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कब से शुरू होगा कार्तिक मास 2025? जानिए पूर्ण जानकारी पंचांग अनुसार

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कब से शुरू होगा कार्तिक मास 2025? जानिए पूर्ण जानकारी पंचांग अनुसार

कब से शुरू होगा कार्तिक मास 2025? जानिए पूर्ण जानकारी पंचांग अनुसार

हिंदू पंचांग में कार्तिक मास को सबसे पवित्र और पुण्यदायक महीनों में से एक माना गया है। यह महीना भक्ति, तपस्या और दान का प्रतीक है। शास्त्रों में कहा गया है कि जो व्यक्ति कार्तिक मास में स्नान, दीपदान और भगवान विष्णु की उपासना करता है, वह अनेक जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है। आइए जानते हैं, वर्ष 2025 में कार्तिक मास कब से शुरू होगा और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

कार्तिक माह 2025 की सटीक शुरुआत और समाप्ति

पंचांग के अनुसार कार्तिक मास 2025 में 8 अक्टूबर (बुधवार) से शुरू होकर 6 नवम्बर (गुरुवार) तक रहेगा।
यह दिन आश्विन पूर्णिमा के अगले दिन से आरंभ होता है, जिसे शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि कहा जाता है।
इस प्रकार, 8 अक्टूबर से लेकर 6 नवम्बर तक पूरे एक महीने तक कार्तिक माह के धार्मिक उत्सव और व्रत मनाए जाएंगे।

कार्तिक मास के दौरान अनेक प्रमुख पर्व पड़ते हैं, जैसे —

  • करवा चौथ – 9 अक्टूबर 2025

  • अहोई अष्टमी – 13 अक्टूबर 2025

  • धनतेरस – 20 अक्टूबर 2025

  • दीपावली – 22 अक्टूबर 2025

  • गोवर्धन पूजा – 23 अक्टूबर 2025

  • भाई दूज – 24 अक्टूबर 2025

  • देवउठनी एकादशी – 5 नवम्बर 2025

  • कार्तिक पूर्णिमा / गुरु नानक जयंती – 6 नवम्बर 2025

कार्तिक मास का धार्मिक महत्व

कार्तिक मास को भगवान विष्णु का प्रिय महीना कहा गया है।
इस महीने में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करने से धन, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
शास्त्रों में कहा गया है —

“कार्तिके मासि या स्नाति, नित्यं विष्णुपरो भवेत्।”
अर्थात जो व्यक्ति कार्तिक मास में प्रतिदिन स्नान कर भगवान विष्णु का नाम लेता है, वह मोक्ष प्राप्त करता है।

इस महीने में प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में स्नान, दीपदान, तुलसी पूजन और हरि नाम संकीर्तन विशेष रूप से शुभ माने गए हैं।

कार्तिक स्नान और दीपदान का महत्व

कार्तिक मास की सुबह नदी या घर पर स्नान कर भगवान विष्णु को दीप अर्पित करने की परंपरा है।
मान्यता है कि इस समय किया गया दीपदान अखंड पुण्य प्रदान करता है।
साथ ही, तुलसी के पौधे के पास दीप जलाना और प्रति दिन हरि कथा सुनना इस माह की प्रमुख साधना है।

आध्यात्मिक संदेश

कार्तिक माह केवल पूजा-पाठ का समय नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और संयम का भी प्रतीक है।
यह महीना हमें सिखाता है कि भक्ति केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि अंतर्मन की साधना भी है।
इस काल में हिंसा, क्रोध, असत्य और लोभ से दूर रहना चाहिए।

वर्ष 2025 में कार्तिक मास 8 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक रहेगा।
यह पूरा महीना भक्ति, दीपदान और धर्माचरण का समय है।
जो व्यक्ति इस अवधि में श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे जीवन में सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

~ रिलीजन वर्ल्ड ब्यूरो

RW

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By Religion World October 7, 2025 3 min read
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