ईद को लेकर दारुल उलूम फरंगी महल का फतवा : लॉकडाउन रहा तो ऐसे मनाएं ईद
- रमजान के बाद 24 या 25 मई को पड़ सकती है ईद, 22 मई को अलविदा की होगी नमाज
ईद के इंतजार में हर मुसलमान है। इस साल कोरोना के चलते रमजान की रौनक कम हो गई तो ईद को लेकर अभी से कयास लगाए जा रहे हैं कि कैसे मनेगी ईद। लखनऊ के दारुल उलूम फरंगी महल के दारुल इफ्ता ने ईद के मुताल्लिक फतवा जारी किया। उन्होंने कहा की, “अगर ईद तक लॉकडाउन जारी रहता है तो ईद की नमाज घरों में अदा करें।” साथ ही मुसलमानों से ईद के खर्च से गरीबों की मदद करने को भी कहा गया है।
सुनिए उनका फतवा….
Lucknow Darul Uloom Chief Imam Maulana Khalid Firangi Mehli reading a fatwa for #Eid2020 during lockdown and corona pandemic. #Eid #fatwa #lockdown #CoronaPandemic #EidMubarak pic.twitter.com/8NdgektaE3
— Rᴇʟɪɢɪᴏɴ Wᴏʀʟᴅ 🕊️ (@religionworldIN) May 11, 2020
सरकार के आदेश के हिसाब से 17 मई को लॉकडाउन खत्म हो रही है। वैसे देश में बढ़ते मामलों को देखकर ऐसा लगता है कि इसे बढ़ाया जा सकता है। रमजान के हिसाब से 25 मई को ईद होने पड़ सकती है।
इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा, “यदि कोरोनावायरस को लेकर लॉकडाउन बढ़ता है तो लोग जिस तरह अभी घरों में रहकर नमाज पढ़ रहे हैं, वैसे ही ईद और अलविदा की भी नमाज पढ़ेंगे। ईद के लिए नए कपड़े जरूरी नहीं हैं, जो आपके पास हैं उन्हीं का इस्तेमाल करें”।
उन्होंने कहा, “लॉक डाउन बढ़ने पर मस्जिदों को परमीशन न मिलने पर वर्तमान व्यवस्था लागू रहेगी। इमाम मोअज्जम के अलावा जो 3 लोग नमाज वर्तमान में पढ़ रहे हैं, वही ईद और अलविदा की नमाज भी पढ़ेंगे। बाकी सभी लोग अपने घरों पर ही नमाज अदा करें। कोई किसी के घर पर मिलने न जाए, घर पर ही खुशियां मनाएं। न किसी के गले मिले, न हाथ मिलाएं। ईद की नमाज में अल्लाह से दुआ करें कि कोरोना से मुक्ति दें।”
ईद कैसे मनाएं और इसे कैसे करें को लेकर फैजुर्रहमान सिद्दीकी ने दारुल उलूम फरंगी महल के दारूल इफ्ता से सवाल किया था।
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