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Interview : “रूस में हिंदू धर्म की चुनौतियों” को लेकर “स्वामी श्रीप्रकाशजी” से खास बातचीत

Interview : “रूस में हिंदू धर्म की चुनौतियों” को लेकर “स्वामी श्रीप्रकाशजी” से खास बातचीत

Interview : “रूस में हिंदू धर्म की चुनौतियों” को लेकर “स्वामी श्रीप्रकाशजी” से खास बातचीत
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Interview : “रूस में हिंदू धर्म की चुनौतियों” को लेकर “स्वामी श्रीप्रकाशजी” से खास बातचीत

“रूस में हिंदू धर्म की चुनौतियों” को लेकर “स्वामी श्रीप्रकाशजी” से खास बातचीत

रूस में हिंदू धर्म के एक गुरु ने वहां चल रही हिंदू धर्म की गतिविधियों पर खतरे की बात कही है। स्वामी श्रीप्रकाशजी 29 साल से रूस के मास्को में रह रहे है और लोगों को योग, आध्यात्मिकता और हिंदू धर्म की शिक्षाओं के प्रचार प्रसार में लगे हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो जारी करके भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। रिलिजन वर्ल्ड ने उनसे विस्तार से बात की। पेश है इस इंटरव्यू के खास अंश। 

रिलीजन वर्ल्ड : आपने हाल ही में एक मुद्दा उठाया है की रूस में हिन्दू धर्म और हिन्दू धर्म की जो तमाम परम्पराएं चली है उस पर खतरा है? इसके पीछे क्या वजह है? 

श्रीप्रकाश जी : इसके पीछे वजह है की जैसे भारत और रूस के बीच में काफी अच्छा और पुराना सम्बन्ध है. यह ऊपर से तो सही है. यहाँ के लोग भारत की सभ्यता संस्कृति को बहुत चाहते हैं, बहुत पसंद करते हैं. लेकिन उससे यहाँ के जो कुछ रेडिकल ऑर्थोडॉक्स लोग है उन्हें इस बात से आपत्ति है... आप इसे जलन कह सकते हैं या उन्हें अच्छा नहीं लगता है जिस वजह से यह अपना विरोध जताते हैं। 

यहाँ के जो कुछ रेडिकल ऑर्थोडॉक्स लोग है उन्हें इस बात से आपत्ति है

रिलीजन वर्ल्ड : हमने जितना पढ़ा है कि 2010 में रूस की जब जनगणना की गयी थी तब करीबन एक लाख चालीस हज़ार हिन्दू रहा करते थे, हम यह मान कर चल रहे हैं कf उनकी जनसँख्या और बढ़ गयी होगी, ऐसे में जब इतनी बड़ी आबादी वहां मौजूद है तो किस तरह के ये खतरे हैं? 

श्रीप्रकाश जी : नहीं देखिये आबादी है तो, पर यहाँ मास्को में भारत के लोग तो 15000 ही हैं। इन पंद्रह हज़ार भारतियों में 6000 स्टूडेंट्स हैं. तो इस तरह से भारत के लोगों की संख्या तो बहुत कम है. मान लीजिये आप कहते हैं लाख में है तो ऑर्थोडॉक्स चर्च वालों की संख्या मिलियंस में है, उनके मुकाबले हम लोग यहाँ पर अल्पसंख्यक हैं. यहाँ उनकी तरफ से विरोध होते हैं, यह योग को गलत बोलते हैं हमारी सभ्यता संस्कृति को गलत बोलते हैं। हमको याद है जब हम आये थे 1990 में, तो एक एप्लीकेशन साइन करवाते थे, जिसमें लिखा होता था योग करना पाप है। हालाँकि योग के क्षेत्र में अब स्थिति में थोडी सुधरी है, लेकिन फिर भी उनकी तरफ से हमेशा हमारे देवी देवताओं को, भगवान को कुछ ऐसे तत्व हैं जिनमे पहला नाम है एलेग्जेंडर द्वोर्किन हैं, जो खुलकर विरोध करता है। 

जब हम आये थे 1990 में, तो एक एप्लीकेशन साइन करवाते थे, जिसमें लिखा होता था योग करना पाप है।

रिलीजन वर्ल्ड : आप रूस आज से करीब 27 साल पहले गए थे, तबके हालात क्या ऐसे ही थे, क्यूंकि उस समय तो दुनिया इतनी खुली नहीं थी, तो आपको क्या लगता है तब उतनी चुनौतियाँ नहीं थी जितनी अब हो गयी हैं?

श्रीप्रकाश जी : देखिये जब हम आए थे और वर्तमान समय की बात करें तो आज का माहौल काफी खुला हो गया है। पुतिन सरकार है अभी और एक तरह से देखा जाये तो गवर्नमेंट की तरफ से कोई ऐसी बात नहीं है की आप यह नहीं कर सकते हैं। गवर्नमेंट आर्गेनाईजेशन हमें तंग करना चाह रही है ऐसी बात नहीं है, लेकिन यहाँ पर दूसरी तरह की राजनीति है. यह जो व्यक्ति है द्वोर्किन इसके भी गवर्नमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर में सब तो नहीं लेकिन कुछ लोग शामिल है. उनके ज़रिये वो एक्टिव होता है और परेशान करता है। 

गवर्नमेंट आर्गेनाईजेशन हमें तंग करना चाह रही है ऐसी बात नहीं है, लेकिन यहाँ पर दूसरी तरह की राजनीति है.

रिलीजन वर्ल्ड : जिस आदमी की आप बात कर रहे हैं… वो आदमी है कौन जो आपको लगता है आपके पीछे पड़ा हुआ है? 

श्रीप्रकाश जी : वो शख्स है अलेक्सेंडर द्वोर्किन, जिसे सब ऑर्थोडॉक्स चर्च का आदमी बोलते हैं। हर साल उसको ऑर्थोडॉक्स चर्च की ओर से मेडल भी दिया गया है अच्छे काम करने के लिए। जब उन लोगों से कहा जाता है कि हमें क्यूँ तंग किया जा रहा है, तो वहां से जवाब मिलता है कि उन लोगों की पार्टी से हमें कोई मतलब नहीं है. लेकिन यह समझ नहीं आता की उन्हें उस आदमी से कैसे मतलब नहीं जब उनका सारा काम उस जगह से चल रहा है। 

रिलीजन वर्ल्ड : इस आदमी से पहली बार आपका विवाद कैसे हुआ? 

श्रीप्रकाश जी : मेरा विवाद हुआ जब हमारे देवी देवताओं का जिनकी हम आराधना करते हैं जिनको हम पूजते हैं जिनको हम अवतार मानते हैं, उनके बारे में उसने अपने ब्लॉग में गन्दी-गन्दी बातें लिखना शुरू किया। हमने इसका विरोध किया बस वहीँ से यह मेरे पीछे पड़ गया। 

मेरा विवाद हुआ जब हमारे देवी देवताओं का जिनकी हम आराधना करते हैं जिनको हम पूजते हैं

रिलीजन वर्ल्ड : अभी आपके साथ मास्को में या रूस में कितने हिन्दू परिवार या भक्त जुड़े हुए हैं? 

श्रीप्रकाश जी : देखिये मेरे पास आने वालों की संख्या में रशियन ज्यादा हैं। जैसा कि हम आपको बताये हैं की भारतियों की संख्या कम है लेकिन फिर भी इंडियन समुदाय के कई लोग जुड़े हुए हैं हमसे। 

रिलीजन वर्ल्ड : आपके फॉलोअर्स की संख्या कितनी है यहां? 

श्रीप्रकाश जी : काउंट में संख्या क्या बताएं। हम मास्को में रहते हैं वहां हमें लाखों लोग पसंद करते हैं। पुतिन इस मामले में इसलिए पड़ रहे हैं क्योंकि, वो जानते हैं कि हम ऐसे आदमी है जिसे रूस में सब लोग जानते हैं. इसलिए वो न इधर बोल सकते हैं न उधर बोल सकते हैं. लेकिन मोदी जी के बात करने से बात सुलझ सकती है.

मोदी जी के बात करने से बात सुलझ सकती है.

रिलीजन वर्ल्ड : आपको समस्या हो रही है तो क्या आपके हाक्तों को भी मंदिर जाने में या अपना ट्रेडिशन फॉलो करने में कोई दिक्कत आ रही है, जो वहां रहते हैं?

श्रीप्रकाश जी : उस आदमी का कहना है कि तुम सब लोगों को डाइवर्ट करके हिन्दू बना देते हो। उसने अपने ब्लॉग में यहाँ तक लिखा है की वो सम्मोहित करके लोगों को हिन्दू बना देता है. उनका कहना है की हम आत्मा चुरा लेते है। 

रिलीजन वर्ल्ड : आपने फिर स्थानीय स्तर पर या राज्य स्तर पर या राष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को उठाने की कोशिश की है? 

श्रीप्रकाश जी : जी…हमने पिछले साल एक पेटीशन फाइल की थी, Change.org पर। पिछले साल 11 दिसम्बर को एक कार्यक्रम हो रहा था और उस समय उनके कुछ गुंडे जैसे लोगों ने आकर तोड़फोड़ की थी। बाउंड्री वगैरह तोड़ने में लगे थे, तो इसी हमने पेटीशन फाइल की थी और इसकी कॉपी हमने एम्बेसी में भिजवाई थी. हमारे समूह के लोगों ने इसकी कॉपी मोदीजी को दी थी, सुषमा जी को भी दी थी और जनरल वीके सिंह जी को दिये थे… जनरल वीके सिंह से मिले भी थे पर्सनली।

रिलीजन वर्ल्ड : सरकार की ओर से कोई कार्यवाही अभी तक हुई है? 

श्रीप्रकाश जी : हम यह नहीं कह सकते कि कोई कार्यवाही नहीं हुयी है, कोशिश वो लोग कर रहे हैं लेकिन हमें ऐसा लग रहा है की उनके डिप्लोमेटिक रिलेशन न बिगड़े इसलिए वो खुलकर नहीं बोल रहे हैं, लेकिन एम्बेसी वाले जहाँ तक हो पा रहा है मेरी मदद कर रहे हैं। वो लोग कह रहे हैं जब कोई घटना घटे तो आप यहाँ फ़ोन कीजिये हम फॉरेन मिनिस्ट्री से बात करेंगे। इस आदमी की पहुँच बहुत ऊपर तक है तो एम्बेसी की मदद से हमें नहीं लगता यह प्रॉब्लम सॉल्व हो पायेगा। जब तक ऊपर लेवल से इस मामले को शांत करने की बात नहीं होगी तब तक तो यह ऐसा ही रहेगा। 

जब तक ऊपर लेवल से इस मामले को शांत करने की बात नहीं होगी तब तक तो यह ऐसा ही रहेगा। 

रिलीजन वर्ल्ड : जैसी बातें आप कह रहे….हिन्दुओं के खिलाफ वहां कैसा माहौल है? 

श्रीप्रकाश जी : जब ताको कोई आदमी यहाँ व्यापर कर रहा है तब तक ठीक है….चाहे वो इंडियन हो, हिन्दू हो जब तक वो योग फैशन कर रहा है तब तक सही है। जहाँ पर लोगों को डीप इंटरेस्ट आने लगा वहां पर खतरा है। जहाँ पर लोग किसी को पसंद करने लगे तो वो भड़का रहा है सम्मोहित कर रहा है। मतलब अगर हम किसी चीज़ को गहरायी से सझने लगे तो यहाँ दिक्कत कड़ी होने लगती है।

रिलीजन वर्ल्ड : अब भारत सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं? 

श्रीप्रकाश जी :  भारत सरकार से हमें अपेक्षाएं हैं, क्यूँकि फॉरेन मिनिस्ट्री से तो बहुत दिनों से बात कर रहे हैं। अभी तक सुषमा जी अपने मैटर पर कोई ट्वीट वगरह पर लाइक कर देती हैं। हम चाहते हैं की सुषमा जी सीरियसली इस मैटर को देखें। वैसे वो पासपोर्ट के मुद्दे पर तुरंत रिएक्ट करती हैं, हमारी अपेक्षा है कि वे इसे भी देंखे। हम चाह रहे हैं मोदी जी इस मैटर पर पुतिन से सीधी बात करें और इस मैटर को सोल्व करें। 

रिलीजन वर्ल्ड : रशियन लोग भी आपके समर्थक हैं? 

श्रीप्रकाश जी : मेरे समर्थन में बहुत रशियन खडे हैं. इसलिए उनको और अच्छा नहीं लग रहा है. उनको यह पसंद नहीं आ रहा की हमारे यहाँ के लोगों का जुडाव किसी भरी देश के व्यक्ति से कैसे हो सकता है।

RW

Editorial Review Note

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By Religion World November 30, 2017 8 min read
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