RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

शाही अंदाज में निकली जूना और अग्नि अखाड़ा की पेशवाई, किन्नर भी हुए शामिल

शाही अंदाज में निकली जूना और अग्नि अखाड़ा की पेशवाई, किन्नर भी हुए शामिल

शाही अंदाज में निकली जूना और अग्नि अखाड़ा की पेशवाई, किन्नर भी हुए शामिल
Visual Archive

शाही अंदाज में निकली जूना और अग्नि अखाड़ा की पेशवाई, किन्नर भी हुए शामिल

शाही पेशवाई|हरिद्वार, 6 मार्च; हरिद्वार में महाकुंभ का आगाज़  हो चुका है. कुंभ में आस्था के प्रतीक और आकर्षण का मुख्य केंद्र पेशवाई होता है. जूना और अग्नि अखाड़े ने गुरुवार को शाही अंदाज में पेशवाई निकाली.



ये पेशवाई पाण्डेवाला ज्वालापुर स्थित गुघाल मंदिर परिसर से शुरू हुई. पेशवाई में अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरि महाराज समेत विभिन्न महामंडलेश्वर आकर्षक ढंग से सजे हुए रथों पर सवार नजर आए.

किन्नर अखाड़े की पेशवाई

इस पेशवाई में सबसे आगे हाथी, फिर ऊंट और उसके बाद नागा साधु इष्ट देव की पालकी थी. आचार्य महामंडलेश्वर और अन्य महामंडलेश्वरो के रथों को फूलों से आकर्षक से आकर्षक ढंग से सजाया गया था.  सभी रथों में चांदी के सिंहासन पर आचार्य महामंडलेश्वर और महामंडलेश्वर विराजमान थे.

यह भी पढ़ें-हरिद्वार महाकुंभ 2021: कुंभ में निकली पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की भव्य पेशवाई

शाही पेशवाई| बड़ी संख्या में नागा साधुओं ने पेशवाई में भगवान शंकर का तांडव, करतब, बल और विभिन्न योग क्रिया दिखाई. पेशवाई में गढ़वाल और कुमायूं से आए लोक कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी.

शाही अंदाज में निकली जूना और अग्नि अखाड़ा की पेशवाई,

हेलीकॉप्टर से फूलों बरसाने से चार चांद लग गए थे. पेशवाई में बड़ी संख्या में नागा साधुयों के साथ संत भी पैदल चल रहे थे.  जूना और अग्नि अखाड़े की पेशवाई में सबसे बड़ा आकर्षण किन्नर अखाड़ा रहा.

किन्नर भी हुए शामिल

शाही पेशवाई| पहली बार किन्नर अखाड़ा किसी पेशवाई में शामिल हुआ. इस अखाड़े के गहनों से लदे और आकर्षक ढंग से सजे सदस्य सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रहे थे.

यह भी पढ़ें-Kumbh 2021 : पंचायती निरंजनी अखाड़ा को मिला नया आचार्य महामण्डलेश्वर

किन्नर अखाड़ा

पेशवाई  किसी भी अखाड़े के लिए विशेष महत्व रखती है जिसमें अखाड़ा अपनी धनबल और जन बल और समृद्धि आदि का प्रदर्शन करता है.

आचार्य महामंडलेश्वर औरपेशवाई ने गुघाल मंदिर परिसर से शुरू होकर शहर भर का भ्रमण करते हुए शंकर आश्रम होते हुए कनखल  हरिद्वार शिवमूर्ति चौक, लालताराव पुल, होते हुए अखाड़े की प्रवेश किया.



आपको बता दें कि अखाड़ा परिषद किन्नर अखाड़े को मान्यता नहीं देता है इसलिए ही किन्नर अखाड़े ने जूना अखाड़े के साथ ही स्नान करने का समझौता किया है.

यह भी पढ़ें-हरिद्वार महाकुंभ: आखिर क्या है जूना अखाड़ा, कैसे होता है रमता पंचों का चुनाव

[video_ads]
[video_ads2]
You can send your stories/happenings here:info@religionworld.in

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta March 6, 2021 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Kumbh 2021

इतिहास : हरिद्वार कुंभ का संघर्षों और दुर्घटनाओं से नाता

प्रत्येक जगह पर कुंभ में सबसे पहले शाही स्नान को लेकर संन्यासियों के अखाड़ों के बीच संघर्ष का इतिहास रहा है. कभी कभी तो यह संघर्ष खूनी संघर्ष…

Read now
Hinduism

महाकुंभ का मुख्य शाही स्नान सफलता पूर्वक सम्पन्न

13 लाख 50 हजार से अधिक लोगों ने गंगा में लगाई पवित्र डुबकी हरिद्वार 14 अप्रैल 2021। कुम्भ मेला का मुख्य शाही स्नान सकुशल और सुव्यवस्थित तरीके से…

Read now
Kumbh 2021

हरिद्वार महाकुंभ: जूना अखाड़े की 200 साध्वी बनीं नागा संन्यासी

हरिद्वार, 8 अप्रैल; हरिद्वार महाकुंभ में श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े में पुरुष नागा संन्यासी बनने के बाद अब दो सौ महिलाओं को नागा संन्यासी बनाने के लिए दीक्षा कार्यक्रम…

Read now