RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

काशी से जुड़े है जैन धर्म के ये गुरु, लगती है भक्तों की भीड़

काशी से जुड़े है जैन धर्म के ये गुरु, लगती है भक्तों की भीड़

काशी से जुड़े है जैन धर्म के ये गुरु, लगती है भक्तों की भीड़
Visual Archive

काशी से जुड़े है जैन धर्म के ये गुरु, लगती है भक्तों की भीड़

काशी से जुड़े है जैन धर्म के ये गुरु, लगती है भक्तों की भीड़

धार्मिक नगरी काशी को जो भी काशी को पूरी तरह समझना चाहता है और सोचता है काशी बस यही है यही से काशी की नई गाथा शुरू हो जाती है. सनातन, बौद्ध के साथ ही वाराणसी जैन तीर्थ का बड़ा स्थल है. वाराणसी जैन से 24 सर्वोच्च गुरुओं में से दो की जन्म, कर्म और तप स्थली है. इसके साथ ही वाराणसी में आधा दर्जन से अधिक जैन गुरुओं के मंदिर भी है. जहां हर दिन जैन धर्म के साथ ही सैकड़ों देशी और विदेशी पर्यटक शान्ति की खोज में इन तीर्थ स्थलों पर घूमने आते है.

कौन हैं भगवान श्री सुपार्श्वनाथ

भगवान श्री सुपार्श्वनाथ जी का जन्म वाराणसी के इक्ष्वाकु वंश में ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को विशाखा नक्षत्र में हुआ था. इनकी माता का नाम पृथ्वी देवी और पिता का नाम राजा प्रतिष्ठ था. सबसे पहले बात जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ की. शहर के भदैनीघाट से सटे जैन घाट के ठीक ऊपर जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ का जन्म स्थान है. यही भगवन सुपार्श्वनाथ की जन्म , कर्म और तप स्थली है. ज्येष्ठ मास की त्रयोदशी तिथि को वाराणसी में ही इन्होंने दीक्षा प्राप्ति की और दीक्षा प्राप्ति के 2 दिन बाद इन्होंने खीर से प्रथम पारण किया. दीक्षा प्राप्ति के पश्चात 9 महीने तक कठोर तप करने के बाद फाल्गुन कृष्ण पक्ष सप्तमी को धर्म नगरी वाराणसी में ही शिरीष वृक्ष के नीचे इन्हें कैवल्यज्ञान की प्राप्ति हुई थी. आज भी यहाँ आपको उनके जन्म कर्म से जुडी गाथा की चित्र देखने को मिलेगी.

यह भी पढ़ें-जैन मुनि संत तरुण सागर महाराज का फर्जी बाबाओं के खिलाफ हमला

इसके अलावा शहर के भेलुपुर इलाके में तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ की जन्मभूमि है. यही वो जगह है जहाँ जैन धर्म के 23 वें तीर्थांकर की जन्म , कर्म और तप भूमि है. जो आज जैन धर्मावलम्बियों के लिए बड़ा स्थल है. यहां आज जैन धर्म के 23 वें तीर्थांकर भव्य मंदिर है इस मंदिर में दर्शन के लिए हर रोज ढेरो श्रद्धालु आते है. इसके अलावा शहर में अलग अलग जगहों पर अन्य कई जैन धर्म गुरु के मंदिर है.

यह भी पढ़ें-जैन धर्म के 400 साल पुराने ग्रंथ का करवाया अनुवाद

सातवें तीर्थंकर भगवान सुपार्श्वनाथ और 23 वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के अलावा सिंहपुरी भी जैन धर्म के लिए बड़ा तीर्थ स्थल है जो बनारस से 7 मील दूर है इसके अलावा यहां श्रेयांसनाथ भगवान का मंदिर भी है जो सारनाथ से 10 मील दूर है माना जाता है श्रेयांसनाथ भगवान के गर्भ, जन्म, तप से तीन कल्याणक हुए.

—————————–

रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com – या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.

 

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta October 26, 2017 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Jainism

रोहिणी व्रत क्या है और इसे जैन धर्म में इतना पवित्र क्यों माना जाता है?

रोहिणी व्रत क्या है और इसे जैन धर्म में इतना पवित्र क्यों माना जाता है? रोहिणी व्रत जैन धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे…

Read now
Baha'i

‘सोशल रिफॉर्म्स एंड रिसर्च आर्गेनाइजेशन’ ने किया ‘विश्व धर्म संवाद’ का आयोजन

‘सोशल रिफॉर्म्स एंड रिसर्च आर्गेनाइजेशन’ ने किया ‘विश्व धर्म संवाद’ का आयोजन (vishwa dharm samvad) नई दिल्ली। 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस को भारत सरकार ‘युवा दिवस’…

Read now
Baha'i

World Environment Day 2020 : UNEP-URI के आह्वान पर जुटे सर्वधर्म के संत, रिलीजन वर्ल्ड करेगा लाइव प्रसारण

नयी दिल्ली, 4 जून;  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत में धार्मिक संगठनों और धर्म गुरुओं के साथ यूनाइटेड नेशन एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UNEP ) और यनुाइटेड रिलीजन…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *