आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में महिलाओं का शोषण, जेल की तरह बना हुआ है परिसर
नई दिल्ली, 21 दिसम्बर; उत्तरी दिल्ली के रोहिणी विजय विहार में चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम के आश्रम में महिलाओं के शोषण का मामला सामने आया है. दर्जन भर लड़कियों की शिकायत पर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जब पुलिस और महिला आयोग की टीम ने छापा मारा तो यह देखकर हैरान रह गई कि कैसे आश्रम में महिलाओं को कैद करके रखा जाता था. आश्रम का संचालक वीरेंद्र दीक्षित फरार है.
हालांकि इस आश्रम का नाम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय रखा गया है, लेकिन असल में इसकी बनावट जेल की तरह है.
आश्रम इस तरह से बनाया गया है ताकि यहां रहने वाले लोगों का संपर्क किसी भी तरह बाहरी लोगों से न होने पाए. खिड़कियां हैं लेकिन हमेशा बंद रहती हैं. आश्रम में रहने वाले लोगों के लिए खाना बनाने से लेकर कपड़े सिलाई करने वाले कारीगरों के लिए इस आश्रम के ठीक पीछे एक बिल्डिंग बनाई गई है. यह इमारत भी पूरी तरह से रहस्य की परतों में लिपटी है.
आश्रम का संचालक वीरेंद्र दीक्षित फिलहाल फरार है. वह मूल रूप से गुजरात का रहने वाला है. उसने इस तरह के दर्जन भर आश्रम बांदा, फरुखाबाद और गुजरात में बनवा रखे हैं. अखबारों की पुरानी कतरनें देखने पर पता चलता है कि आश्रम में अवैध गतिविधियों के चलते वह पहले भी सुर्खियों में रहा है.
यह भी पढ़ें-आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में बंधक लड़कियां, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश
हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को दिल्ली पुलिस और एसआईटी की टीम आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के इस आश्रम में पहुंची. तमाम मान मनौव्वल के बाद आखिरकार आश्रम का गेट खुला. करीब चार घंटे तक दिल्ली महिला आयोग की चेयरमेन स्वाति मालीवाल समेत पुलिस अधिकारियों ने आश्रम के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली. इस दौरान डॉक्टरों की टीम भी मौजूद रही. बाद में कुछ आश्रम की महिलाओं को चेकअप के लिए बाहर भी भेजा गया.
लोग बताते हैं कि एक बार अगर कोई इस आश्रम में आ जाता तो वह मुश्किल से ही बाहर निकल पाता था.
इस आश्रम में रहने वाली कई महिलाओं ने इसके संचालक वीरेंद्र दीक्षित पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है. इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस आश्रम की जांच करने का आदेश दिया है.
दिल्ली महिला आयोग की चेयरमेन स्वाति मालीवाल ने कहा कि ”देखिए ये आश्रम नहीं जेल है, जहां महिलाओं से रेप किया जाता था. इसके संचालक को तुरंत जेल भेजना चाहिए.” आधुनिक सुख सुविधाओं से लैस इस आश्रम का खर्चा कहां से आ रहा है और देश के अलग-अलग इलाकों में ऐसे अवैध आश्रम कैसे बिना प्रशासन की मंजूरी के चल रहे हैं? इस बात की जांच हो रही है.
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में यौन शोषण का मामले में कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी ने कहा ”जब हम दूसरी बिल्डिंग दौरा करने गए तो वहां हमे 30 से 40 मोबाइल फोन मिले. साथ ही 10 ओर 12 मेमोरी कार्ड मिले. कुछ लेटर मिले जिन्हें तुरंत सील करके सीबीआई को इस मामले में तुरंत एक्शन लेने के लिए कहा है. वहां पर 15 से 20 आदमी मिले. जिन्हें आश्रम सेवादार कहा जा रहा है. 15 से 20 सिम मिले जिन्हें सील कर दिया गया है.”
कोर्ट में रोजी नाम की लड़की को पेश किया गया है. रोजी के परिवार वालों ने आरोप लगाया था कि आश्रम वाले साल 2015 से उससे मिलने नहीं दे रहे हैं. आश्रम की पार्किंग में 15 से 20 गाड़िया खड़ी मिलीं. कोर्ट ने सीबीआई को गंभीरता से मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि यह काफी गंभीर मामला है. कोर्ट ने विश्वविद्यालय के बैंक एकाउंट के बारे में पूछा उसके वकील ने कहा है कि विश्वविद्यालय के नाम से कोई एकाउंट नहीं है. इस पर कोर्ट ने हैरानी जताई. कोर्ट ने सीबीआई से हर पहलू की जांच करने के लिए कहा है. कोर्ट ने विश्वविद्यालय के एकाउंट की जांच के लिए कहा है. कोर्ट ने विश्वविद्यालय के वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट में सही जानकारी दे.
———————————————————
रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com– या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.
Editorial Review Note
Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.
Leave a Reply