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क्रिसमस विशेष : जानिये क्रिसमस और उससे जुड़े तथ्य

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क्रिसमस विशेष : जानिये क्रिसमस और उससे जुड़े तथ्य

क्रिसमस का त्योहार 25 दिसंबर को प्रति वर्ष सम्पूर्ण विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है। क्रिसमस का त्योहार ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। यह ईसाइयों का सबसे बड़ा और खुशी का त्यौहार है। इसे ‘बड़ा दिन’ भी कहा जाता है।



क्रिसमस के दिन गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं एवं जगह-जगह प्रभु ईसा मसीह की झांकियां प्रस्तुत की जाती हैं। इस दिन घर के आंगन में क्रिसमस ट्री लगाया जाता है। क्रिसमस के त्यौहार में केक का विशेष महत्व है। इस दिन लोग एक-दूसरे को केक खिलाकर त्यौहार की बधाई देते हैं। सांताक्लाज का रूप धरकर व्यक्ति बच्चों को टॉफियां-उपहार आदि बांटता है। आइये जानते हैं क्रिसमस से जुड़े कुछ रोचक तथ्य…

क्रिसमस से जुड़े रोचक तथ्य

जर्मन लोगों ने सबसे पहले कृत्रिम क्रिसमस ट्री बनाया जो कि हंस के रंगे हुए पंखो से बना था।

हर साल 3 अरब क्रिसमस कार्ड अकेले अमेरिका में भेजे जाते है।

350 ईस्वी में रोम के पादरी पॉप जुलियस प्रथम ने 25 दिसम्बर को आधिकारिक तौर पर ईसामसीह के जन्मदिन मनाने की घोषणा की थी.

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार सबसे लम्बा क्रिसमस ट्री  221 फूट का डगलस फर का काटा गया था जिसे 1950 में वाशिंगटन के एक शॉपिंग सेंटर  में प्रदर्शित किया गया था.

विश्व का सबसे बड़ा क्रिसमस का मोजा  32.56 मीटर लम्बा और 14.97 मीटर चौड़ा था . इसका वजन पांच रेनडियरो जितना था जिसे 14 दिसम्बर 2007 में लन्दन की चिल्ड्रेन सोसाइटी द्वारा निर्मित किया गया था .

क्रिसमस का पारम्परिक रंग हरा , लाल और सुनहरी है . हर रंग लम्बे समय से जीवन और पुनर्जन्म का प्रतीक , लाल रंग ईसामसीह के खून का प्रतीक और सुनहरी रंग उजाले के साथ साथ धन और सम्पदा का प्रतीक है .

यह भी पढ़ें – Christmas Special: जानिये 24 दिसम्बर को क्रिसमस ईव क्यों मनाई जाती है

क्रिसमस के पेड़  अमेरिका में 1850 से बेचे जा रहे है। क्रिसमस ट्री उनके बिकने से पहले सामन्यत: 15 साल बड़े होते है।

कई यूरोपियन देशो का मानना है कि क्रिसमस के बारह दिनों के दौरान आत्माए अच्छी और बुरी दोनों होती है। ये आत्माए अंतत: सांता के कल्पित बौनों के प्रभाव  में आ जाती है।

अमेरिका में हर साल लगभग 20 हजार सांता किराए पर लिए जाते है जिनको रेंट-अ-सांता कहते है और उनको जनता के बीच दबाब के बावजूद अपने जोली रवैया रखने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

बोलविया के निवासी क्रिसमस की शाम को मिसा देल गेलो नामक उत्सव मनाते है। इस उत्सव में मुर्गो को सामुहिक सम्मान दिया जाता है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जीसस के जन्म की घोषणा करने वाला पहला जानवर मुर्गा था।

ब्रिटिश लोग जब क्रिसमस भोज करते है तो वो कागज का मुकट पहनते है। इन मुकुटों को वो एक क्रिसमस क्रैकर नामक एक ट्यूब में सुरक्षित रखते है।

पोलैंड में मकड़ी और मकड़ी के जालो को क्रिसमस ट्री पर पर सजाने की परम्परा आम है क्योंकि मान्यता के अनुसार मकड़ी ने सबसे फहले बेबी जीसस के लिए कम्बल बुना था. इसी कारण क्रिसमस पर मकड़ियो को पोलैंड के लोग सुख समृधि का प्रतीक मानते है.

सांता क्लॉस एक असली व्यक्ति संत निकोलस पर आधारित है जो चौथी शताब्दी में रहा करता था। उसका जन्म वर्तमान टर्की के पतारा में हुआ था जो सबसे प्रसिद्ध गैर बाइबिल संत था और कलाकरों ने उसे मेरी को छोड़कर सबसे प्रसिद्ध संत के रूप में दर्शाया है.

अलाबामा अमेरिका का पहला राज्य था जिसने 1836 में क्रिसमस मनाने की आधिकारिक घोषणा की।

26 जून 1870 तक संयुक्त राज्य अमेरिका में क्रिसमस को आधिकारिक अवकाश घोषित नही किया था।

ओकल्होमा अमेरिका का अंतिम राज्य था जिसने 1907 में क्रिसमस को मनाने की आधिकारिक घोषणा की थी।

यूल लौग  एक भारी लकड़ी का लट्ठा होता है जिसे क्रिसमस के  12 दिनों तक जलाते है।

विकिंग गॉड ओडिन को आधुनिक सांता क्लॉस का प्रणेता माना जाता है. एक कथा के अनुसार ओडिन उड़ते हुए घोड़े स्लिपनिर पर सवार रहते थे जिसके आठ पैर थे। ओडिन तोहफे और सजा दोनों देता था इसलिए बच्चे अपने जूतों या मोजो में स्लिपनिर के लिए भोजन रख देते है।

क्रिसमस के मोज़े की कहानी तीन बहनों से  जुड़ी हुयी है जो अपने शादी के दहेज को जुटा पाने में असमर्थ थीं। इसलिए उन्हें वेश्यावृति का जीवन बिताने पर मजबूर होना पड़ा था। बाद में उन्हें बचा लिया गया जब एक धनी पादरी संत निकोलस ने चिमनी से होते हुए उनके घर में प्रवेश किया और उनके मोजो को सोने के सिक्को से भर दिया।

क्रिसमस ट्री को वाइट हाउस में स्थापित करने की दो मत प्रचलित है कुछ विद्वान कहते है कि 1856 में राष्ट्रपति फ्रेंक्लिन पियर्स  ने इसकी शुरुवात की जबकि कुछ 1889 में राष्ट्रपति बेंजामिन को इसके लिए जिम्मेदार मानते है। राष्ट्रपति कूलिज  ने 1923 में सबसे पहले वाइट हाउस लाइटिंग सरेमोनी की शुरुवात की थी।

राष्ट्रपति टेडी रूसवेल्ट जो एक पर्यावरणविद भी थे, उन्होंने 1901 में वाइट हाउस में क्रिसमस ट्री लगाने पर पाबंदी लगा दी थी.

अमेरिका में लगभग 21000 क्रिसमस ट्री फ़ार्म है। 2008 में लगभग 4.5 करोड़ क्रिसमस के पौधों का पौधारोपण किया गया जबकि 40 करोड़ पेड़ पहले ही मौजूद थे।

क्रिसमस ट्री जो सजाने वाला पहला व्यक्ति सुधारक मार्टिन लूथर (1483-1546) को माना जाता है।

क्रिसमस ट्री का पहला प्रिंटेड रिफरेन्स 1531 में जर्मनी में मिलता है।

हर साल अमेरिका में लगभग 3 करोड़ असली क्रिसमस ट्री बेचे जाते है।

1962 में पहली बार अमेरिका में क्रिसमस डाक टिकिट जारी किया गया था।

जर्मनी में क्रिसमस की शाम को जादुई रात कहा जाता है क्योंकि ऐसा मना जाता है कि इस दिन सच्चे दिल वाले लोग जानवरों की बातचीत समझ सकते है.

आइसलैंड से 13 सांता बच्चो के लिए तोहफे लेकर निकलते है। ये 12 दिसम्बर से शरू होकर एक एक करके पहाड़ो से नीचे उरते है और उनके नाम स्पून लिकर, डोर स्निफर और मीट कुक जैसे होते है.

फादर क्रिसमस के दो पते है एडनबर्ग और नार्थ पोल.जो पत्र टॉयलैंड या स्नो लैंड के पते पर भेजे जाते है वह एडनबर्ग पहुचते है परन्तु जो पत्र नार्थ पोल के पते पर भेजे जाते है वे वही पहुचते है क्योंकि सचमुच में यह एक जगह का पता है.

हर साल 10 लाख पत्र सांता क्लॉस को उनके अपने पोस्टल कॉड हो हो हो, नार्थ पोल, कनाडा के पते पर भेजे जाते है.

लन्दन के जॉन कालकोट होर्सली नामक एक चित्रकार थे। वर्ष 1843 में हर हेरी काल के लिए उन्होंने सबसे पहला क्रिसमस कार्ड पेंट किया था.

एक पारम्परिक क्रिसमस डिनर में रोस्टेड टर्की, रोस्टेड आलू, क्रेनेवेरी सौस, सोसेजेज बेकोन में लिपटी हुयी पुडिंग डेजर्ट जैसी डिशेज होती है.

क्रिसमस क्रैकर की इजात थॉमस स्मिथ ने की थी।

इंग्लैंड की महारानी की पहली क्रिसमस स्पीच पहली बार 1957 में टेलीविजन पर प्रसारित हुयी थी.

एक पुरानी कथा के अनुसार उस दिन बनाई गयी डबलरोटी पर कभी फफूंदी नही लगती.

इंग्लैंड ने बीसवी सदी में सिर्फ सात वाइट क्रिसमस  देखी है. वाइट क्रिसमस  का अर्थ है जब उस दिन बर्फ रुई की तरह लन्दन वेदर सेण्टर पर गिरती है.



सांता क्लॉस के रेनडियर को डेशर, डांसर, प्रेन्सर,  विन्सन, कोमेट, क्यूपिड, डोनर, बिल्टजन और रुडोल्फ आदि नामो से जाना जाता है.

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By Shweta December 8, 2020 6 min read
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