ब्रह्मकुमारीज राजयोगिनी दादी जानकी की स्मृति में बनेगा शक्ति स्तम्भ
- 27 मार्च को हुआ था देाहवसान, शांतिवन स्थित सम्मेलन सभागार के सामने हुआ था अंतिम संस्कार
आबू रोड, 9 अप्रैल, निसं। ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी की स्मृति में शक्ति स्तम्भ का निर्माण होगा। जब भी लॉकडाउन समाप्त होगा इसकी प्रक्रिया प्रारम्भ हो जायेगी। इसके लिए इंजिनियरों को डिजाईन बनाने के लिए कहा गया है।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी जी एक लौह पुरूष की भांति पूरे विश्व में महिला सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। वे ज्ञान की भंडार तथा शक्ति स्वरूपा थी। इसलिए उनकी स्मृति में संस्थान ने शक्ति स्तम्भ बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए फिलहाल अस्थायी रूप में छोटा स्ट्रक्चर बनाया गया है। इसके लिए कई तरह की डिजाईनों का रिसर्च चल रहा है। कैसे इसे बड़ा प्रारूप बनाया जाये इसके लिए कई स्तर के डिजाईन बनायी जा रही है।


दादी के देहावसान के 13वें दिन परम्परागत क्रिया के बाद यह निश्चय किया गया है। दादी की निजी सचिव बीके हंसा ने बताया कि दादी पूरे विश्व के लिए एक मिसाल थी। दादी जी ने लाखों लोगों को शक्ति का स्वरूप बनाकर जीना सीखाया। इनके पदचिन्हों पर चलकर लाखों लोगों ने अपना जीवन बदला है। इसलिए उनकी याद में शक्ति स्तम्भ बनेगा। जिसकी प्रक्रिया लाक डाउन समाप्त होने के बाद प्रारम्भ होगी।

गौरतलब है कि ब्रह्माकुमारीज संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी ने 27 जनवरी को प्रात: 2 बजे अपने 104 वर्ष की उम्र में नश्वर शरीर का त्याग किया था। जिनका अंतिम संस्कार ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में सम्मेलन सभागार के सामने किया गया।
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