RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

Hanuman Jayanti 2025: तिथि, पूजा विधि और महत्व

Hanuman Jayanti 2025: तिथि, पूजा विधि और महत्व

Hanuman Jayanti 2025: तिथि, पूजा विधि और महत्व
Visual Archive

Hanuman Jayanti 2025: तिथि, पूजा विधि और महत्व

Hanuman Jayanti 2025: तिथि, पूजा विधि और महत्व

तिथि एवं शुभ मुहूर्त

  • हनुमान जयंती 2025 का पर्व चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को, अर्थात् 12 अप्रैल 2025, शनिवार को मनाया जाएगा।
  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 12 अप्रैल 2025, प्रातः 03:24 बजे
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 13 अप्रैल 2025, प्रातः 05:54 बजे
  • प्रातःकालीन पूजा मुहूर्त: सुबह 7:35 से 9:10 बजे तक
  • संध्याकालीन पूजा मुहूर्त: शाम 6:45 से 8:09 बजे तक

(सटीक मुहूर्त आपके स्थानीय पंचांग के अनुसार भिन्न हो सकता है।)

हनुमान जयंती का महत्व

हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। वे भगवान शिव के ग्यारहवें रुद्र अवतार और भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त माने जाते हैं। हनुमान जी को बल, बुद्धि, भक्ति और विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा-अर्चना करने से सभी प्रकार के भय, नकारात्मक ऊर्जा और संकटों से मुक्ति मिलती है। साथ ही, यह दिन शनि दोष और अन्य ग्रह बाधाओं को शांत करने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

हनुमान जयंती पर पूजन विधि

  1. स्नान एवं संकल्प: प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा का संकल्प लें।
  2. प्रतिमा स्थापना: हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र को लाल कपड़े पर स्थापित करें। उनके साथ भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी की तस्वीर भी रख सकते हैं।
  3. पूजा सामग्री: लाल चंदन, सिंदूर, फूल, अक्षत (चावल), धूप, दीपक, कपूर, मिठाई, फल और पान के पत्ते तैयार करें।
  4. सिंदूर और चोला अर्पण: हनुमान जी को सिंदूर और चमेली के तेल से चोला चढ़ाएं।
  5. दीप प्रज्वलन: धूप और दीपक जलाकर हनुमान जी की आरती करें। कपूर जलाकर उनकी पूजा करें।
  6. पाठ एवं मंत्र जाप: हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, बजरंग बाण और हनुमानाष्टक का पाठ करें।
  7. मंत्र जाप: “ॐ हनुमते नमः” का 108 बार जाप करें।
  8. प्रसाद अर्पण: हनुमान जी को बूंदी के लड्डू, गुड़-चना, केला और तुलसी पत्र का भोग लगाएं।
  9. आरती एवं हवन: हनुमान जी की आरती करें और अगर संभव हो तो हवन करें।
  10. दान-पुण्य: जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करें।

हनुमान जयंती का आध्यात्मिक लाभ

  • जीवन के सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलती है।
  • आत्मबल, साहस और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।
  • ग्रह दोष, विशेषकर शनि की साढ़े साती और ढैया से राहत मिलती है।
  • नकारात्मक ऊर्जाओं और बुरी शक्तियों से रक्षा होती है।
  • भक्तों को सफलता, समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

हनुमान जयंती पर पूरी श्रद्धा और भक्ति से पूजा-अर्चना करने से भगवान हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी संकटों से मुक्ति मिलती है।

~ रिलीजन वर्ल्ड ब्यूरो

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Religion World April 2, 2025 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays