RELIGION WORLD — THE INDEPENDENT SCIENTIFIC & INTERFAITH JOURNAL
Navigation

© 2026 Religion World Foundation.

Global Faith • Scientific Heritage • Human Ethics

पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की 16 अरब की परियोजना मंजूर

पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की 16 अरब की परियोजना मंजूर

पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की 16 अरब की परियोजना मंजूर
Visual Archive

पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर की 16 अरब की परियोजना मंजूर

इस्लामाबाद, 19  मार्च ;  पाकिस्तान सरकार ने 100.68 अरब रुपये अनुमानित लागत वाली कुल छह प्रमुख विकास परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिसमें 16.5 अरब की लागत के साथ पूर्वव्यापी (एक्स पोस्ट फेक्टो क्लीयरेंस) के साथ करतारपुर कॉरिडोर की परियोजना भी शामिल है।


डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, परियोजनाओं को राष्ट्रीय आर्थिक परिषद की कार्यकारी समिति की एक बैठक में सोमवार को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता वित्त और राजस्व मामलों में प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ. अब्दुल हफीज शेख ने की। परियोजना में लगभग 44 अरब रुपये की विदेशी मदद भी शामिल है।

यह परियोजना विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित अंतर्राष्ट्रीय विकास सहायता (आईडीए) आधारित ऋण का एक हिस्सा है। बैठक में गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के चरण-1 के लिए एक इंजीनियरिंग व निर्माण कार्य के लिए पूर्वव्यापी मंजूरी मिली। इस स्वीकृति के साथ ही यहां होने वाले काम की संशोधित लागत अब 16.546 अरब रुपये निर्धारित की गई है।

पूर्व योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने औपचारिकताओं को पूरा किए बिना इतनी बड़ी परियोजना की पूर्वव्यापी स्वीकृति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मुझे जेल में डाल दिया गया और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने 2.9 अरब की परियोजना के लिए मामले दर्ज किए थे, जो सभी नियमों, अनुमोदन और बोली प्रक्रिया के बाद लागू की गई थी।”

उन्होंने कहा, “लेकिन यहां एक परियोजना को केंद्रीय विकास कार्य दल (सीडीडब्ल्यूपी) और राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के अनुमोदन के बिना और बोली प्रक्रिया के बिना लागू किया गया है और अभी तक पूर्वव्यापी मंजूरी दी जा रही है। ये दोहरे मापदंड हैं। उन्होंने पूछा कि क्या अब एनएबी योजना मंत्री या वित्त मंत्री के खिलाफ जांच शुरू करेगी?”




सिख श्रद्धालुओं के डेरा बाबा नानक तक पहुंचने के लिए करतारपुर कॉरिडोर अहम मार्ग है। यह कॉरिडोर भारत के पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के करतारपुर स्थित दरबार साहिब से जोड़ता है। मान्यता है कि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक सन् 1522 में पंजाब के करतारपुर आए थे और स्थायी रूप से यहीं ठहर गए। कहा जाता है कि नानक साहिब ने अपनी जिंदगी के अंतिम 18 वर्ष यहीं गुजारे थे। यही वजह है कि भारत के साथ ही विश्वभर के सिख समुदाय के लिए करतारपुर साहिब गुरुद्वारे का विशेष महत्व है।You can send your stories/happenings here: info@religionworld.in

RW

Editorial Review Note

Religion World is the country's only website that provides complete information on all religions. Religion World will always present information about all religions impartially. You can send us all kinds of information, news, updates, opinions, and suggestions at religionworldin@gmail.com.You can also follow us on X (Twitter), Facebook, and YouTube.

By Shweta March 19, 2020 2 min read
Share:

Related Historical & Critical Essays

Sikhism

सिख श्रद्धालुओं के लिए पाकिस्तान करतारपुर गलियारा फिर खोलने को तैयार

इस्लामाबाद,29 जून; पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने शनिवार को बताया कि उसने भारत को बता दिया है कि पंजाब प्रांत के सिख गुरू महाराजा रणजीत सिंह की…

Read now
Sikhism

कोरोना की वजह से करतारपुर कॉरिडोर बंद, 107 हुई मरीजों की संख्या

नयी दिल्ली 16 मार्च; कोरोना वायरस के डर से केंद्र सरकार ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर करतारपुर कॉरिडोर से होकर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब की यात्रा पर 16…

Read now
Sikhism

Kartarpur Corridor : अब तक 45000 श्रद्धालु कर चुके हैं करतारपुर साहिब के दर्शन

नयी दिल्ली, 13 फरवरी; करतारपुर कॉरिडोर खुलने के बाद अब तक करतारपुर साहिब Kartarpur Corridor के 45000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं.  यह जानकारी एक सवाल के जवाब…

Read now