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World Philosophy Day : भारतीय दर्शन आध्यात्मिकता और धर्म से युक्त

World Philosophy Day : भारतीय दर्शन आध्यात्मिकता और धर्म से युक्त

World Philosophy Day : भारतीय दर्शन आध्यात्मिकता और धर्म से युक्त
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World Philosophy Day : भारतीय दर्शन आध्यात्मिकता और धर्म से युक्त

विश्व दर्शन दिवस

ऋषिकेश। विश्व दर्शन दिवस की पूर्व संध्या पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारतीय दर्शन हमें अपने अस्तित्व की वास्तविकता से साक्षात्कार कराता है और भारत की गरिमामय संस्कृति, बंधुत्व और विविधता में एकता की संस्कृति से परिचय कराता है।

philosophy

स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि दर्शन, मनुष्यों को प्रकृति प्रवृत्ति और स्वयं से जोड़ता है। यह वैश्विक स्तर पर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की नींव को मजबूत करने में मदद करता है।

दर्शन, मनुष्य को प्रकृति प्रवृत्ति और स्वयं से जोड़ता है

स्वामी जी ने कहा कि भारतीय दर्शन हमें धर्म और नैतिकता की शिक्षा देता है। धर्म और नैतिकता तथा उसके मध्य अंर्त सम्बंध को समझने के लिये हमें दर्शन को समझना होगा और धर्म के अर्थ को समझना होगा। भारतीय दर्शन में तो धर्म की बहुत ही सुन्दर व्याख्या की गयी है।

भारतीय दर्शन तो आध्यात्मिकता और धर्म से युक्त है। दर्शन कहता है कि आध्यात्मिकता और धर्म से तात्पर्य स्व कर्तव्य पालन और धारण करने से है। अगर सभी लोग धर्म और दर्शन के इस सिद्धान्त को लेकर जीवन में आगे बढ़े तो चारों ओर सह-अस्तित्व और शान्तिपूर्ण वातावरण होगा।

वर्ष 2005 में यूनेस्को के जनरल कॉन्फ्रेंस ने घोषणा की कि नवंबर के हर तीसरे गुरुवार को विश्व दर्शन दिवस मनाया जाएगा, तब से इस दिवस को प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है। विश्व दर्शन दिवस की स्थापना यूनेस्को ने मानवीय गरिमा और विविधता का सम्मान करने वाली दार्शनिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु किया था।

भारतीय दर्शन आध्यात्मिकता और धर्म से युक्त – स्वामी चिदानन्द सरस्वती

परमार्थ निकेतन में आज सम्बोधित करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कोरोना महामारी से बचाव हेतु संदेश देते हुये कहा कि वैक्सीन नहीं आती तब तक स्वनियंत्रण ही वैक्सीन है। उन्होंने कहा कि हम दिव्य गंगा आरती के माध्यम से प्रतिदिन सांयकाल को यह संदेश देते कि 6 फीट की दूरी, मास्क और फिज़िकल डिसटेंसिंग बहुत जरूरी है।

कोरोना वायरस से बचने के लिये सरकार जो नियम बनाये उन नियमों का पालन करना जरूरी है। हमें सुरक्षा को ही सबसे अधिक प्राथमिकता देना चाहिये।

chidanand saraswati

स्वामी जी ने वर्क फार्म होम और वर्क फार्म हिल प्रोजेक्ट पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि इससे पहाड़ पर रोजगार के नये द्वार खुलेंगे, साथ ही लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार आयेगा।

लोग अपनी जड़ों से जुड़ेंगे तथा इससे प्रकृति और पर्यावरण प्रदूषण को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होने कहा कि हमारा कार्य जनहित में हो जन विरोधी न हो। आईये आज संकल्प लें की हम अपने दर्शन से जुड़ें और उसके वास्तविक मर्म को समझें।

@religionworldin

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By Religion World November 23, 2020 3 min read
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