करवाचौथ 4 नवम्बर को है. इसमें पत्नियाँ अपने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत रखती हैं. वर्तमान समय में अपनी पत्नी के प्रेम के वशीभूत होकर पति भी करवाचौथ का व्रत रख लेते हैं. लेकिन शास्त्रों में इस बात की कोई अनुमति नहीं हैं कि करवाचौथ का व्रत पत्नी के साथ पति भी कर सकता है .
यदि कोई पति ऐसा करता है तो उसके दापंत्य जीवन में अनेकों प्रकार की परेशानियां आ जाती है. आइए जानते हैं करवाचौथ के दिन पति और पत्नी एक साथ व्रत क्यों नहीं रख सकते
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क्यों नहीं रख सकते पति पत्नी एक साथ करवाचौथ का व्रत
करवा चौथ का व्रत में करवे को विशेष महत्व दिया जाता है। करवे को देह का स्वरूप माना जाता है. करवा चौथ के दिन सुहागन महिलाएं इस व्रत को अपनी पति कि लंबी उम्र के लिए करती है. शास्त्रों के अनुसार पुरुष को सूर्य और स्त्री को चंद्रमा माना जाता है. यदि स्त्री इस व्रत को करके चंद्रमा से प्रार्थना करती हैं तो उसके पति के शरीर के सभी रोग समाप्त हो जाते हैं और उसे अरोग्यता प्राप्त होती है.
इसके अलावा करवा चौथ का व्रत रखने से सौभाग्य की वृद्धि भी होती है. शास्त्रों के अनुसार यह व्रत केवल महिलाओं के लिए ही है और महिलाओं को यह व्रत निर्जला रहकर ही करना चाहिए. करवा चौथ का यह व्रत हठ योगी साधना अंतर्गत आता है.
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विपत्तियों का करना पड़ सकता है सामना
जिन घरों में पुरुष भी अपनी पत्नी के साथ करवाचौथ का व्रत रखते हैं.उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का समाना करना पड़ सकता है. ऐसे जोड़ों के साथ अप्रसंगिक घटनाएं घट सकती है और इन जोड़ों के ऊपर अनेकों प्रकार की विपत्तियां आ सकती हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुष करवा चौथ के उन नियमों का पालन नहीं कर सकते. जिनका पालन महिलाएं कर सकती हैं.
अगर नियमों के अनुसार करवा चौथ का व्रत न किया जाए तो उसका अशुभ परिणाम मिलता है. करवा चौथ के व्रत में स्त्री की समर्पण भावना जुड़ी होती है और यह व्रत समर्पण की भावना से की जाती है न हीं अर्पण की भावना से किया जाता है. इसलिए इस व्रत को इतना पवित्र माना जाता है. करवा चौथ पर यदि अपनी पत्नी के लिए व्रत करता है तो वह पूरी तरह उन सभी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं कर पाएगा जो पत्नी अपने पति के लिए पूरा कर सकती है.
यदि कोई पुरुष इस व्रत को करता है और उससे कोई भूल हो जाती है तो उसकी पत्नी का भी करवा चौथ का व्रत खंडित हो जाता है. इसलिए करवा चौथ का व्रत पुरुषों को नहीं करना चाहिए और न हीं किसी भी महिला को अपने पति से यह व्रत जबरदस्ती रखवाना चाहिए. ऐसा करने से आपको करवा चौथ के व्रत को पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा.
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