परमार्थ निकेतन में अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्र योग दिवस के पूर्व कराया योगभ्यास


- 21 जून अंतर्राष्ट्रीय राष्ट्र योग दिवस में एफ आर आई में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन से 300 प्रतिनिधि कर रहे सहभाग
- ’योग केवल एक अभ्यास नहीं बल्कि जीवन का विज्ञान है- स्वामी चिदानन्द सरस्वती
- योग, मनुष्य और प्रकृति के बीच का सामंजस्य आत्मा व शरीर की एकता का संयोजन
ऋषिकेश, 19 जून। परमार्थ निकेतन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हेतु योग प्रदर्शन की तैयारियाँ उत्साहपूर्वक हो रही है। आज परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में परमार्थ निकेतन गंगा तट पर योग प्रदर्शन किया गया जिसके अन्तर्गत 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकाल के तहत योग-आसानों का अभ्यास साधकों द्वारा किया गया।
परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष, गंगा एक्शन परिवार के प्रणेता और ग्लोबल इण्टरफेथ वाश एलायंस के संस्थापक स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने देश वासियों का आह्वान कि वे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने के लिए सभी सहयोग करें और नियमित रूप से योग अभ्यास करें ताकि तन व मन दोनों स्वस्थ रह सके।

स्वामी जी महाराज ने कहा कि ‘योग‘ भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह आत्मा और शरीर की एकता का प्रतीक हैं तथा मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। योग के माध्यम से जीवन में एकत्व और समभाव आता है। योग पूरे विश्व को जोडता है। जुडना और जोड़ना ही योग है।
साध्वी आभा सरस्वती, सुश्री नन्दिनी त्रिपाठी जी के मार्गदर्शन में आज परमार्थ परिवार के सदस्यों एवं विश्व के विभिन्न देशों से आये योग साधाकों व सैलानियों ने ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, त्रिकोणासन, मकरासन, वक्रासन, उत्तानपाद, ध्यान, प्राणायाम एंव अन्य आसनों का अभ्यास किया।
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