नीली छतरी मंदिर में “महाशिवरात्रि” पर होगी भगवान शिव की विधि विजन से पूजा अर्चना

- महाशिवरात्रि पर होंगे रुद्राभिषेक व रात में होगी चारों पहर की पूजा – महंत मनीष शर्मा
पांडव कालीन प्राचीन नीली छतरी मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जिसकी स्थापना लगभग 5500 वर्ष पूर्व पांडवों के ज्येष्ठ भाई युधिष्ठिर ने की थी। युधिष्ठिर ने अश्वमेघ यज्ञ का आयोजन इस मंदिर में किया था। इस मंदिर में भारत के वर्तमान वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली सहित भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गाँधी, श्री राजीव गाँधी जैसे अनेकों दिग्गज नीली छतरी मंदिर में रुद्राभिषेक कर चुके है।

दिल्ली के यमुना बाज़ार क्षेत्र में यमुना किनारे स्थित इस शिव मंदिर में महाशिव रात्रि 13 फरवरी को मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि पर यहाँ दिन भर विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज रुद्राभिषेक करेंगे। दिन भर भगवान शिव की पूजा के लिए श्रद्धालुओं का ताँता लगा रहेगा , दिन भर भंडारा चलेगा। महंत प. मनीष शर्मा दर्शन के लिए मंदिर में आसान पर विराजमान रहेंगे। अनेक वेद ज्ञाता पंडित मनोकामना पूर्ण करने के लिए श्रद्धालुओं पूजा कराएँगे।
महाशिवरात्रि पर रात को चार पहर का रुद्राभिषेक वेद पाठी विद्वान ब्राह्मणों द्वारा रात्रि 8 से सुबह 5 बजे होगा।
महाशिरात्रि पर शिव उपासक दिन भर व्रत रखकर भगवान शिव से मनोकामना पूर्ण करने की कामना रखते है वही शिव उपासना मोक्ष प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करती है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को महाशिवरात्रि का आयोजन होता है। नीली छतरी मंदिर में इसकी तैयारीयां प्रारंभ हो चुकी है। महंत मनीष शर्मा, अनेकों पंडित व् श्रद्धालु तैयारियों में दिन रात लगे हुए है |
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