Sathya Sai Baba के 93वें जन्मदिवस पर सात दिन का महोत्सव, World Youth Summit का आयोजन

- श्री सत्य साई बाबा जी के 93वें जन्मदिवस उत्सव में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने किया सहभाग
- सात दिवसीय महोत्सव में आज ’वर्ल्ड यूथ समिट’ में भारत के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू जी ने भाग लिया
- वर्ल्ड यूथ समिट का शुभारम्भ राष्ट्रगान से हुआ और समापन भी राष्ट्र के साथ ही हुआ यह एक अद्भुत, दिव्य और भव्य नजारा
उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू जी ने 7 युवाओं (यूथ) को उनकी विशेष उपलब्धि एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिये ’ह्यूमन एक्सीलेंस अवार्डं’ से पुरस्कृत किया - माननीय उपराष्ट्रपति जी ने माता, मातृभाषा, मातृभूमि, मास्टर (गुरू) को हमेशा याद रखने का दिया संदेश
- वर्ल्ड यूथ समिट में गवर्नर, कर्नाटक श्री वजू भाई वाला, कृषि मंत्री कर्नाटक मंत्री सिद्धलिंगा स्वामी, ट्रष्ट प्रमुख श्री नरसिंहमूर्ति जी, श्री श्रीनिवासन जी, भारत के सदाबहार पूर्व क्रिकेट कप्तान सुनील गावस्कर जी, अनेक विभूतियों एवं विश्व के 30 से अधिक देशों से आये श्रद्धालुओं ने किया सहभाग
- भारत की धरती शान्ति की धरती है, वालंटियर तो बने लेकिन वाॅटर वालंटियर बने-स्वामी चिदानन्द सरस्वती
23 नवम्बर, ऋषिकेश/बैंगलोर। श्री सत्य साई बाबा के 93वें जन्मदिवस पर आयोजित वल्र्ड यूथ समिट में भारत के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू जी, परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष एवं ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, कर्नाटक श्री वजू भाई वाला और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सहभाग किया।
वर्ल्ड यूथ समिट के पूर्व संध्या पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और श्री मधूसुदन जी ने 100 युवाओं को उनकी विशेष उपलब्धि एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिये ’ह्यूमन एक्सीलेंस अवार्डं’ से पुरस्कृत किया। उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडू जी ने युवाआंेे को सम्बोधित करते हुये कहा कि मैं आशा करता हूँ कि हमारी शैक्षणिक प्रणाली युवाओं को अच्छी नींव प्रदान करेगी। मुझे यह उम्मीद है कि युवाओं को उच्चतम लक्ष्य बनायें रखना होगा और कड़ी मेहनत करनी होगी साथ ही उन्हे भारतीय आचारों में निहित रहना चाहिये लेकिन हमें हमेशा दुनिया से भी सर्वश्रेष्ठ सीखने के लिये तैयार रहना चाहिये।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारत की धरती शान्ति की धरती है; भारत भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि जीता-जागता राष्ट्र है। उन्होने कहा कि पूज्य साई बाबा जी ने पूरे विश्व को शान्ति की धरती से शान्ति; एकता; अखंडता और आध्यात्मिकता का संदेश दिया।
युवाओं को मेडल देते हुये स्वामी जी महाराज ने कहा कि हम मेडल तो जीते साथ ही जीवन को भी माॅडल बनाये। उन्होने कहा कि हमारे साथ आज भारत के एक ऐेसे ही माॅडल विराजमान है जिन्होने अपनी सेवाओं से अपने जीवन को माॅडल बनाया है वे भारत के उपराष्ट्रपति के पद पर सुशोभित रहते हुये पूरी तरह भारत की संस्कृति एवं संस्कारों से पूर्ण जीवन यापन करते है। वे राजनीति के लिये नहीं बल्कि राष्ट्रनीति के लिये जीते है।
स्वामी जी महाराज ने कहा कि पूज्य श्री सत्य साई बाबा जी ने भारत को और भारतीय संस्कृति को सदैव आगे रखा और शान्ति का संदेश पूरे विश्व में प्रसारित किया। स्वामी जी महाराज ने सभी को संदेश दिया कि गावांे में जाकर सेवा करे यही बाबा को जन्मदिन का हमारी ओर से उपहार होगा। उन्होने कहा कि गांव, सेवा ही राम सेवा है। हम डाॅक्टर, इंजिनियर, प्रोफेसर और चार्टर एकांउटेंट बने परन्तु गांवों को अपने जीवन से जोडे। हम शहरों में बैठकर भी गांवों के लिये बहुत कुछ कर सकते है। साथ ही हम भारत को स्वच्छ भारत बनाने में अपना योगदान प्रदान करे यही बाबा के लिये सच्चा उपहार होगा। बाहर और भीतर कहीं भी गंदगी न हो इसका पूरा-पूरा ख्याल रखे।
स्वामी जी ने वहां उपस्थित युवाओं को गांव सेवा, जल संरक्षण और वृक्षारोपण का संकल्प कराया सभी ने जोर-शोर से भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों के साथ संकल्प लिया।
श्री साई सत्य बाबा जी के जन्म दिवस पर आयोजित वल्र्ड यूथ समिट में विश्व के लगभग 30 से अधिक देशों के युवाओं ने भाग लिये और भक्तिभाव के साथ बाबा का 93 वां जन्मदिन मनाया। गवर्नर, कर्नाटक श्री वजू भाई वाला जी ने पूज्य श्री सत्य साई बाबा जी के 93 वें जन्म जंयती एवं पूज्य गुरूनानक देव जी की 550 वीं जन्म जयंती के अवसर पर सभी को बधाई देते हुये कहा कि ये संत की हमारे देश के कर्णधार है। पूज्य संतों ने ही हमें रास्ता दिखाया है हम उस पर चलते रहे यही समय की आवश्यकता है।
पूर्व क्रिकेट कप्तान श्री सुनील गावस्कर जी ने कहा कि बाबा के दिखाये रास्ते पर और उनका संदेश ’सबको प्यार करो, सबकी सेवा करो’ पर अमल करे और आगे बढ़ते रहे तथा सबको गले लगाते रहे। उन्होने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा और अन्य सेवाओं के माध्यम से जीवन को आगे बढ़ाये। वर्ल्ड यूथ समिट का शुभारम्भ और समापन राष्ट्रगान से हुआ वहां उपस्थित हजारों बच्चों ने राष्ट्रगान गाया तो सचमूच बहुत ही दिव्य एवं देशभावना से युक्त वातावरण बन गया।
Editorial Review Note
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