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प्रीनेटल योगा : गर्भावस्था के दौरान योग

प्रीनेटल योगा : गर्भावस्था के दौरान योग

प्रीनेटल योगा : गर्भावस्था के दौरान योग
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प्रीनेटल योगा : गर्भावस्था के दौरान योग

प्रीनेटल योगा : गर्भावस्था के दौरान योग

प्रीनेटल योगा और ध्यान आपकी क्‍वालिटी ऑफ लाइफ को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं, इसलिये जब प्रेग्‍नेंसी के दौरान इसका अभ्याास किया जाता है तो इससे मां को और ज्यादा सुकून और संतुष्टि का अहसास होता है. गर्भवती महिलाओं को बेचैनी और घबराहट महसूस होना आम है, खासतौर से जो पहली बार मां बन रही हैं.

‘प्रीनेटल योगा’ गर्भवती महिलाओं के शारीरिक और मानसिक तनाव को दूर करने के लिये योग का एक बेहतरीन प्रकार है. इससे मितली, थकान, कमजोरी, मूड स्विंग, हॉर्मोन्स  का असंतुलन, सांस लेने में परेशानी, गैस की समस्या और पेट में भारीपन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है. प्रीनेटल योगा से शरीर को अनगिनत फायदे मिलते हैं, लेकिन मानसिक और आध्यत्मिक सेहत का दोनों तरह की सेहत भी इससे मिलती है! यह होने वाली मां को उस यात्रा के लिए तैयार करने में मदद करता है जोकि दुनिया में एक नई जिंदगी का स्वागत करने के लिए आपका इंतजार कर रही है.

यहां कुछ आसन दिये गये हैं जिससे आपको बेहतर और सहज गर्भावस्था में मदद मिल सकती है.

 मार्जरासन (कैट-काउ पोज)प्रीनेटल योगा

मार्जरासन से होने वाली मांओं की बेहतर स्ट्रेचिंग होती है और इससे कमर दर्द में राहत मिलती है. और हां, इससे कमर के ऊपरी हिस्से और शरीर के निचले हिस्से में ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर करने में मदद मिलती है.

 

वीरभद्रासन (वारियर पोज)

वीरभद्रासन वीरभद्रासन के आसन 1 और 2 से पैरों तथा जोड़ों को काफी मजबूती मिलती है, इससे आत्मविश्वा स और बढ़ता है और जैसा कि इस आसन का नाम है साहस और हिम्मत भी बढ़ती है.

 

विपरीत करणी आसन (लेग्स अप वॉल पोज)

विपरीत करणी आसनयह आसन हमारे सबसे पसंदीदा आसनों में से एक है. इस आसन से टखनों के आस-पास के दर्द और सूजन में राहत मिलती है. यह आसन राहत पहुंचाता है और ब्‍लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. आप दिन में कई बार इस आसन का सहारा लेती हुई दिखेंगी.

यह भी पढ़ें-योग का अर्थ, पद्धति, शैलियाँ और नियम

बालासन (चाइल्ड पोज)

बालासन दृढ़ता देने वाला यह आसन कई लेवल पर आपको हील करता है और ताजगी प्रदान करता है. इस अवस्था में आप भ्रूण की स्थिति में होती हैं, जो आगे आपको बच्चे से जोड़ती है.

 

बद्ध कोणासन (बाउंड एंगल पोज)

बद्ध कोणासन प्रीनेटल योगाप्रेग्‍नेंसी के दौरान यह सबसे आरामदायक अवस्था  होती है, क्योंकि इसमें आपको अपने पेट के लिये जगह मिलती है, लचीलापन बढ़ता है और आपकी मसल्‍स को आराम मिलता है और उनकी स्ट्रेचिंग होती है.

शवासन (कॉर्प्सं पोज)

शवासन - प्रीनेटल योगा

इस मुद्रा का आप जितना चाहें उतना आनंद ले सकती हैं, प्रेग्‍नेंसी  में आगे आने वाले महीनों में आपको पीठ के बल लेटने में परेशानी आ सकती है. इस मुद्रा में जितना मानसिक और शारीरिक आराम मिलता है वह अद्भुत है. शवासन की मुद्रा आपको नई एनर्जी देती है और आपकी प्रेग्‍नेंसी  के दिन और ज्यादा सहज हो जायेंगे.

हर दिन योग का अभ्यास करने से आप अपने शरीर की जरूरतों से तालमेल बिठा पायेंगी, आपकी प्रेग्‍नेंसी एक आरामदायक प्रक्रिया बन जायेगी. इससे डिलीवरी की प्रोसेस आसान हो जाती है, क्योंकि आप अपनी जरूरतों को समझ पाती हैं और उसे पूरा कर पाती हैं.

RW

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By Shweta July 18, 2019 3 min read
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