मानव श्रृंखला बनाकर सैकड़ों युवा बहनों ने रोपे पौधे, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
- पेड़ को काटने वाले नहीं बचाने वाले का किया आह्वान

आबूरोड, 20 जुलाई, निसं। सैकड़ों की संख्या में श्वेत वस्त्रों में पूरे खेत में फैली युवा बहनों का झुंड ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे आसमान से श्वेत परियां उतर आयी हैं। परन्तु ये कोई अजूबा नहीं बल्कि पर्यावरण को बचाने के लिए ब्रह्माकुमारीज संस्था शांतिवन में देशभर से आयी युवा बहनों का था। जो आमथला के समीप तपोवन में सैकड़ों की संख्या में आम का पेड़ लगाने के लिए आयी थी। मानव श्रृंखला बनाकर सैकड़ों युवा बहनों ने बड़ी संख्या में पौधे रोपकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।


घर परिवार में रहते नौकरी पेशा करने वाली युवा बहनें आध्यात्मिक सशक्तिकरण कार्यक्रम में शरीक होने आयी थी। इसी क्रम में तपोवन के समीप करीब चार वीघा जमीन पर आम का पेड़ लगाने पहुंची और कुछ ही देर में सैकड़ों पौधों को लगाकर उसकी रक्षा का संकल्प लिया। इसके साथ युवा बहनों ने कहा कि यदि पेड़ है तो जिन्दगी है। क्योंकि पेड़ों से ही आक्सीजन मिलती है और बारिश कराने में सहायता मिलती है। दिल्ली से आयी भारतीय तेल कम्पनी की प्रबन्धक वर्णिका ने कहा कि पौधे हमें हर तरह से देते हैं। ना कि हमसे लेते हैं। इसलिए ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाये जिससे मानव जीवन के अस्तित्व को बचाया जा सके।

कार्यक्रम में तपोवन के निदेशक बीके भरत ने कहा कि हम लोगों ने अभियान चला रखा है कि जितना हो सकेगा हम पौधे लगायेंगे और उसे वृक्ष की शक्ल देंगे। इससे गॉंव के लोगों को भी प्रेरित कर रहे है कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगायें तथा उसका पालन पोषण कर बड़ा करें।
खुद डाली मिट्टी और लगाये पौधे: चिलचिलाती धूप भी युवा बहनों के उत्साह को कम नहीं कर पायी। बहनों ने खुद ही पेड़ लगाकर मिट्टी डाली तथा पौधे लगाकर पानी दी। साथ ही लोगों से आह्वान किया कि अपने अपने स्थानों पर जाकर ज्यादा से ज्यादा पौधे लगायेंगें।
मानव
ये रहे उपस्थित: इस अवसर यातायात एवं परिवहन प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बीके सुरेश शर्मा, तपोवन के बीके लल्लन, बीके कोमल, बीके अर्जुन समेत कई लोग उपस्थित थे।
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