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झारखंड के इटखोरी में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप

झारखंड के इटखोरी में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप

झारखंड के इटखोरी में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप
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झारखंड के इटखोरी में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप

झारखंड के इटखोरी में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप

चतरा, 20 फ़रवरी; झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने प्रदेश में दुनिया के सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप बनाने का एलान किया है. मुख्यमंत्री रघुवर दास सोमवार को चतरा में इटखोरी महोत्सव के उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते वक्त एलान किया.
उन्होंने कहा कि इटखोरी में दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप बनाया जाएगा. यह स्थल हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के लिए संगम का काम करेगा. यहां आयोजित होने वाले इटखोरी महोत्सव को केवल जिले का नहीं पूरी दुनिया का महोत्सव बनाया जाएगा. इसके लिए सरकार काम कर रही है.

सीएम ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए मार्च तक मास्टर प्लान तैयार कर लिया जाएगा. जुलाई तक इसका डीपीआर हो जाएगा. अगले वर्ष जब इटखोरी महोत्सव का आयोजन होगा, तब कार्य धरातल पर दिखने लगेंगे. इसके लिए 600 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी. रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में सांस्कृतिक पर्यटन की काफी संभावना है. हमारे यहां विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं. इन्हें विकसित किया जा रहा है. इन स्थानों पर यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि देश दुनिया से लोग यहां अपने परिवार के साथ आकर दर्शन कर सकें. इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे बल्कि काफी मात्रा में विदेशी मुद्रा भी देश को प्राप्त होगी.

यह भी पढ़ें-विश्वशांति हेतु बौद्ध भिक्षु करजा तेन्जिग दंडवत प्रणाम कर चार माह में पहुंचे सारनाथ

रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार विकास के लिए चार क्षेत्रों में विशेष तौर पर कार्य कर रही है. पहला क्षेत्र है कृषि. इसमें तीन प्रक्षेत्र है जिस पर काम हो रहा है. इस में कृषि, पशुपालन और बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है. इसी प्रकार उद्योग को भी राज्य में बढ़ावा दिया जा रहा है. सेवा के क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं है. चौथा क्षेत्र है पर्यटन. इस क्षेत्र पर सरकार के काफी जोर है. विभिन्न पर्यटन स्थलों को जोड़कर सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि श्रद्धालु एक साथ 3-4 स्थलों पर घूमकर यात्रा का आनंद ले सके.

उन्होंने कहा कि चतरा की पहचान पहले उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में आती थी. लेकिन यहां की जनता और पुलिस प्रशासन ने जिस मुस्तैदी से काम किया है, उससे यह क्षेत्र उग्रवाद मुक्त हो गया है. मेरी भटके हुए युवाओं से अपील है कि वे मुख्यधारा में आए, झारखंड सरकार ऐसे बच्चों की मदद के लिए पूरी तरह से तैयार है.

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By Shweta February 20, 2018 3 min read
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