क्या है भागवद गीता के अरबी संस्करण की सच्चाई ?
नयी दिल्ली, 24 अगस्त; हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर ने काफी जोर पकड़ रखा है . वो खबर भगवत गीता से जुडी है. दरअसल हाल ही में सोशल मीडिया में खबर आई की सऊदी अरब सरकार ने भगवत गीता का अरबी संस्करण जारी किया है.
एक निजी वेबसाइट ने इसकी जानकारी के लिए भगवत गीता के सबसे बड़े प्रकाशक गोरखपुर के गीता प्रेस से बातचीत की. गीता प्रेस के मैनेजर लालमणि तिवारी ने बताया कि गीताप्रेस काफी पहले से उर्दू में भगवत गीता का प्रकाशन करता रहा है, लेकिन अरबी में अब तक गीता प्रेस का प्रकाशन नहीं हुआ है.
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उन्होंने बताया कि मुझे भी सोशल मीडिया के जरिए यह खबर पता चली है कि सऊदी अरब सरकार ने अरबी में भगवत गीता का प्रकाशन करवाया है. लेकिन जब उन्होंने इसकी पड़ताल की तो यह खबर झूठी निकली. क्योंकि उर्दू या अरबी में गीता का प्रकाशन अगर होगा तो उसमें भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन की तस्वीरें नहीं लगी होंगी. इस्लाम में तस्वीरों की पूजा नहीं की जाती है.
गीता प्रेस द्वारा उर्दू में निकाले गए भगवत गीता के संस्करण में भी किसी भी देवी या देवता की तस्वीर नहीं छापी है, बल्कि उसकी जगह पेड़ पौधों और प्रकृति की तस्वीर ही पुस्तक में छापी गई है. इसके अलावा अबतक किसी ने भी गीता प्रेस से अरबी अनुवाद के लिए सम्पर्क नहीं किया है. ऐसे में गीता प्रेस के मैनेजर इस खबर को भ्रामक ही करार दे रहे हैं.
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