RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

वीएचपी ने घोषित की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तारिख

वीएचपी ने घोषित की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तारिख

वीएचपी ने घोषित की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तारिख
Visual Archive

वीएचपी ने घोषित की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तारिख

वीएचपी ने घोषित की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तारिख

अयोध्या में राम मंदिर को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने बड़ा ऐलान किया है. संगठन के इंटरनेशनल जॉइंट सेक्रेटरी सुरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि 18 अक्टूबर 2018 से राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा. अगली धर्म संसद का आयोजन अयोध्या में किया जाएगा. यह वीएचपी की ओर से एक बड़ा ऐलान है, क्योंकि कुछ ही दिनों पहले सरसंघचालक मोहन भागवत ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर बयान दिया थाकर्नाटक के उडुपी में वीएचपी की धर्म संसद में शुक्रवार को मोहन भागवत ने कहा था, ”राम जन्म भूमि पर राम मंदिर ही बनेगा और कुछ नहीं बनेगा, उन्हीं पत्थरों से बनेगा, उन्हीं की अगुवाई में बनेगा जो इसका झंडा लेकर पिछले 20-25 वर्षों से चल रहे हैं.

यह भी पढ़ें-अयोध्या में जल्द होगा राम मंदिर का निर्माणः सुब्रमण्यम स्वामी

भागवत ने कहा था, ‘हम मंदिर का निर्माण करेंगे, यह लोकलुभावन घोषणा नहीं है, बल्कि हमारे विश्वास का विषय है. यह नहीं बदलेगा’. भागवत ने कहा था कि वर्षों के प्रयास और त्याग की बदौलत अब राम मंदिर बनने की संभावना दिखी है. उन्होंने साथ में यह भी कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है. आरएसएस चीफ ने कहा कि राम मंदिर बनने से पहले लोगों में जागरूकता होनी जरूरी थी. हम मंजिल के बेहद करीब हैं और इस वक्त हमें और ज्यादा सचेत रहना है.

यह पहली बार है, जब भागवत ने सार्वजनिक मंच पर राम मंदिर मुद्दे पर खुल कर बोला है. शिया केंद्रीय वक्फ बोर्ड ने इस सप्ताह के शुरुआत में कहा था कि वे लखनऊ में मस्जिद बनाने के लिए तैयार हैं, ताकि आयोध्या में मंदिर बनाया जा सके. इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है.

यह भी पढ़ें-अयोध्या राम मंदिर के मामले में कितने हैं पक्षकार

शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे को याद करते हुए भागवत ने कहा था, “बालासाहेब ने एक बार मुझसे बोला था कि आप केवल कारसेवकों के सहारे राम मंदिर नहीं बना सकते. इसके लिए कठिन लड़ाई लड़नी पड़ेगी, जिसमें 20 से 30 वर्ष लगेंगे. अगर आप लगातार लड़ाई जारी रखेंगे तो 20 से 30 वर्षों में राम मंदिर के निर्माण की संभावना है.” उन्होंने कहा कि स्वंयसेवक उनके पास आते हैं और पूछते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर कब बनेगा. भागवत ने कहा, “मैं उन्हें कुछ नहीं कहता हूं, क्योंकि मैं कोई ज्योतिषी नहीं हूं. यह 1990 में शुरू हुआ. जैसे बालासाहेब ने कहा था, हमने 2010 में 20 वर्ष पूरा कर लिया और 2020 में 30 वर्ष पूरा हो जाएगा. उनका शब्द बेकार नहीं जाएगा.”

—————————————————

रिलीजन वर्ल्ड देश की एकमात्र सभी धर्मों की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट है। रिलीजन वर्ल्ड सदैव सभी धर्मों की सूचनाओं को निष्पक्षता से पेश करेगा। आप सभी तरह की सूचना, खबर, जानकारी, राय, सुझाव हमें इस ईमेल पर भेज सकते हैं – religionworldin@gmail.com – या इस नंबर पर वाट्सएप कर सकते हैं – 9717000666 – आप हमें ट्विटर , फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।
Twitter, Facebook and Youtube.

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta November 29, 2017 3 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Hinduism

क्या आपने देखा है अयोध्या का 56 घाट दीपोत्सव? जानिए, कब होगा?

क्या आपने देखा है अयोध्या का 56 घाट दीपोत्सव? जानिए, कब होगा? अयोध्या, जिसे भगवान राम की नगरी कहा जाता है, हर साल अपने दीपोत्सव (Deepotsav) के लिए…

Read now
Hinduism

कांवड़ यात्रा सावन में ही क्यों होती है? Video

कांवड़ यात्रा सावन में ही क्यों होती है? Video भारत में कांवड़ यात्रा एक अनोखी धार्मिक परंपरा है, जो सावन के महीने में लाखों शिवभक्तों को भगवान शिव…

Read now
Hinduism

चातुर्मास में साधु-संत यात्रा क्यों रोक देते हैं? 

चातुर्मास में साधु-संत यात्रा क्यों रोक देते हैं? चातुर्मास — यह शब्द सुनते ही मन में एक पवित्र ठहराव, तप और आत्मचिंतन की छवि बनती है। यह वह…

Read now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *