आधुनिक चिकित्सा पद्धती से मनुष्य ने बहुत हद तक बीमारियों पर विजय हासिल कर ली है। लेकिन आप चाहें तो वास्तु के उपायों को अपनाकर भी स्वस्थ रह सकते हैं। आइये जानते है वास्तु के अनुसार अच्छी सेहत के कुछ उपाय।
शयन कक्ष में कांच/शीशा/मिरर का होना
यदि आपके room में mirror लगा है तो शयन के दौरान सिर शीशों की ओर नहीं होना चाहिए। शीशा अग्नि तत्व का प्रतिरोधक है। अग्नि तत्व के प्रभाव को कम कर देता है, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पडता है।
अपने बेडरूम/शयन कक्ष में जलतत्व की वस्तुएं ना रखें
शयन कक्ष से जल तत्व को भी दूर रखें। कोशिश करें कि पानी से संबंधित कोई पेंटिग या टेलीविजन भी शयन कक्ष में न हो।
शौचालय अथवा जहां वाशिंग मशीन रखी हो, शयन के दौरान उस तरफ सिर न करें
जानियर क्या रखें सावधानी सोते समय
छत में लगे लोहे के बीम के नीचे नही सोना चाहये । यह सिरदर्द और चिडचिडेपन का कारण बन सकता है। यही नहीं, इससे आपसी संबंधों में भी तनाव उत्पन्न होता है।
जिस कक्ष का दरवाजा सीढियों के सामने खुलता हो, ऐसे कमरे में शयन करने से भी बचें, जो लंबे गलियारे के अंत में स्थित हो। इससे उत्पन्न होने वाली नकारात्मक ऊर्जा बीमारी का कारण बनता है।
ध्यान रखें – यदि घर में कोई नुकीली वस्तु जैसे चाकू, तलवार, जानवरो के दांत , इस प्रकार लगी हो, जिसका मुख किसी भी अवस्था में परिवार के सदस्यों की ओर रहता हो। ऐसी नुकीली चीजें आपके स्वास्थ्य के लिए जहरीले पदार्थ का कार्य करते हैं।
वास्तु के अनुसार पूर्व दिशा स्वास्थ्य और लम्बी आयु का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो इस दिशा को ऊर्जावान रखें।
घर में सकारात्मक ऊर्जा को प्रवाहित करने की कोशिश करें , इससे परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य दुरुस्त रहेगा।
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