गर्भाधान संस्कार का महत्व – जानिए वर्ष 2019 के लिए गर्भाधान के शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म के आधार स्तम्भ माने जाने वाले वेदों में लिखा गया हर एक शब्द पूरी तरह से वैज्ञानिक और तार्किक है। यदि पुराणों और वेदों के अनुसार गृह, नक्षत्र और समय सत्य है तो यह भी सत्य है इनका संसार में मौजूद प्रत्येक वास्तु और व्यक्ति पर इसका प्रभाव पड़ता है। समय के साथ साथ ज्योतिष के भी प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति हुई है। इसीलिए भी शुभ और अशुभ मुहूर्त और लग्नो को ध्यान में रखकर ही किसी काम को प्रारंभ करना चाहिए।
शुभ और पवित्र मुहूर्त वह समय है जो हिन्दू धर्म के अनुसार किसी कार्य को प्रारंभ करने के लिए बहुत ही अनूकुल होता है। इसे हिन्दू धर्म में पंचांग से देखकर तिथि, वार, महिना, साल, लग्न आदि को देखकर समझकर निकला जाता है। शुभ मुहूर्त का महत्व हिन्दू धर्म में इसलिए भी विशेष होता है क्योंकि शुभ मुहूर्त में किसी भी काम को करकर उस काम से अधिक से अधिक लाभ उठाया जा सकता है। हिन्दू धर्म ग्रंथो में शुभ मुहूर्त का इतना अधिक महत्व बताया गया है की गर्भधान से लेकर मृत्यु तक ऐसे बहुत से कई कर्म, कार्य और संस्कार होते है जिन्हें सही समय पर ही करना शुभ माना जाता है।
ग्रंथो के अनुसार इस संसार में हर व्यक्ति और हर वास्तु समय चक्र के अनुसार ही काम करते है। समय चक्र और ग्रहों का शुभ और अशुभ प्रभाव संसार में मौजूद हर उस व्यक्ति और वास्तु पर पड़ता है जो इस संसार में मौजूद है।
सनातन धर्म ग्रंथो के अनुसार शुभ मुहूर्त में किया गया काम सफल हो जाता है और अशुभ मुहूर्त में किया गया काम असफल हो जाता है।
पंचांग में देखकर वार, तिथि, और लग्न आधार पर निकलने वाले समय को ही हिन्दू धर्म में शुभ मुहूर्त कहा जाता है।
शास्त्रों में इसके लिए कई तिथियों एवं मुहूर्त का उल्लेख किया है इसके अलावा दिन का भी उल्लेख किया गया है जब गर्भधारण शुभ और अशुभ होता है।

ज्योतिष शास्त्रों की मानें तो मंगलवार का दिन गर्भधारण संस्कार के लिए शुभ नहीं होता है। इस दिन का स्वामी क्रूर ग्रह मंगल होता है। इस दिन गर्भ धारण करने से आने वाली संतान क्रूर और हिंसक प्रवृति का हो सकता है।

शनिवार का दिन भी शास्त्रों के मुातबिक गर्भधारण के लिए शुभ नहीं होता है। इस दिन के स्वामी ग्रह शनि, होने वाली संतान को निराशावादी और शारीरीक विकार दे सकते हैं।
गर्भधारण के शुभ दिन

सोम, बुध, गुरु और शुक्रवार माने गए हैं। ज्योतिष शास्त्र में यह चारों चारों शुभ ग्रह से संबंधित होने के लिए संतान की इच्छा रखने वालों को शुभ फल देते हैं।
गर्भाधान के लिए सितम्बर 2019 में उत्तम समय कौन सा है ?

साल 2019 सितंबर माह में थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है । अगर आप गर्भाधान करना चाहते हैं तो आपको 5 से 9 के बीच में कर लेना चाहिए या फिर 18 के बाद इंतजार करना चाहिए क्योंकि इस महीने में पितृ पक्ष है और इस दौरान गर्भधान करना शुभ नहीं है।
गर्भधान के लिए अक्टूबर 2019 में उत्तम समय कौन सा है ?

साल 2019 अक्टूबर में 1-6 अक्टूबर और फिर 20-30 अक्टूबर का समय गर्भधान के लिये उत्तम है।
गर्भधान के लिए नवम्बर 2019 में उत्तम समय कौन सा है ?

साल 2019 नवंबर के महीने में 5-10 और 15 से 25 तारीख का समय शुभ और उत्तम है।
गर्भधान के लिए दिसम्बर 2019 में उत्तम समय कौन सा है ?

साल 2019 दिसंबर के महीने में आप 5, 6 और 25 तारीखों को शुभ मान सकते हैं और फिर इसके बाद एकमात्र तारीख 30 दिसंबर है जो गर्भधान के लिए उत्तम है |
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