भारतीय सेना और ब्रह्माकुमारीज में समानता, दोनों फैलाती है अमन-शांति का संदेश – सेनाध्यक्ष

- मां और मातृभूमि की सेवा यानी स्वर्ग की प्राप्ति होना – सेनाध्यक्ष
आबू रोड, 30 दिसम्बर, निसं। आंतकवाद और नस्लवाद से लडऩे के लिए देश की सेना हमेशा तत्पर है। देश में अमन-शांति की स्थापना करने के लिए हमारी सेना सीमा पर जिस तरह से कार्यवाही करती है ठीक उसी तरह अमन और चैन के लिए ब्रह्माकुमारीज संस्था एक ही लक्ष्य के साथ कार्यरत रहती है। मैं ऐसा मानता हूं कि हमारी देश के जवान और ब्रह्माकुमारीज में यही सबसे बड़ी समानता है कि दोनों देश में शांति का संदेश देने की कोशिश कर रही है। उक्त विचार भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने ब्रहमाकुमारीज की ओर से आयोजित शहीदों के स्मरणोत्सव में कहीं।

उन्होंने जवानों की तत्परता और सेना के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि मां और मातृभूमि की सेवा करना यानी स्वर्ग की प्राप्ति होना। हर किसी को ऐसा सौभाग्य नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज के लक्ष्य को यूनाइटेड नेशन ने भी सराहा है और मैसेंजर ऑफ पीस के सम्मान से नवाजा है। ऐसे में सेना और ब्रह्माकुमारीज दोनों को हाथ मिलाकर चलना चाहिए। यही नहीं उन्होंने संस्था से इस शांति के दीए को देश में रौशन करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने की भी गुहार लगाई है।

संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी ने कहा कि हमारा देश हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है। हमारे देश में ही शांति और सौहाद्र की हमेशा बात की जाती है ताकि पूरे विश्व में अमन चैन बन सके। ब्रह्माकुमारीज संस्था के अतिरिक्त महासचिव बीके बृजमोहन ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान हमेशा शांति के लिए कार्य कर रहा है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान सेना के साथ हमेशा हर कार्य में तैयार है। इस मौके पर ब्रह्माकुमारीज के कार्यकारी सचिव बीके मृत्युंजय ने कहा, आज का दिन शहीदों को समर्पित है। जो देश की रक्षा के लिए अपनी जान गंवाने पर भी एक बार नहीं सोचते। देश कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
दादी जानकी से की मुलाकात: कार्यक्रम के प्रश्चात सेनाध्यक्ष ने संस्था प्रमुख राजयेागिनी दादी जानकी से मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी तथा काफी देर तक चर्चा की। जिसपर दादी ने विश्व शांति के लिए प्रेरित किया।

शहीद विधवा को किया सम्मानित: कार्यक्रम के दौरान जीरावल के शहीद चेताराम की पत्नी अमिया देवी को शॉल और मोमेंटों भेंकर सम्मानित किया। हवाई पट्टी पर इन्होंने की आगवानी: 11 बजकर 15 मिनटर पर वे मानपुर हवाई पटटी पर पहुंचे। वहॉं सेना के अधिकारियों तथा ब्रह्माकुमारीज संस्था के सूचना निदेशक बीके करूणा, बीके भरत, बीके मृत्युंजय, बीके बनारसी ने स्वागत किया।
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