RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

महावीर जयंती 2020 : जानिए क्या होता है कैवल्य ज्ञान

महावीर जयंती 2020 : जानिए क्या होता है कैवल्य ज्ञान

महावीर जयंती 2020 : जानिए क्या होता है कैवल्य ज्ञान
Visual Archive

महावीर जयंती 2020 : जानिए क्या होता है कैवल्य ज्ञान

महावीर स्वामी का जीवन, दर्शन या तप कुछ भी रहा हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुख्य बात यह कि उन्होंने ‘कैवल्य ज्ञान’ की जिस ऊंचाई को छुआ था वह अतुलनीय है।



वह अंतरिक्ष के उस सन्नाटे की तरह है जिसमें किसी भी पदार्थ की उपस्थिति नहीं हो सकती। जहां न ध्वनि है और न ही ऊर्जा। केवल शुद्ध आत्मतत्व। भगवान महावीर जैन धर्म के संस्थापक नहीं प्रतिपादक थे। उन्होंने श्रमण संघ की परंपरा को एक व्यवस्थित रूप दिया।

भगवान महावीर ने 12 साल तक मौन तपस्या तथा गहन ध्‍यान किया। अन्त में उन्हें ‘कैवल्य ज्ञान’ प्राप्त हुआ। कैवल्य ज्ञान प्राप्त होने के बाद भगवान महावीर ने जनकल्याण के लिए शिक्षा देना शुरू की। अर्धमगधी भाषा में वे प्रवचन करने लगे, क्योंकि उस काल में आम जनता की यही भाषा थी।
महावीर का निर्वाण काल विक्रम काल से 470 वर्ष पूर्व, शक काल से 605 वर्ष पूर्व और ईसवी काल से 527 वर्ष पूर्व 72 वर्ष की आयु में कार्तिक कृष्ण (अश्विन) अमावस्या को पावापुरी (बिहार) में हुआ था। निर्वाण दिवस पर घर-घर दीपक जलाकर दीपावली मनाई जाती है।
हिन्दू धर्म में कैवल्य ज्ञान को स्थित प्रज्ञ, प्रज्ञा कहते हैं। यह मोक्ष या समाधि की एक अवस्था होती है। समाधि समयातित है जिसे मोक्ष कहा जाता है।



इस मोक्ष को ही जैन धर्म में कैवल्य ज्ञान और बौद्ध धर्म में संबोधी एवं निर्वाण कहा गया है। योग में इसे समाधि कहा गया है। इसके कई स्तर होते हैं। अंतिम स्तर है ब्रह्मलीन हो जाना। मोक्ष एक ऐसी दशा है जिसे मनोदशा नहीं कह सकते।
You can send your stories/happenings here: info@religionworld.in
RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta April 4, 2020 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Jainism

रोहिणी व्रत क्या है और इसे जैन धर्म में इतना पवित्र क्यों माना जाता है?

रोहिणी व्रत क्या है और इसे जैन धर्म में इतना पवित्र क्यों माना जाता है? रोहिणी व्रत जैन धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे…

Read now
Jainism

वर्धमान से महावीर तक: सच्चे वीर की कथा

वर्धमान से महावीर तक: सच्चे वीर की कथा कुंडलग्राम की धरती पर जब राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के घर वर्धमान का जन्म हुआ, तो वह कोई साधारण…

Read now
Jainism

इस बार प्रभावना की नहीं बल्कि भावना की महावीर जयंती मनाएं – श्रद्धेय ब्रह्मचारी देवेंद्र

श्रद्धेय ब्रह्मचारी देवेंद्र भाई जी ने जैन धर्म की परम्परा के चौबीस वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2619 वाँ जन्मकल्याणक महोत्सव जैन समाज सोशल डिस्टेन्सिंग का पूर्णता…

Read now