नई दिल्ली स्थित एमसीकेएस फूड फॉर हंग्री फाउंडेशन गैर-लाभकारी संगठन है जो. इस टीम का मिशन सरल है – किसी को भी भूखा नहीं सोना चाहिए.
पिछले 15 वर्षों में, इस आर्गेनाईजेशन ने देश भर के अधिकारियों के साथ मिलकर 20 से अधिक फीडिंग प्रोग्राम्स के ज़रिये, जरूरतमंद लोगों को 1,00,00,000 से अधिक भोजन उपलब्ध कराया है.
फाउंडेशन का मिशन
एमसीकेएस फूड फॉर हंग्री फाउंडेशन ‘गिविंग टू एम्पॉवर’ के एक मिशन के लिए प्रतिबद्ध है जिसका मॉडल है:
भूख मिटाने के लिए भोजन दें
आजीविका के लिए शिक्षा दे
बदलाव लाने का अवसर दें
क्या करती है यह संस्था
एमसीकेएस फूड फॉर हंग्री फाउंडेशन दिल्ली, 2005 में शुरू किया गया आर्गनाईजेशन है. यह किसी भी प्रकार के लाभ के लोभ में शुरू नहीं किया गया है. मास्टर चोआ कोक सुई की शिक्षाओं से प्रभावित होकर,कार्य करने वाली यह संस्था अपने आसपास बदलाव लाने का प्रयास कर रही है.
यह संस्था लोगों के जीवन को एक वास्तविक रूप से प्रभावित करने का प्रयास करती है ; यह फाउंडेशन भूखों को भोजन पहुँचाने के साथ उन्हें निराशा से आशा की ओर बढ़ने के कौशल के साथ सशक्त बना रही है.
इस संस्था का मानना है कि हम जो अपने आसपास के परिवेश में डालते हैं या उसे देते हैं वो जीवन और समाज में हमको परिभाषित करता है, यानि उसमें हमारा व्यक्तित्व झलकता है.
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चल रही महामारी के बीच, सोशल डिस्टेंसिंग एक लक्जरी है जिसे भारत के 450 मिलियन के मजदूर और श्रमिक श्रेणी के लोग अफ्फोर्ड नहीं कर सकते .
सरकारी लॉकडाउन आदेश और अपर्याप्त खाद्य वितरण के के साथ, कई राज्यों में कई परिवार जो अपने घरों में, रेलवे स्टेशनों या राज्य की सीमाओं पर फंसे हुए हैं भूखे सो रहे हैं .
लॉकडाउन के दौरान नई दिल्ली में अपनी कम्युनिटी का समर्थन करने के लिए, एमसीकेएस फूड फॉर हंग्री फाउंडेशन ने 12 गुना तक ‘किचन में क्षमता बढ़ाई और इस दौरान 4,00,000से ज्यादा कुक्ड फ़ूड वितरित किया.
इसके साथ ही इस संस्था ने उन चार लाख लोगों को राशन वितरित किया है जो किसी फीडिंग पॉइंट तक पहुंच नहीं सकते.यह संस्था रातोंरात किचन सैटलाइट स्थापित करके, ज्यादा से ज्यादा बर्तन, परिवहन और मैनपावर को किराये पर लेकर कार्य को जारी रखे हुयी है.
इसके साथ ही हंग्री फाउंडेशन पैकेज्ड फ्रूट बन्स, ब्रेड, रस्क और बिस्कुट (3,00,000 से अधिक पैकेट) भी वितरित कर रहे हैं.
एमसीकेएस फूड फॉर हंग्री फाउंडेशन की टीम इसे संभव बनाने के लिए सरकारी अधिकारियों और पुलिस के साथ काम कर रही है.रोजाना, वे उन इलाकों की पहचान करते हैं जहां लोगों के पास भोजन नहीं है और वे भूखे हैं.
अधिकारियों ने भी भोजन वितरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसका भी पूरा ध्यान रखा है.
एमसीकेएस फ़ूड फॉर दि हंगरी फाउंडेशन यह कार्य हमेशा जारी रखेगा और अपनी मिशन की ओर पहले से ज्यादा मज़बूत कदम से आगे बढेगा. उनका सिर्फ एकमात्र मिशन है-एक ऐसा भविष्य जहां कोई भी भूखा नहीं सोता.
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