RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

रमजान 2019: रोज़ा न रखने पर यह देश देते हैं सख्त सजा

रमजान 2019: रोज़ा न रखने पर यह देश देते हैं सख्त सजा

रमजान 2019: रोज़ा न रखने पर यह देश देते हैं सख्त सजा
Visual Archive

रमजान 2019: रोज़ा न रखने पर यह देश देते हैं सख्त सजा

रमजान 2019: रोज़ा न रखने पर यह देश देते हैं सख्त सजा

जैसा कि सभी जानते हैं कि रमजान का पवित्र महीना चल रहा है: इस माह के दौरान मुस्लिम समाज के लोग पूरे माह रोज़ा रखते हैं.साथ ही पाँचों वक़्त की नमाज़ अदा करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि विश्व में कई ऐसे मुस्लिम देश हैं जहाँ रोज़ा न रखना अपराध माना जाता है. इतना ही नहीं उन देशों में रोजा न रखने वाले सजा के भी हक़दार होते हैं. आइये जानते हैं वो कौन से देश हैं जहाँ रोज़ा न रखना जुर्म माना जाता है.

ओमान – Oman

रमजान के इस पावन माह में ओमान के निवासियों (मुस्लिम या गैर-मुस्लिम) को ओमान दंड संहिता के अनुच्छेद 277 के अनुसार समान आचार संहिता का पालन करना जरूरी होता है. ओमानी कानून में इफ्तार से पहले किसी व्यक्ति द्वारा रोजा तोड़ने, पब्लिक प्लेस पर खान-पान करने और स्मोकिंग करने पर उन्हें 10 दिन से 3 महीने तक की जेल की सजा देने का प्रावधान है. हालांकि इस कानून में जुर्माने की कोई सजा तय नहीं की गई है.

कुवैत – Kuwait 

कुवैत में भी रमजान में मुस्लिम और गैर-मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए सार्वजनिक जगहों पर खाना-पीना, धूम्रपान करना और शराब पीना सख्त मना है. इसके लिए कुवैत में 1968 की कानून संख्या 44 में नियम तोड़ने पर सजा भी तय की गई है, जिसमें व्यक्ति को करीब एक महीने तक की जेल की सजा और 100 कुवैती दीनार (लगभग 23 हज़ार) का जुर्माना अदा करना होता है.

मलेशिया – Malayasia 

मलेशिया भी एक मुस्लिम बहुल देश है. यहाँ पर भी यदि कोई मुस्लिम व्यक्ति इफ्तार से पहले रोज़ा तोड़ता है तो उसे धार्मिक पुलिस गिरफ्तार कर लेती है. इसके अलावा मलेशिया में रमजान में कोई भी इफ्तार से पहले खाना या तम्बाकू नहीं बेच सकता, जिस वजह से यहां शाम को ही खाने-पीने की दुकानें खोली जाती हैं. ऐसा ना करने वालों पर RM 1000 से RM 2000(16 हज़ार से 30 हज़ार से अधिक) तक का जुर्माना और एक साल की कैद की सजा या दोनों हो सकते हैं. यह सजा रोजा न रखने वालों और सार्वजनिक स्थान पर खाने-पीने वाले लोगों पर भी लागू होती है. इतना ही नहीं रोज़े के दौरान खाना बेचने वालों का लाईसेन्स बिना पूछे ही रद्द कर दिया जाता है.

यह भी पढ़ें – रमजान में दातून को क्यों दी जाती है इतनी अहमियत

सऊदी अरब – Saudia Arab

सऊदी अरब का कानून इस्लामिक कानून के मुताबिक बनाया गया है. यहां सभी मुस्लिम लोगों को रोजा रखना बेहद जरूरी होता है. लेकिन अगर विदेशी या गैर-मुस्लिम व्यक्ति यहां इफ्तार से पहले खाते-पीते, धूम्रपान करते, शराब पीते और तेज आवाज में गाना सुनते पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ यहां कड़ी कार्रवाई होती है. इस कार्रवाई के तहत उन्हें कारावास, कोड़े मारने और देश निकाला आदि की सजा दी जाती है.

यूनाइटेड अरब एमिरात (UAE)

इन सबके अलावा uae में रमजान का महीना शुरू होते ही कार्य करने के घंटों में कमी कर दी जाती है.यानी काम करने का समय आठ घंटे से बदलकर छह घंटे कर दिया जाता है UAE में कोई भी कंपनी या फर्म अपने कर्मचारियों चाहे वो मुस्लिम हो या गैर मुस्लिम कप 6 घंटे से ज्यादा काम नहीं करवा सकती है.

@religionworldin

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Religion World May 27, 2019 3 min read
Share: