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भविष्यफल (राशिफल) : जुलाई 2018

भविष्यफल (राशिफल) : जुलाई 2018

भविष्यफल (राशिफल) : जुलाई 2018
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भविष्यफल (राशिफल) : जुलाई 2018

भविष्यफल (राशिफल) : जुलाई 2018 

यह राशिफल जुलाई 2018 का फल चन्द्रराशि के आधार पर लिखा गया है। जन्मकुंडली में चन्द्रमा जिस राशि में होता है व्यक्ति का राशि वही होता है जैसे यदि चन्द्रमा वृष राशि में है तो उस व्यक्ति का राशि वृष होगा। अतः व्यक्ति को वृष राशिफल देखना चाहिए। वैसे ही नाम के प्रथम वर्ण के आधार पर भी राशि का निर्धारण किया जाता है जैसे यदि आपका नाम दी,दू,ठ,दे,दो,चा,ची वर्ण से आरम्भ हो रहा है तो आपकी मीन राशि होगी। आपको अपना राशिफल अथवा भविष्यफल इसी राशि के अनुसार देखे। जुलाई 2018 का राशिफल अवश्य ही आपको योजनाओ को बनाने में तथा उसका क्रियान्वयन करने में सहायता प्रदान करेगा। इस राशिफल के प्रत्येक शब्द तथा वाक्य विशेष रूप से विचारणीय है।

मेष 

मेष राशि का स्वामी मंगल के वक्री होने से पारिवारिक एवं घरेलू उलझने बढ़ेंगे।  अत्यधिक क्रोध एवं उत्तेजना से कोई बना हुआ कार्य बिगड़ सकता है अतः गुस्से पर पूर्ण नियंत्रण रखे।  पूर्व नियोजित  योजनाओं में विघ्न बाधाओं का सामना करना पर सकता है। कार्य के प्रति ऊर्जावान दिखेंगे।  कार्यस्थल पर जोश में होश न खोये। किसी से लड़ाई-झगड़ा न करे ऐसे अवसर आ सकते हैं।  अवांछित स्थान परिवर्तन हो सकता है। यदि आप स्त्री जातक है और गर्भधारण कर चुकी है तो गर्भपात हो सकता है अतः डॉ के सलाह में रहे तो अच्छा रहेगा।

उपाय– शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना शुभ रहेगा।

वृष

वृष राशि वालों के चतुर्थ भाव में शुक्र ग्रह का संचार करने  से परिस्थितियों में विशेष रूप से परिवर्तन होंगे । घर मे वाहन की खरीद बिक्री हो सकती है। विपरीत परिस्थितियों में विकास संभव है।आय कम और खर्च अधिक  रहेगा । भाई बंधुओं से मतभेद हो सकता है। आपके स्वभाव में तीक्ष्णता एवं उत्तेजना से बनते कामों मेंविघ्न उत्पन्न हो सकते हैं अतः अपनी उत्तेजना को अपने काबू में रखना ही अच्छा रहेगा। पूर्व में किए  गए प्रयासों का प्रतिफल कुछ  दिनों के उपरांत ही मिलेगा।

दाम्पत्य जीवन में नई चेतना का संचार होगा। बंधु बांधव का सहयोग बढ़ेगा ।छात्रों के अंदर प्रतियोगिता के प्रति जागरूकता पैदा होगी जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के चांस बढ़ जाएंगे।

 उपाय—श्रावण महत्व का पाठ करें

मिथुन 

द्वितीय भाव में बुध और राहु के विराजमान होने से बुद्धि में किसी वस्तु विशेष को प्राप्त करने की चाहत बढ़ेगी। मंगल की दृष्टि होने से आर्थिक क्षेत्र में विकास के अवसर बढ़ेंगे। साझेदारी में कोई काम करने का मौका मिल सकता है जल्दबाजी में कोई भी फैसला नहीं करे यदि आप ऐसा करते हैं तो विभिन्न परेशानियों  का सामना करना पड़ेगा। धन हानि का कहीं न कहीं संयोग बन रहा है अतः अविवेकता पूर्वक लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है । क्रोध और तनाव  का वातावरण बना रहेगा।व्यर्थ की यात्रा में परेशानी हो सकती है । यदि पहले से बवासीर से पीड़ित हैं तो इस समय बढ़ सकता है अतः खाने में मसालेदार वस्तुओं का सेवन करने से परहेज करें अच्छा रहेगा।

उपाय – संकट नाशन गणेश स्रोत का नित्य पाठ करें

कर्क 

इस समय बुध व्यय भाव का स्वामी होकर लग्न में रहेगा परिणाम स्वरूप आर्थिक  समस्या का सामना करना पड़ेगा।  बुध के साथ राहु ग्रह भी बैठा है इस कारण अनियोजित खर्च बढ़ेगा।मन बुद्धि में हमेशा भ्रम की स्थिति बनी रहेगी । छोटी-छोटी बात को लेकर क्रोध बढ़ेगा।  स्वास्थ्य को लेकर कुछ समस्या आ सकती है। मित्र वर्ग से सावधान रहें।  किसी  भी नवीन कार्य में धन का इन्वेस्टमेंट ना करें।  प्यार में कुछ गलत न हो जाए इस बात का ध्यान रखे। दाम्पत्य जीवन में प्यार को लेकर परेशानी आ सकती है।  माता के साथ सम्बन्ध में कुछ तनाव हो सकता है।

उपाय – सोमवार का व्रत करें अवश्य ही लाभ होगा।

सिंह 

महीना के प्रारम्भ में लग्न के स्वामी सूर्य के लाभ भाव में होने से लाभ का  दौर चलते रहेगा परन्तु उत्तरार्ध में व्यय भाव में होने से खर्च अधिक बढ़ जाएगा। यदि शादी के योग्य हो गए है तो यह बहुत अच्छा समय है परिणय सूत्र में बंध सकते हैं।  मंगल वक्री होने से सिंह राशि  के जातक में क्रोध बढ़ेगा।  सिरदर्द तथा रक्त विकार हो सकता है।  परिवार में कलह एवं चोट आदि का भय बना रहेगा।  बनते कार्यों में विघ्न आ सकता है।  संतान तथा  परिवार के मध्य सहयोग में कमी रहेगी।  व्यवसायिक क्षेत्र में अस्थिरता एवं उथल पुथल के हालात का सामना करना पर सकता है।

उपाय – दुर्गा सप्तसती का पाठ करें

कन्या 

इस मास लग्नेश बुध के लाभ स्थान में राहु के साथ होने से कार्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण लोगों के साथ संपर्क बढ़ेंगे।  नवीन कार्य की योजना बनेगी परंतु क्रियान्वयन में अभी विलंब रहेगा। प्रॉपर्टी में कोइत  इन्वेस्टमेंट हो सकता है।  महीना के उत्तरार्ध से आर्थिक उलझन आएँगी।  खर्च अधिक के साथ साथ घरेलू परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।  मन में अशांति एवं असंतुष्टता बनी रहेगी जिसके कारण क्रोध बढ़ सकता है। यदि आप स्टूडेंट है और कोई परीक्ष दे रहे है तो संभल कर रहे।

उपाय – शिव की स्तुति करें

तुला 

लग्नेश शुक्र का लाभ स्थान में संचार करना लाभ का संकेत दे रहा है  अतः लाभ के लिए किये गए प्रयास सार्थक  होंगे।  दिनांक 5 जुलाई से से किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति के सहयोग से कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी। किसी कार्य के लिए पूर्व में किये गए प्रयास सार्थक सिद्ध होंगे। यात्रा में चोट आदि का भय तथा माता पिता से मतभेद हो सकते हैं।  सरकारी क्षेत्र में सफलता के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।

उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करे..विशेष लाभ होगा।

वृश्चिक 

जुलाई महीना में पूर्वार्ध में सूर्य शनि समसप्तक योग तथा मंगल वक्री होने से पारिवारिक एवं आर्थिक उलझनों के कारण मन परेशान रहेगा। नियोजित योजनाओं में विघ्न बाधाएं आ सकती है। परिवार में मतभेद हो सकता है तथा कठिन परिस्थितियों के बावजूद आय के साधन बनते रहेंगे। सरकारी नौकरी में है तथा रिश्वत भी लेते है तो संभल जाइये रिश्वत लेते हुए पकडे जा सकते है आपकी शिकायत गुप्त रूप से की जा सकती है।

उपाय-प्रतिदिन बजरंग बाण का पाठ करें।

धनु 

इस माह लग्नेश गुरु वक्री होकर लाभ स्थान से कर्म स्थान में होकर कार्य क्षेत्र में सफलता प्रदान करेगा।  संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है साथ ही नौकरी नहीं कर रहे है तो नौकरी मिल भी सकती है।  मंगल की अष्टमस्थ राहु पर नीच दृष्टि रहने से शरीर में कष्ट हो सकता है। कोई गंभीर गुप्त रोग की शुरुआत हो सकती है। दिनांक 16 के बाद अष्टम में सूर्य राहु योग होने से शारीरिक कष्ट क्रोध एवं मानसिक अशांति बनी रहेगी।  क्रोध की अधिकता मानसिक तनाव दे सकता है। बनते कार्यों में विघ्नों का सामना बना रहेगा।

उपाय-वृहस्पतिवार के दिन विष्णु भगवान् की पूजा करे तथा केले के पेड़ में जल दें।

मकर 

इस महीना किसी नवीन कार्य योजना पर विचार विमर्श होगा।  परिवार में तनाव एवं वैचारिक मतभेद होंगे। धार्मिक कार्यों में प्रवृत्ति बनेगी इसी कारण मानसिक समस्या दूर होगी। आर्थिक उलझन के कारण मन चिंतित रहेगा। दुरस्त दूरस्थ यात्राएं होंगी।  शरीर में चोट आदि का भय बना रहेगा। महीना के उत्तरार्ध में सूर्य शनि योग समसप्तक होने से स्वास्थ्य में परेशानी यथा सिर दर्द, आंखों में कष्ट हो सकता है।  आपके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है।

उपाय – शनि स्तोत्र का पाठ करें।

कुंभ 

आपको व्यवसाय में संघर्षपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। कुछ प्रतिष्ठित लोगों से मेलजोल बनाकर रखें यह मेलजोल से आपके रुके हुए कार्यो की सिद्धि हो सकती है। संतान को लेकर चिंता बनी रहेगी।  दिनांक 16 के बाद परिवार में शुभ एवं धार्मिक कार्यों पर खर्च का योग बन रहा है। यदि भूमि या जायदाद को लेकर मतभेद पहले से चल रहा है तो उसे दूर होने में विलंब होगा।

उपाय- शनि स्तोत्र का पाठ करें।

मीन 

इस माह परिश्रम और पुरुषार्थ करने पर धन लाभ के अवसर प्राप्त होंगे।  किसी निकट सहयोगी की सहायता से बिगड़े हुए कार्यों में सुधार हो सकता है । साझेदारी के कार्यों में उचित लाभ का योग नहीं बन रहा है।  संतान को लेकर परेशान हो सकते है।  आपके मन में हमेशा लाभ- ही- लाभ दिखाई देगा यह स्थिति आपके लिए ठीक नहीं है।  दिवा स्वप्न जागृत हो उठेगा।  किसी नए प्रदेश स्थान पर जाने के अवसर प्राप्त होंगे। प्यार का सिलसिला चल रहा है तो सावधान हो जाइये छोटी सी बात को लेकर रिश्तो में ब्रेक हो सकता है।

उपाय-व्यापार वृद्धि एवं घर में शांति हेतु सुन्दर काण्ड का पाठ करें।

||शुभम भवतु ||

||कल्याण हो ||

पंडित दयानन्द शास्त्री,
(ज्योतिष-वास्तु सलाहकार)
MOB – 09669290067   
WHATS App -09039390067              
FOR JIO – 07000394515. 
RW

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By Religion World June 30, 2018 7 min read
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