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जानिए कैसे आपके स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है आपका किचन/रसोईघर —

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जानिए कैसे आपके स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है आपका किचन/रसोईघर —

जानिए कैसे आपके स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है आपका किचन/रसोईघर —

किसी भी घर का सबसे प्रमुख स्थान होता है किचन;  क्योंकि यही वह स्थान है जहां से उस घर में रहने वाले लोगों के लिए भोजन बनता है.इसलिए किचन को अन्नपूर्णा का घर भी कहा जाता है.लेकिन कई बार किचन में मौजूद वास्तु दोष के कारण यह मकान में रहने वाले लोगों की सेहत को भी प्रभावित करने लगता है.आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण किचन में मौजूद वास्तुदोष को भी माना गया है.पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की किचन में भोजन बनाने का काम अग्नि से होता है इसलिए किचन के लिए सबसे उत्तम दिशा दक्षिण पूर्व यानी आग्नेय कोण माना गया है. इस दिशा में किचन होने पर घर की महिलाएं प्रसन्न और स्वस्थ रहती हैं.

किचन के अंदर महिलाओं की हुकूमत चलती है.परिवार में आपसी तालमेल बना रहता है.किचन उत्तर दिशा में होना आर्थिक दृष्टि से अच्छा रहता है.जिस घर में किचन उत्तर दिशा में होता है उस घर की महिला बुद्धिमान  होती है.

यह भी पढ़ें – रसोईघर का निर्माण वास्तु सम्मत होना क्यों चाहिए

पंडित दयानन्द शास्त्री के अनुसार जिनके घर में किचन पूर्व में होता है उनके घर में धन का आगमन अच्छा रहता है लेकिन घर की पूरी कमान पत्नी के हाथ में होता है. 

इन दिनों खाना पकाने में आमतौर पर गैस स्टोव का प्रयोग किया जाता है.कुछ लोग आप इंडक्शन चूल्हा भी इस्तेमाल करने लगे हैं.इन दोनों प्रकार के पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया की चूल्हों के लिए वास्तु विज्ञान में दक्षिण पूर्व यानि आग्नेय दिशा को उत्तम बताया गया है.चूल्हा को इस तरह से रखना चाहिए कि यह दीवार से कम से कम 3 इंच हट कर हो. यह भी ध्यान रखना चाहिए कि यह मुख्यद्वार के सामने या मुख्यद्वार से दिखाई नहीं देता हो. पंडित दयानन्द शास्त्री ने बताया कि भोजन बनाते समय समय गृहणी का चेहरा पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए.

पश्चिम दिशा में चेहरा होने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. दक्षिण दिशा की ओर चेहरा होने पर आर्थिक परेशानी आती है.एक जरूरी बात यह ध्यान रखें कि चूल्हे के ऊपर शेल्फ नहीं होना चाहिए.

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By Religion World December 17, 2017 3 min read
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