प्रदर्शित करती है।

ऑनलाइन पास प्रणाली के माध्यम से सुव्यवस्थित दर्शन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए प्रबंध इस बात का प्रमाण हैं कि आधुनिक तकनीक और परंपरागत आस्था का सुंदर समन्वय संभव है। देशभर से आने वाले रामभक्तों के लिए यह एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव होगा।

श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:

  1. पहले से बुकिंग करें: स्लॉट तेजी से भर रहे हैं, इसलिए कम से कम 3-4 दिन पहले ऑनलाइन पास बुक कर लें।
  2. सही स्लॉट चुनें: सुबह के स्लॉट (7-9 बजे और 9-11 बजे) सबसे पहले भरते हैं। यदि भीड़ से बचना चाहते हैं तो दोपहर के स्लॉट चुनें।
  3. समय पर पहुंचें: अपने आवंटित स्लॉट से 30 मिनट पहले मंदिर परिसर पहुंचें।
  4. आवश्यक दस्तावेज: वैध पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि) और बुकिंग पुष्टिकरण साथ रखें।
  5. पूरे परिसर के लिए समय: संपूर्ण परिसर में दर्शन के लिए 2-3 घंटे का समय रखें।
  6. वेबसाइट चेक करें: नवीनतम जानकारी के लिए नियमित रूप से srjbtkshetra.org देखते रहें।
  7. मौसम के अनुसार तैयारी: अप्रैल में अयोध्या में गर्मी होती है, इसलिए सूती कपड़े, पानी की बोतल और टोपी साथ रखें।
  8. दिव्यांग और वृद्ध श्रद्धालु: सुगम दर्शन पास के लिए अलग से आवेदन करें, जिसमें व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध है।
  9. फोटोग्राफी नियम: मंदिर परिसर में फोटोग्राफी के नियमों का पालन करें। गर्भगृह में फोटोग्राफी प्रतिबंधित है।
  10. धैर्य रखें: ट्रायल चरण होने के कारण शुरुआत में कुछ असुविधा हो सकती है, धैर्य और सहयोग बनाए रखें।

FAQ

1. अयोध्या राम मंदिर के उप मंदिरों में दर्शन कब से शुरू हुआ है?

अयोध्या राम मंदिर परिसर के सभी 14 उप मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था 13 अप्रैल 2026 सोमवार से शुरू हो गई है। इसमें सप्तर्षि मंडपम, शेषावतार मंदिर, कुबेर टीला और परकोटे के छह मंदिर शामिल हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा पहले चरण में 13 अप्रैल से 27 अप्रैल तक ऑनलाइन पास जारी किए जा रहे हैं।

2. राम मंदिर उप मंदिर दर्शन के लिए ऑनलाइन पास कैसे बुक करें?

राम मंदिर उप मंदिर दर्शन के लिए ऑनलाइन पास बुक करने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट srjbtkshetra.org पर जाएं। वेबसाइट पर “Online Booking” या “Darshan Pass” सेक्शन में जाकर अपनी पसंदीदा तारीख और समय स्लॉट चुनें। व्यक्तिगत विवरण भरें, पहचान पत्र अपलोड करें और सबमिट करें। बुकिंग पुष्टिकरण ईमेल और SMS के माध्यम से प्राप्त होगा।

3. एक दिन में कितने श्रद्धालु उप मंदिरों का दर्शन कर सकते हैं?

एक दिन में लगभग 17,500 श्रद्धालुओं को उप मंदिरों का दर्शन करने का अवसर मिलेगा। प्रतिदिन 3,500 सामान्य पास जारी किए जाते हैं (7 स्लॉट में प्रत्येक में 500 पास), और एक पास पर अधिकतम पांच श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त सुगम और विशिष्ट पास धारक भी दर्शन कर सकते हैं।

4. राम मंदिर परिसर में कौन-कौन से उप मंदिर हैं?

राम मंदिर परिसर में कुल 14 उप मंदिर हैं। इनमें सप्त मंडपम (महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, अगस्त्य, वशिष्ठ, निषादराज, माता अहिल्या और माता शबरी के 7 मंदिर), शेषावतार लक्ष्मण मंदिर, कुबेर टीला का शिव मंदिर, राम परिवार मंदिर (द्वितीय तल पर) और परकोटा में स्थित गणेश, शिव, सूर्य, दुर्गा, अन्नपूर्णा और हनुमान के 6 मंदिर शामिल हैं।

5. दर्शन के लिए कितने समय स्लॉट उपलब्ध हैं और उनका समय क्या है?

राम मंदिर उप मंदिर दर्शन के लिए कुल 7 समय स्लॉट उपलब्ध हैं, प्रत्येक दो घंटे का। स्लॉट इस प्रकार हैं: सुबह 7-9 बजे, सुबह 9-11 बजे, सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे, दोपहर 1-3 बजे, दोपहर 3-5 बजे, शाम 5-7 बजे और शाम 7-9 बजे। श्रद्धालु अपनी सुविधानुसार किसी भी स्लॉट का चयन कर सकते हैं।

6. कुबेर टीला का क्या महत्व है?

कुबेर टीला राम मंदिर परिसर में स्थित एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र स्थल है, जहां भगवान शिव का मंदिर विराजमान है। मान्यता है कि धनपति कुबेर यहां भोलेनाथ की आराधना करते थे। यह स्थल हजारों वर्षों से पूजनीय रहा है। प्राण प्रतिष्ठा के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रामलला के दर्शन के बाद कुबेर टीला पर जाकर भगवान शिव के दर्शन और पूजन किए थे।

7. सप्तर्षि मंडपम में किन-किन महापुरुषों के मंदिर हैं?

सप्तर्षि मंडपम में रामायणकालीन सात महान विभूतियों के मंदिर हैं। इनमें महर्षि वाल्मीकि (रामायण के रचयिता), महर्षि विश्वामित्र (राम-लक्ष्मण के गुरु), महर्षि अगस्त्य, महर्षि वशिष्ठ (कुलगुरु), निषादराज (केवट), माता अहिल्या और माता शबरी शामिल हैं। ये सभी प्रभु श्रीराम के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विभूतियां थीं।

8. क्या दर्शन के लिए कोई शुल्क देना होगा?

सामान्य दर्शन पास पूर्णतः निःशुल्क है। श्रद्धालुओं को केवल ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी और किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होगा। यह सुविधा सभी श्रद्धालुओं के लिए समान रूप से उपलब्ध है। सुगम दर्शन (वृद्ध, दिव्यांग, गर्भवती महिलाओं के लिए) भी निःशुल्क है।

9. संपूर्ण मंदिर परिसर में दर्शन के लिए कितना समय लगेगा?

संपूर्ण राम मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लगभग 2 से 3 घंटे का समय लग सकता है। इसमें रामलला के दर्शन, सप्तर्षि मंडपम, शेषावतार मंदिर, कुबेर टीला, राम परिवार मंदिर और परकोटा के मंदिरों का दर्शन शामिल है। परिसर में 700 मीटर लंबा आंतरिक कॉरिडोर बना है जो विभिन्न मंदिरों को जोड़ता है।

10. क्या वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था है?

हां, वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुगम दर्शन पास की व्यवस्था है। इसके लिए अलग से पंजीकरण करना होगा और प्रासंगिक दस्तावेज जमा करने होंगे। मंदिर परिसर में निःशुल्क व्हीलचेयर उपलब्ध हैं और स्वयंसेवक सहायता के लिए तैनात हैं। परिसर में रैंप और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। भविष्य में गोल्फ कार्ट की सुविधा भी प्रदान की जाने की योजना है।

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Religion World April 13, 2026 8 min read
Share: