डेनमार्क के विद्यार्थियों से के साथ मनाया रामनवमी व दुर्गा नवमी उत्सव


दिनांक 25 मार्च दोपहर 12 बजे से आज यानि 26 मार्च प्रातः 8 बजे तक गाज़ियाबाद स्थित पावन चिंतन धारा आश्रम में रामनवमी व दुर्गा नवमी उत्सव का आयोजन किया गया।
सर्वप्रथम 25 मार्च दोपहर 12 बजे आश्रम के संस्थापक श्रीगुरु पवन जी ने तिलक वंदन कर श्रीराम जन्मोत्सव मनाया।
दोपहर 2 बजे डेनमार्क से Cultural Exchange के लिए आये विद्यार्थियों ने आश्रम के प्रशिक्षुओं के साथ दो घंटे तक विचार-विमर्श किया जिसमें दोनो देशों के बच्चों ने संस्कारों का आदान-प्रदान किया।
तत्पश्चात 4 बजे से एक घंटे तक गुरुमां के सान्निध्य में ध्यान का अभ्यास किया।


तत्पश्चात 5 बजे से प्रारंभ हुआ दुर्गा नवमी उत्सव का कार्यक्रम जिसमें गाज़ियाबाद व दिल्ली के सदस्यों के साथ-साथ कानपुर, लखनऊ, जालंधर, मुम्बई, मेरठ, जयपुर शहरों के सदस्यों ने नृत्य, गायन-भजन की अद्भुत प्रस्तुति दी।
तत्पश्चात आश्रम के प्रशिक्षुओं द्वारा राष्ट्र को समर्पित दिव्य प्रस्तुति दी तत्पश्चात डेन्मार्क से आये विद्यार्थियों ने राम-राम कर अभिवादन किया और अपने देश के दो गीतों से उपस्थित दर्शकों को लुभाया।
तत्पश्चात श्रीगुरुजी ने अपना आशीर्वचन दिया और मां की महिमा का गुणगान करते हुए उन्होंने समाज की परिभाषा को सरलतम तरीके से बताया। समाज क्या होता है, कैसे बनता है और कौन बनाता है? आदि को सविस्तार बताया। उत्सव कार्यक्रम का समापन 9 बजे हुआ तत्पश्चात सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।


रात्रि 12 बजे से माता का जागरण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। 2 बजे तक माता के भजनों पर सभी ने मां को भाव अर्पण किये।
तत्पश्चात श्रीगुरु पवन जी के सान्निध्य में शक्ति ध्यान का अभ्यास, दुर्गा सप्तशती पाठ सम्पन्न हुआ।
साढ़े छः बजे तक यह पाठ पूर्ण होने के पश्चात आयोजित यज्ञ में सर्वशक्ति मंत्र और गायत्री मंत्र की आहुतियां दी गई।
अंत में उपस्थित साधकों ने प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण किया।


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