RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

रोहिणी व्रत: जानें-वासुपूज्य स्वामी की पूजा-विधि और व्रत महत्व

रोहिणी व्रत: जानें-वासुपूज्य स्वामी की पूजा-विधि और व्रत महत्व

रोहिणी व्रत: जानें-वासुपूज्य स्वामी की पूजा-विधि और व्रत महत्व
Visual Archive

रोहिणी व्रत: जानें-वासुपूज्य स्वामी की पूजा-विधि और व्रत महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार 27 नक्षत्र हैं। इनमें एक नक्षत्र रोहिणी है। यह नक्षत्र हर महीने के 27 वें दिन पड़ता है। जून महीने में रोहिणी व्रत 20 जून को है।



इस दिन जैन धर्म के अनुयायी वासुपूज्य स्वामी के निमित्त व्रत रखते हैं और उनकी पूजा करते हैं। खासकर विवाहित स्त्रियां अखंड सुहाग और पति के दीर्घायु के लिए यह व्रत करती हैं।

इस व्रत का पुण्य फल वट सावित्री के समतुल्य होता है। जैन धर्म में मत है कि इस व्रत को पुरुष और स्त्रियां दोनों कर सकते हैं। स्त्रियों के लिए यह व्रत अनिवार्य है।

इस व्रत को कम से 5 महीने और अधिकतम 5 साल तक करना चाहिए। आइए, व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व जानते हैं-

रोहिणी व्रत महत्व
धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और धन का आगमन होता है। साथ ही व्यक्ति को परमपूज्य भगवान वासुपूज्य स्वामी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दिन जैन धर्म की स्त्रियां विशेष पूजा-अर्चना करती हैं, जिसके पुण्य-प्रताप से उनके सौभाग्य में वृद्धि होती है। कालांतर से इस व्रत को करने का विधान है।

रोहिणी व्रत पूजा विधि

इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ सफाई करें। इसके बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान-ध्यान से निवृत होकर व्रत संकल्प लें। इसके बाद आमचन कर अपने आप को शुद्ध करें। अब सबसे पहले भगवान भास्कर को जल का अर्घ्य दें।

तत्पश्चात,  भगवान वासुपूज्य स्वामी की प्राण प्रतिष्ठा कर उनकी पूजा फल, फूल, दूर्वा आदि से करें। दिन भर उपवास रखें। सूर्योदय से पूर्व-पूजा और प्रार्थना कर फलाहार करें।



जैन धर्म में रात्रि के समय भोजन करने की मनाही है। अतः इस व्रत को करने समय फलाहार सूर्यास्त से पूर्व कर लेना चाहिए। अगले दिन नित्य दिनों की तरह पूजा-पाठ संपन्न कर व्रत खोलें।

[video_ads]
[video_ads2]

You can send your stories/happenings here:info@religionworld.in

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta June 20, 2020 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Jainism

रोहिणी व्रत क्या है और इसे जैन धर्म में इतना पवित्र क्यों माना जाता है?

रोहिणी व्रत क्या है और इसे जैन धर्म में इतना पवित्र क्यों माना जाता है? रोहिणी व्रत जैन धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे…

Read now
Jainism

अष्टान्हिका पर्व: जानिये जैन धर्म के इस पर्व के बारे में

जैन धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक अष्टान्हिका पर्व रविवार से शुरू हो गया है। आठ दिन मनाया जाने वाला अष्टान्हिका पर्व जैन धर्म में विशेष स्थान…

Read now
Jainism

आज है रोहिणी व्रत, जानें-वासुपूज्य स्वामी की पूजा विधि और व्रत लाभ

आज रोहिणी व्रत है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, 27 नक्षत्र है। इनमें एक नक्षत्र रोहिणी है। यह नक्षत्र हर महीने के 27 वें दिन पड़ता है। इस दिन…

Read now