Astrology : 9 बजे, 9 मिनट, 5 अप्रैल 2020, रविवार का चुनाव क्यों ?
- नरेन्द्र मोदी ने रोशनी वाला अभियान करने के लिए 5 अप्रैल 2020, रविवार ही क्यों चुनी ?
मोदी जी ने आज के वीडियो संदेश में उन्होंने 05 अप्रैल को रात्रि 9 बजे, 9 मिनट तक रोशनी जलाने का बात कही। उन्होंने तारीख 05 एवं वार ‘रविवार’ ही क्यों चुना ?
9 बजे का वक्त ही क्यों चुना ?
9 मिनट का समय ही क्यों चुना ?

जब पूरा लॉकडाउन ही है तो शनिवार, शुक्रवार या सोमवार कोई भी चुनते क्या फर्क पड़ता? ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री जी ने बताया कि जिनको अंकशास्त्र की थोड़ी भी जानकारी होगी, उनको पता होगा कि 05 अंक बुध का होता है..कोरोना वायरस की यह बीमारी गले और फेफड़ों में ही ज्यादा फैलती है, मुख गले फेफड़े का कारक भी बुध ही होता है। बुध नपुंसक राजकुमार भी है।
रविवार सूर्य का होता है। सूर्य ठहरे राजा साहब। दीपक या प्रकाश भी सूर्य का ही प्रतीक है। 09 अंक होता है मंगल.. सेनापति का..रात या अंधकार होता है शनि का…अब रविवार 5 अप्रैल को, जोकि पूर्णिमा के नजदीक है, मतलब चन्द्र यानी रानी भी मजबूत…सभी प्रकाश बंद करके, रात के 9 बजे, 9 मिनट तक टॉर्च दीपक फ़्लैश लाइट आदि से प्रकाश करना है।

उस समय चौघड़िया अमृतकी रहेगी, होरा भी उस वक्त सूर्य का होगा….शनि के काल में सूर्य को जगाने के प्रयास के तौर पर देखा जा सकता है। 9-9 करके सूर्य के साथ मंगल को भी जागृत करने का प्रयास होगा।
इस सब स्थिति का अर्थ यह हुआ कि शनि राहु रूपी अंधकार (महामारी) को उसी के शासनकाल में में बुध सूर्य चन्द्र और मंगल मिलकर हराने का संकल्प लेंगे। जब किसी भी राज्य के राजा रानी राजकुमार व सेनापति सुरक्षित व सशक्त हैं, तो राज्य का कौन अनिष्ट कर सकता है भला?
लेख-गणना – ज्योतिषाचार्य पण्डित दयानन्द शास्त्री
Editorial Review Note
Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.