जैन संत तरूण सागर महाराज के स्वास्थ्य और समाधि की वास्तविक स्थिति क्या हैं ?
जैन संत तरूणसागर महाराज की तबीयत खराब है। पिछले कुछ दिनों से जैन धर्म के अनुयायियों के बीच उनकी तबीयत एक गंभीर चर्चा का विषय बन गई है। कुछ दिन पहले पीलिया होने के बाद उनके स्वास्थ्य में भारी गिरावट के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इसके बाद वो चिकित्सकों की निगरानी में रहे।

30 अगस्त को वे अस्पताल से अपने चातुर्मास प्रवास वाली जगह पर वापस आ गए। उनके स्वास्थय में सुधार नहीं हो रहा था। और इसी के साथ ये चर्चा जोरों पर चल पड़ी कि वे सल्लेखना या समाधि ले रहे हैं। 30 अगस्त की शाम में ही उनके गुरू आचार्य पुष्पदंतजी महाराज के इस संदेश के बाद सबको उनके स्वास्थ्य और समाधि की सूचना सबको मिली।
30 अगस्त की शाम को ही जैन धर्म की श्वेतांबर, वाहनविहारी परंपरा के संत भी तरूणसागरजी महाराज के स्वास्थ्य को देखने पहुंचे और इसके बाद से ये सूचना बाहर आई कि उनके स्वास्थ्य में गिरावट है पर चिकित्सक उनकी देखरेख कर रहे है। आचार्य लोकेश मुनि ने अपने फेसबुक पर ये लिखकर जैन समाज के सांत्वना दी।
31 अगस्त की सुबह दिल्ली के राधेपुरी में जुटी भारी भीड़ को तरूणसागरजी महाराज ने दर्शन दिए और आशीर्वाद भी दिया। इस वक्त उनके साथ ब्रह्मचारी सतीश, क्षुल्लक योगभूषण महाराज और कई दिगंबर संत थे।
31 अगस्त को दिनभर तरूण सागरजी महाराज के सल्लेखना/समाधि की बात सोशल मीडिया पर चलती रही। यहां तक कि उनके नाम से बनें एक नए ट्विटर एकाउंट पर इसी घोषणा भी कई गई। इस ट्विटर एकाउंट की पुष्टि नहीं हो पाई है।
https://twitter.com/TarunSagarJi_/status/1035535782356770817
लेकिन 31 अगस्त की रात में 8 बजे उनसे मिलकर निकले आचार्य मुनि लोकेश के इस फेसबुक पोस्ट से स्थिति बदल सी गई।
रिलीजन वर्ल्ड के सूत्रों के अनुसार तरूणसागर महाराजजी की तबीतय बेहद नाजुक है और वे भोजन और दवाइयों पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे है। पर उन्हें लगातार आक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। उनके स्वास्थय लाभ की कामना जैन समाज में हर कोई कर रहा है।
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